एक उच्च कोटि के अंधभक्त का विडियो देखिए...
हंसे बगैर नहीं रह पायेंगे..!!
डंका बजाने निकले थे, भूगोल ने ही पोल खोल दी!
इस अंधभक्त को पाँच देशों के नाम नहीं पता, लेकिन दावा ऐसा मान�� पूरी दुनिया इनके इशारे पर नाच रही हो! 🤣
किसी ने कह दिया या वाट्सअप युनिवर्सिटी में आइटी सेल के गोबर ज्ञान पढ़ लिया कि “भारत का डंका बज रहा है”, इन्होंने बिना जाँच-पड़ताल के डंका सिर पर उठा लिया! 😂
तथ्य ज़ीरो, अंधभक्ति 100% यही है गोबर-ज्ञान का ग्लोबल वर्जन!
दोस्तों इस विडियो को रिपोस्ट जरुर करे और अंधभक्तों को जरुर दिखाएं।
जोधपुर वालों...
यह गाना जोधपुर वाले लोगों के लिए है.
जोधपुर में 11 सितम्बर को नगर निगम का चुनाव है, जोधपुर वालों जब नेता आपके मोहल्ले या वार्ड में वोट मांगने आये तो उनसे एक सवाल जरूर पुछना की पिछले पांच सालों में किया क्या!
आप जनता है आप मालिक है, वो वार्ड पार्षद है वो हमारा नौकर है और मालिक ���ो नौकर से हिसाब मांगने का हक है।
हमने उसे चुनकर काम करने के लिए भेजा था आराम करने के लिए।
तो जोधपुर वालों हो जाएं तैयार
की अबकी बार, पहले पांच साल हिसाब दो यार
हमें हिसाब चाहिए, जब-तक हिसाब नहीं मिलेगा तब तक तुम्हें वोट नहीं मिलेगा।
दोस्तों इस पोस्ट को इतना रिपोस्ट करें कि जोधपुर के हर मोहल्ले तक पहुंच जाएं।
इतिहास को व्हाट्सऐप की कहानियों से नहीं, दस्तावेज़ों और प्रमाणिक पुस्तकों से पढ़िए!
1937 में अहमदाबाद (कर्णावती) में हिंदू महासभा के 19वें अधिवेशन में अध्यक्ष के रूप में सावरकर ने कहा भारत को एकात्मक और समरूप राष्ट्र नहीं माना जा सकता; यहाँ “मुख्यतः दो राष्ट्र हिंदू और मुसलमान” हैं। यह कथन सावरकर के अपने प्रकाशित भाषण में दर्ज है।
इसके तीन साल बाद, 22–24 मार्च 1940 को लाहौर में मुस्लिम लीग का अधिवेशन हुआ और लाहौर प्रस्ताव पारित ��ुआ, जिसने मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों के लिए अलग राजनीतिक व्यवस्था/राज्य की मांग को निर्णायक दिशा दी। आगे चलकर यही पाकिस्तान की मांग का आधार बना। इतिहासकार आर.जे. मूर भी 1940 के मुस्लिम लीग के पाकिस्तान-प्रस्ताव को इस प्रक्रिया की केंद्रीय कड़ी मानते हैं।
1942 में हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग दोनों का गठबंधन होता है और दोनों मिलकर देश के तीन प्रांतीय राज्य में सरकार बनाते है
सिंध सिंध (Sindh)
उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत
बंगाल
और श्यामा प्रसाद मुखर्जी खुद बंगाल का वित्तमंत्री भी बनते हैं।
1942 में ही सिंध के एसेंबली में भारत और पाकिस्तान के बटवारे के प्रस्तावना पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी अपना समर्थन भी देते हैं।
यानी धर्म आधारित अलग-अलग राजनीतिक राष्ट्रवाद की राजनीति ने भारतीय उपमहाद्वीप को ऐसी दिशा में धकेला, जिसका अंतिम परिणाम 1947 का विभाजन बना।
��ेकिन इतिहास को सिर्फ एक व्यक्ति या एक संगठन के खाते में डाल देना भी गलत होगा।
ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियां, अलग निर्वाचन व्यवस्था, कांग्रेस-मुस्लिम लीग के राजनीतिक टकराव, जिन्ना की मुस्लिम राष्ट्र की राजनीति, हिंदू महासभा का हिंदू राष्ट्रवाद और 1946–47 की भयानक साम्प्रदायिक हिंसा इन सबने मिलकर विभाजन की जमीन तैयार की।
और सबसे बड़ी त्रासदी?
