@dranuj_k New generation should take the lead. Respect the warriors connected to water, forests and land throughout
their lives.☜
वीर बिरसा अमर रहें
🚩💗💐🙏
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पुराने ही लिबास में वो महफ़िल में आ गया ,
बेटी की एक ख़ुशी पे सब कुछ लुटा गया ।
दौलत पे नाज़ करने वाले देखते ही रह गए ,
बाप अपनी मुफ़लिसी में भी इज्जत कमा गया।
भारतीय माताओं को क्या ही आनंद होगा जब 'लक्ष्मी' के स्वागत में चांदी का रथ होगा। घर में बेटी के जन्म के लिए 200 सालों से तरसते रहे एक परिवार की सोच कुछ ऐसी ही रही होगी।
दरअसल, महाराष्ट्र के बीड जिले के दहिफाले परिवार में चार पीढ़ियों के बाद एक बेटी के जन्म का शुभ अवसर आया। तब इस परिवार ने बेटी के जन्म को भव्य उत्सव में बदल दिया। उन्होंने रथ यात्रा के माध्यम से नवजात का जोरदार स्वागत किया। इस बच्ची का नाम गार्गी रखा गया है।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गार्गी को उसकी मां के साथ रथ में ढोल, झांझ के साथ नृत्य करते हुए एक शोभा यात्रा में घर लाया गया।
दहिफाले परिवार ने मंगलवार को बताया कि पिछले दो शताब्दियों में उनके पास कोई बेटी नहीं थी। परिवार के दादा ने कहा, यह हमारे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है कि परिवार में एक बेटी का जन्म हुआ है। इतने वर्षों से हमें बेटी नहीं होने का अफसोस था और आज वह इच्छा पूरी हुई है।
गार्गी की दादी सुरेखा दहिफाले ने इस बच्ची को 'लक्ष्मी देवी' कहा, जो हिंदू धर्म में धन की देवी हैं।
उन्होंने कहा कि परिवार ने अस्पताल में ही तय कर लिया था कि वे इस बच्ची का भव्य स्वागत करेंगे। बच्ची के पिता ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, बेटियां आमतौर पर अपने पिता के करीब होती हैं; हम उसे एक फूल की तरह पालेंगे।
उन्होंने कहा कि जबकि लोग आमतौर पर बेटे की इच्छा रखते हैं, बेटी होने का अनुभव अलग होता है।
इससे पहले, राजस्थान के पिपलांत्री गांव में एक बेटी के जन्म का उत्सव मनाया गया था, जहां प्रत्येक बेटी के जन्म पर 111 पौधे लगाए जाते हैं। यह प्रथा गांव के पूर्व सरपंच श्याम सुंदर पालीवाल द्वारा उनकी बेटी की मृत्यु के बाद शुरू की गई थी।
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Retire by age 35–40
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Any man can do this if he doesn't get married.
Marriage is a burden.
Drishti IAS के founder विकास दिव्यकीर्ति जब reservation के समर्थन में यह तर्क रखते हैं कि हजारों वर्षों तक शिक्षा पर सिर्फ ब्राह्मणों का अधिकार था, तो Ajeet Bharti ने इसी दावे को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया।
अगर ऐसा हुआ है तो उसका प्रमाण दो! सिर्फ़ मुंडी हिला के बोल देने से इतिहास नहीं बदल जाता। अगर ऐसा है तो प्रमाण दो। विकास दिव्यकीर्ति ही वो व्यक्ति हैं जिसने“स्तन टैक्स” वाली झूठी कहानी लोगों तक परोसी थी!