माननीय सुप्रीम कोर्�� द्वारा आरक्षण उपवर्गीकरण के दरवाजे खोले गए लेकिन कुछ लोग अब भी भोले भाले आदिवासियो के आरक्षण से वंचित रखना चाह रहे है लेकिन उनके ये मंसूबे कामयाब हज होंगे.….
• ट्रस्ट की बैठक में चोरी को 'लापरवाही' बताया गया, लेकिन अगर यह सिर्फ लापरवाही थी तो FIR, SIT जांच और गिरफ्तारियों की जरूरत क्यों पड़ी
• ट्रस्ट और BJP सरकार को चढ़ावा चोरी पर पारदर्शी जवाब देना चाहिए, क्योंकि अब तक सिर्फ लीपापोती की जा रही है
• जब राम मंदिर से जुड़े सारे कार्यों का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी ने लिया तो विवाद सामने आने पर वे जवाबदेही क्यों नहीं ले रहे
• चढ़ावा चोरी पर ���ोषाध्यक्ष गोल-मोल जवाब दे रहे हैं। शुरुआत में ही जमीन घोटाले की बात सामने आई थी, जहां 2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ में खरीदी गई
: पूर्व मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी
📍 दिल्ली
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर AICC में प्रेस वार्ता :
*कांग्रेस सरकार द्वारा बंसी पहाड़पुर से लीगल तरीके से मंदिर निर्माण के लिए पत्थर उपलब्ध करवाया गया था*
राजस्थान के लोगों का एक अलग ���गाव है क्योंकि जब मंदिर बन रहा था तब वहाँ इल्लीगल माइनिंग हो रही थी। बंसी पहाड़पुर करके जगह है एक भरतपुर के अंदर, पत्थर वहीं से मंदिर बनने के लिए जा रहा था।
मिस्टर चंपत राय जी मेरे से मिले थे और एक और कोई दिनेश जी या कोई नाम थे वो भी आए थे। मैंने उनको कहा, "आप पवित्र काम करने की बात करते हो राम मंदिर की, तो अवैध पत्थर मत ले जाओ। इसको आप लीगल माइनिंग का पत्थर ले जाओ।" वो जो एरिया था बंसी पहाड़पुर का, ��हाँ पर ��ल्लीगल माइनिंग हो रही थी, तो बात फिर पीएमओ तक गई, फिर मिस्टर नृपेंद्र मिश्रा मेरे संपर्क में आए और उनको पूरी बात समझाई गई। फिर हमने रिकमेंड किया वहाँ उस एरिया को फारेस्ट से निकालने का। फिर फारेस्ट एरिया से निकाला गया। राम मंदिर का मामला था, तो स्मूथली वो काम भी हो गया वरना तो वो बरसों लग जाते हैं, निकलता नहीं है। हमें धन्यवाद भी दिया गया, वो अलग बात है।
इस पवित्र काम में भी चोरी हो जाए या इतने ब��़े रूप में जो आरोप लग रहे हैं और ऐसा माहौल बन जाए कि पूरे देश के अंदर हर गाँव में, हर घर में चर्चा होने लग जाए तो एक विश्वासघात वाली बात हो गई।
मुज़फ्फरनगर में मजदूरों की बंधुआ मजदूरी का मामला बेहद चौंकाने वाला है।
बिना मज़दूरी दिए काम करवाने के अलावा, मजदूरों को कुत्तों से कटवाया गया, भाले से गोदा गया, कोड़े मारे गए, और उन्हें मवेशियों का चारा खिलाया गया। यह इंसानी गरिमा पर हमला है - पीड़ितों को न्याय के साथ पुनर्वास और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
साथ ही हमें यह भी पूछना ज़रूरी है कि मज़दूर ऐसी खतरनाक परिस्थितियों में किन मजबूरियों में फंस जाते हैं।
जब रोज़गार ख़त्म हो जाते हैं, आमदनी ठहर जाती है, और सबसे कमज़ोर वर्गों के लिए बने मनरेगा और श्रम कानूनों जैसी सुरक्षाएं कमज़ोर कर दी जाती हैं, तो हताशा बढ़ती जाती है। जिन लोगों के पास कोई और विकल्प या सुरक्षा नहीं होती, वो ऐसे शोषण का आसान शिकार बन जाते हैं।
यह कोई आम आपराधिक घटना नहीं है - यह एक धराशाई हुई अर्थव्यवस्था का मलबा है।
जोधपुर में सांसद के केंद्रीय मंत्री होने तथा जिले से ही राज्य के कानून मंत्री होने के बावजूद भाजपा सरकार जनता के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। चरमराई बिजली-पानी व्यवस्था से आमजन त्रस्त और विकट विपदा में है, लेकिन सरकार उनक�� आवाज दबाने के लिए शहर में धारा 163 (पुरानी 144) लगाकर अभिव्यक्ति की आजादी छीन रही है।
अखबारों में सुचारू पेयजल के झूठे दावे हो रहे हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। इस आक्रोश को दबाने के लिए अंदरखाने पुलिस का पहरा लगाया जा रहा है। राजीव गांधी लिफ्ट परियोजना फेज-3 में ₹1400 करोड़ में से ₹1200 करोड़ के भुगतान के बाद भी काम ठप पड़ा है। मार्च 2025 में पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार, रूट बदलने और फॉरेस्ट क्लीयरेंस के नाम पर उलझाकर मार्च 2027 तक के लिए संशय में डाल दिया गया है।