करोड़ों लोगों का विस्थापन हुआ, लाखों लोगों की जान ग�� और हिंदू-मुस्लिम संबंधों पर ऐसी चोट लगी जिसका दर्द आज भी महसूस होता है।
इसलिए सवाल किसी एक समुदाय से नफरत का नहीं है।
सवाल यह है कि धर्म को राष्ट्र की राजनीति का आधार बनाने वालों ने इस देश को क्या कीमत चुकवाई?
सावरकर का 1937 का “दो राष्ट्र” वाला कथन हो या जिन्ना की 1940 के बाद की दो-राष्ट्र राजनीति दोनों को इतिहास की किताबों और मूल दस्तावेजों के साथ पढ़ना चाहिए, न कि राजनीतिक सुविधा के हिसाब से।
और गांधी?
गांधी ने लंबे समय तक विभाजन का विरो�� किया। अंततः 1947 में परिस्थितियां ऐसी बनीं कि कांग्रेस नेतृत्व ने विभाजन की योजना स्वीकार की। इसे केवल “गांधी की वजह से विभाजन हुआ” कह देना इतिहास को उलट देना है।
इतिहास का सबसे बड़ा सबक यही है जब धर्म और राष्ट्रवाद की राजनीति समाज को दो विरोधी खेमों में बांट देती है, तो उसकी कीमत आम जनता अपनी जान, घर और भविष्य से चुकाती है।
1947 सिर्फ भारत का विभाजन नहीं था।
यह उस राजनीति की भयावह कीमत थी, जिसन��� हिंदू और मुसलमान को पहले “अलग राष्ट्र” समझाया और फिर एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया।
इतिहास पढ़िए।
मूल दस्तावेज पढ़िए।
फिर तय कीजिए विभाजन से फायदा किसे हुआ और कीमत किसने चुकाई?
अंत में सभी मित्रों से विनम्र निवेदन है कि इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा रिपोस्ट करें और लोगों को सच्चाई से अवगत कराएं।
एक बात और वाट्सअप युनिवर्सिटी पर कोई भी लेख पढ़ने से पहले एक बार उसका फैक्ट चेक जरुर कर ले, क्योंकि वाट्सअप युनिवर्सिटी पर 99.99% कहानी झुठ होता है।
पोस्ट अगर अच्छा लगे तो अपना विचार कमेंट बॉक्स जरुर बताएं और पोस्ट को रिपोस्ट जरुर करे।
रामदेव ने खोल दिया ‘मांडवा’ का दरवाज़ा!
जिस रामदेव ने सालों तक मोदी सरकार के गुणगान में कोई कसर नहीं छोड़ी, वही अब कह रहे हैं भारत अमेरिका के इशारे पर चलता है!
"भारत का मानस आज अमेरिका के हाथों में है.."
तो बाबा, बात आधी क्यों?
सीधे बोलिए क्या मोदी सरकार अमेरिका के दबाव में फैसले लेती है?
और मोदीजी अब कंप्रोमाइज पीएम बन कर रह गए हैं।
‘अग्निपथ’ के मांडवा से लेकर सत्ता के गलियारों तक सवाल एक ही है आखिर भारत की नीति भारत तय करता है या अमेरिका?
रामदेव ने इतने विवादों के बीच कम-से-कम एक बड़ा सवाल तो उठा दिया। अब जवाब मोदी सरकार को देना चाहिए।
दो दिन पहले “हीरा-नगीना”, आज सिस्टम की चीर-फाड़!
रेखा गुप्ता की तारीफ़ों और आम जनता के सवालों के बीच दिल्ली पूछ रही है असल में MCD चला कौन रहा है?
कंगन��� से रेखा तक रीलें बढ़ीं, मगर जवाबदेही कहाँ गई?
विदेशों में मंदिर, भारत में ढहता सिस्टम भक्तों, How’s the Josh?
रील से देश नहीं चलता… सिस्टम ठीक करना पड़ता है!
पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा रिपोस्ट करें दोस्तों।
"हर सवाल पर बोले, सब चंगा सी"
यह गाना अंधभक्तों को समर्पित है
देश में मंहगाई बढ़ गई फिर भी अंधभक्त तालियां बजाते हैं।
देश में धीरे धीरे नौकरी ��म होती जा रही है फिर भी अंधभक्त खुश हैं, क्योंकि उनका पेट गोबर से भर जाता है।
आम इंसान की जान आज कीड़े मकोड़े से भी बद्तर हो गई, मगर अंधभकत कहते हैं कि सब चंगा सी।
देश के आम नौजवानों इस गाने को रिपोस्ट करें और अंधभक्तों तक पहुंचाए, क्योंकि अंधभक्त इस गाने को रिपोस्ट नहीं करेंगे।
आप सभी सवाल पुछे की सब चंगा सी कैसे?
दिल्ली में इमारत नहीं गिरी, किसी का पूरा भविष्य मलबे में दब गया!
पढ़ने आए छात्र सुरक्षित छत के हकदार थे, मौत के साये के नहीं।
रेस्क्यू जारी है… लेकिन हर गुजरता मिनट किसी परिवार की धड़कन रोक रहा है।
आखिर कब तक लापरवाही की कीमत आम लोग अपनी ज़िंदगी देकर चुकाएंगे?
विडियो को रिपोस्ट कर के आप भी सवाल पूछिए।
#Delhi #BuildingCollapse #StudentSafety #SouthCampus #BreakingNews
सत्यनिकेतन हादसा: सिर्फ एक इमारत नहीं, सत्ता की दलाली की पूरी व्यवस्था उजागर!
25 और बिल्डिंग्स खतरे में – क्या सत्ता कर रही मौतों का सौदा?
दिल्ली के सत्यनिकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने से 6 मासूम छात्रों की मौत का कगार अब सियासी गलियारों तक पहुँच गया है।
ये सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि बीजेपी शासित दिल्ली नगर निगम (MCD) की उस दलाली का खुला चेहरा है, जो सालों से अवैध ��िर्माण को प्रोटेक्शन देती आ रही है।
ताजा खुलासा:
सत्यनिकेतन में गिरी ये इमारत सिर्फ शुरुआत है
इसी इलाके में BJP विधायक अनिल शर्मा के संरक्षण में 25 और अवैध बिल्डिंग्स हैं, जो मलबा बनने को बेकरार हैं।
आज ये ��िरी, कल वो गिरेगी लेकिन मरे कौन? आम छात्र, मजदूर, बेगुनाह।
आँकड़ा चौंकाने वाला:
2022 से 2025 के बीच दिल्ली में 1133 इमारत गिरने की घटनाएँ हुईं, जिनमें 98 लोगों की जान गई। हर घटना के बाद सिर्फ FIR होती है,
लेकिन मुख्य आरोपी सत्ता का संरक्षण कभी सलाखों के पीछे नहीं जाता।
हादसे की कानूनी पहलू:
बिल्डिंग मालिक आदित्य बंसल पर गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही का केस दर्ज हुआ है, लेकिन उसे प्रोटेक्शन किसने दी? MCD क�� अधिकारियों ने कितनी बार इस बिल्डिंग का नक्शा पास किया? ये सवाल बीजेपी के दरवाजे पर ठोकर खा रहा है।
सचिन गुप्ता के मुताबिक:
"बाहर आ रहा है सत्यनिकेतन हादसे का सच ये दलाली की एक लंबी चेन है, जिसमें सियासी हिमायत सबसे ऊपर है।"
लेकिन आपको क्या दिखाया जा रहा है?
मीडिया का पूरा फोकस शराब तस्करी में अरेस्ट नेहा की खूबसूरती पर है, जैसे देश का भविष्य ��सी के चेहरे में बसता है।
जबकि असली सवाल अगड़े-पिछड़े, हर वर्ग के बच्चों का भविष्य कौन सुरक्षित करेगा? – को किनारे लगा दिया गया।
जनता जागो!
बिल्डिंग गिर रही हैं, जानें जा रही हैं, और सत्ता अपनी "दलाली की गाथा" को इतिहास में अमर कर रही है। क्या हम चुप देखते रहेंगे?
श्रद्धांजलि: उन 6 मासूमों को, जिनकी मौत ने सवाल उठाए – लेकिन क्या सत्ता जवाब देगी?
#सत्यनिकेतन_हादसा
#BJP_Dalali
#AnilSharma_Fail
#DelhiBuildingCollapse
#6StudentsDead
#MCD_Scam
#Neha_distraction
#सच_बोलो_देश_जागो
दिल्ली में सपनों की इमारत ढही, छात्र मलबे में दबे!
DU साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया है।
मलबे के नीचे जिंदगी और मौत से जूझ रहे छात्रों को हर हाल में जल्द बाहर निकाल��ा होगा।
@nsui के साथी मौके पर मदद में जुटे हैं अब सरकार भी युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए।
एक-एक सेकंड कीमती है… कोई और जान मलबे में न जाए! 🙏
#SatyaNiketan
#DelhiUniversity
#Delhi
286 DAYS AT SEA. 5 DAYS IN PATTAYA. And the “rest & recharge” story begins.
After a grueling deployment, nearly 5,000 U.S. sailors and Marines arrived in Thailand only for alcohol, a drunken brawl and controversy to make headlines.
Two sailors were sent back to the ship. But the bigger question remains: when exhausted troops need recovery, is Pattaya’s notorious nightlife really the best answer?
A warship demands discipline. A port call demands responsibility. So who made this decision and who answers for it?
#Pattaya
#USSAbrahamLincoln
#USNavy
#Thailand
#WalkingStreet
#MilitaryDiscipline
#IranWar #PortCall
"अब राजनीति अपग्रेड करो"!
चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे…
सत्ता मिलते ही सारे वादे गायब
अब ये पुरानी वाली राजनीति नहीं चलेगी!
जनता ने वोट दिया है, राज करने का लाइसेंस नहीं।
जो वादा किया है, उसे पूरा करो…
नहीं तो गद्दी छोड़ो!
“अब राजनीति अपग्रेड करो” ये सिर्फ गाना नहीं, नई राजनीति की आवाज़ है।
सुनिए, रिपोस्ट कीजिए और सवाल पूछिए
क्योंकि अब जनता भी अपग्रेड हो चुकी है!
🌅 सुप्रभात दोस्तों 🙏❤️
🎶 “दिल की सदा सुन लें…”
एक ऐसा गाना… जो सिर्फ कानों तक नहीं, सीधे दिल की गहराइयों तक उतर जाता है। ❤️
सोशल मीडिया पर यूँ ही स्क्रॉल करते हुए यह गीत मिला… कुछ पल सुना और लगा जैसे गीत नहीं, दिल की कोई अनकही बात सुन रहा हूँ।
आज रविवार है… छुट्टी का दिन।
तो क्यों न इस खूबसूरत गीत के साथ अपने दिन में थोड़ी मोहब्बत, थोड़ी मुस्कान और ढेर सारी खुशियाँ भर लें। 🌸
🎧 गाना सुनिए, अपनों को सुनाइए और आज के रविवार को यादगार बनाइए।
❤️ अच्छा लगे तो रिपोस्ट जरूर करें और किसी ऐसे दोस्त को टैग करें, जिसके दिल को यह गीत छू जाए।
कभी-कभी एक गीत ही पूरे दिन को खुशनुमा बना देता है… ❤️
गाने का बोल "ज़बाब दो मेहनत का हिसाब दो"
पेपर लीक = युवाओं की मेहनत पर डाका!
फॉर्म भरा। फीस भरी।
दिन-रात मेहनत की।
फिर पेपर लीक हुआ और सालों की मेहनत चंद मिनटों में बर्ब��द!
अब सवाल सीधा है
मेहनत करने वाले युवाओं को न्याय कब मिलेगा? जवाब दो, मेहनत का हिसाब दो!
🎵 यह गाना सिर्फ गाना नहीं, युवाओं की आवाज़ है।
रिपोस्ट जरूर करें और सवाल पूछें।
"गोदी मीडिया गद्दार है"
यह गीत गोदी मीडिया के लिए है..
गोदी मीडिया: दुनिया में 157वां नंबर… लेकिन आत्मविश्वास नंबर-1!
दुनिया के 180 देशों में भारत की प्रेस स्वतंत्रता 157वें पायदान पर है।
फिर भी टीवी स्टू��ियो में ऐसे तेवर दिखेंगे, जैसे दुनिया की सबसे आज़ाद और निष्पक्ष पत्रकारिता का गोल्ड मेडल अभी-अभी जीतकर आए हों!
सत्ता से सवाल गायब,
जनता के सवाल गायब,
महंगाई-बेरोज़गारी पर बहस गायब…
लेकिन सरकार की तारीफ़ 24×7 LIVE!
पत्रकारिता का काम सत्ता की आरती उतारना नहीं,
सत्ता से सवाल पूछना है।
वरना कैमरा तो रहेगा…
लेकिन पत्रकारिता कहाँ रहेगी?