सरकार बिजली और पानी तक नहीं ��े पा रही है- जनता पूछ रही है कि सरकारी खजाना खाली है या भ्रष्टाचार में लिप्त भाजपा के लोग अपने घर भरने में व्यस्त हैं? भाजपा सरकार यह दमनकारी नीतियां तुरंत बंद करे और जनता को राहत दे।
मीनाक्षी नटराजन जी का राज्यसभा नामांकन रद्द होना गैरकानूनी और ���ोकतंत्र के खिलाफ है।
ऐसा होना नरेंद्र मोदी के इशारे के बिना संभव नहीं है। नरेंद्र मोदी कांग्रेस और लोकतंत्र को खत्म करने के लिए ऐसी साजिशें करवा रहे हैं।
हम चाहते हैं कि सरकार लोकतंत्र के खिलाफ काम न करे, लेकिन मोदी सरकार RSS के एजेंट्स को बड़े पदों पर बैठाकर मनमानी करवा रही है, नियमों की धज्जियां उड़ा रही है। ऐसा ही कुछ झारखंड में भी किया गया।
BJP समर्थित कैंडिडेट परिमल नाथवानी को पूरा समय देकर फॉर्म की गलतियां सही करवाई गईं, लेकिन कांग्रेस के कैंडिडेट के नामांकन को तुरंत निरस्त कर दिया गया।
साफ है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष काम नहीं ��र रहा है।
: कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge
मीनाक्षी नटराजन जी का राज्यसभा के लिए नामांकन रद्द कर दिया गया।
जब रिटर्निंग ऑफिसर से पूछा गया कि आपने ये गलती क्यों की?
तब रिटर्निंग ऑफिसर का जवाब आया- मुझे पता है मैंने गलती की है, लेकिन मुझे नौकरी करनी है और इनके साथ रहना है। सरकार इन्हीं की है।
हालात देखिए कि रिटर्निंग ऑफिसर भी मान रहा है कि उसने दबाव में गलत काम किया है।
वहीं, दूसरी तरफ चुनाव आयोग भी सुप्रीम कोर्ट को गुमराह कर रहा है। चुनाव आयोग ने कल सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उन्हें हमारी याचिका नहीं मिली, जबकि कांग्रेस का डेलिगेशन दो दिन पहले उनसे मिल चुका है।
अफसोस की बात है कि चुनाव आयोग ही लोकतंत्र का गला घोंट रहा है। BJP पहले 'वोट चोरी' किया करती थी, अब वो सीधा 'सीट चोरी' करने लगी है।
: मध्य प्रदेश के CLP नेता @UmangSinghar जी
📍 दिल्ली
After Vote Chori and Sarkar Chori - the BJP-EC jugalbandi has finished the contest before it has even begun with Seat Chori.
Look at what happened in the recent Rajya Sabha elections.
Congress candidate Meenakshi Natarajan ji submitted every document. No pending cases. The EC cancelled her nomination on a frivolous BJP objection.
Parimal Nathwani ji, the BJP-backed independent, got his own name wrong on the form and skipped multiple mandatory disclosures. The EC gave him an extension to fix everything.
Same Election Commission. Two candidates. One was disqualified without even a hearing. The other was rewarded despite not following the rules.
When the Congress sought a meeting, the EC first tried to evade us. When we finally met, they did not say one word.
Expect to see much more of this - because for the BJP, it is far easier to fix the election than to win it.
“अब इस व्यवस्था पर हमें कोई भरोसा नहीं रहा।”
यह आज कुछ NEET अभ्यर्थियों ने मुझसे कहा।
उनका ग़ुस्सा साफ़ दिख रहा था, और उनके सब्र का बाँध टूट चुका है। देश का युवा अब मोदी सरकार के भ्रष्टाचार और बेरुख़ी को और बर्दाश्त नहीं करेगा।
और याद रखिए - यही युवा इस व्यवस्था को बदलेगा।
#Jodhpur: सरकारी काम के दौरान पीएचईडी कनिष्ठ अभियंता से मारपीट का मामला
जलदाय विभाग के अधिकारियों ने एकत्रित होकर जताया विरोध, कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को कार्रवाई की मांग को....
#RajasthanWithFirstIndia@JodhpurDm
Exclusive: India declines Russian LNG under sanctions, talks continue on permitted cargoes, sources say https://t.co/cobBRtHcTe https://t.co/cobBRtHcTe
@BJP4India@narendramodi भारत की शिक्षा नीति में पूरी तरह से बदलाव होना चाहिए और प्राथमिक स्तर से कौशल आधारित को अनिवार्य कर देना चाहिए जिससे भारत के उत्पादन में बढ़ोत्तरी हो , मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिले अन्य देशों के उत्पादकों पर निर्भरता कम हो।।
@BJP4India@narendramodi भारत की शिक्षा नीति में पूरी तरह से बदलाव होना चाहिए और प्राथमिक स्तर से कौशल आधारित को अनिवार्य कर देना चाहिए जिससे भारत के उत्पादन में बढ़ोत्तरी हो , मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिले अन्य देशों के उत्पादकों पर निर्भरता कम हो।।