इस गाने को रिपोस्ट करें तथा इन गोदी मीडिया को टैग कर के सवाल पुछे की पत्रकारिता को क्यों बेच खाया ?
चंद सिक्कों के खनक के लिए आखिर कलम को क्यो नीलाम कर दिया?
रिपोस्ट कर के सवाल जरूर पुछिए दोस्तों...
चुनावी चंदे का सबसे बड��ा 'गुजरात मॉडल' खेल बेनकाब!
सिर्फ 1 उम्मीदवार उतारा, लेकिन चंदा मिला ₹620 करोड़!
बात हो रही है गुजरात की 'आम जनमत पार्टी' की, जिसकी अध्यक्ष खुद बीजेपी नेता हैं।
खेल सिर्फ यहीं खत्म नहीं होता:
2024 लोकसभा चुनाव में गुजरात की ऐसी 6 गुमनाम पार्टियों को मिला कुल ₹1,700 करोड़ का चंदा।
यह रकम देश की 5 प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों को मिले कुल चंदे से भी कहीं ज्यादा है!
न कोई जमीन पर संगठन, न चुनाव लड़ने की तैय��री फिर भी सैकड़ों करोड़ रुपयों की बारिश?
साफ दिख रहा है कि जनता की गाढ़ी कमाई और चुनावी चंदे के ��ाम पर पूरे देश से लूटा जा रहा काला धन किस तरह गुजरात की फर्जी पार्टियों के जरिए ठिकाने लगाया जा रहा है।
यह लोकतंत्र है या संगठित मनी लॉन्ड्रिंग का अड्डा? जांच एजेंसियों को यह सब क्यों नहीं दिखता?
#ElectoralBonds #GujaratModel #ChandaChori #MoneyLaundering #LokSabhaElections
यह गाना सत्ता के संरक्षित उन गुंडे के लिए है..
🎵 “गुंडाराज” इस गाने को रिपोस्ट जरुर करे.
आरोपी TV पर इंटरव्यू दे रहा है, पीड़ित सड़क पर इंसाफ की भीख मांग रहा है!
सत्ता के गलियारों में आरोपी की आवाज़ गूंज रही है, और सड़क पर पीड़ित की चीख दबाई जा रही है।
इसे कानून का राज कहें या खुला गुंडाराज?
“गुंडाराज” — उस व्यवस्था के खिलाफ़ आवाज़, जहाँ इंसाफ मांगना ही सबसे बड़ा अपराध बन जाए।
देखिए, और इस गाने को सुनिए और सवाल पूछिए आखिर इंसाफ किसके लिए है?
इस गाने को रिपोस्ट करें और सरकार से सवाल जरूर पुछे की इसकी जवाबदेही कौन है।
यह गाना आप सभी के लिए तथा आपके बच्चों के भविष्य के लिए है...
"आंधी रोटी खायेंगे, स्कूल को बचाएंगे
किताबों का लौं जलाएंगे, बच्चों का हक दिलाएंगे "
दोस्तों आप सभी लोग स्कूल ठीक करों के मुहिम में शामिल होकर इस आवाज को बुलंद करें।
दोस्तों आज हर दस परिवारों में से आठ परिवार प्राइवेट स्कूलों के मनमानी से परेशान हैं, मोटा फीस और फलाने ढिकाना के नाम पर मनमानी वसूली से हर इंसान त्रस्त है।
प्राइवेट स्कूलों कि लूट ने आम इंसान का कमर तोड़ दिया है, अगर हम अपने गांव मोहल्ले के स्कूलों को नहीं बचाया तो प्राइवेट स्कूल वाले हमारा जीना हराम कर देंगे।
इस विडियो को रिपोस्ट कर के #Schoolthikkaro
अभियान में हमारा साथ दे।
हमारा एक उद्देश्य है सरकारी स्कूलों को बचाना।
तो दोस्तो रिपोस्ट जरुर करे।
इस गाने को रिपोस्ट कर के हर जगह वायरल कर दो मेरे दोस्तों!
"बीजेपी के गुंडे, ये कैसी कहानी है
हंसते हुए अपराध कि ज़ुबानी है"
अपराधी कानून को चुनौती दे रहा है… और सत्ता खामोश है!
जो अपराधी खुलेआम अपने अपराध को स्वीकार कर पुलिस और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की हिम्मत करे, वह सिर्फ अपराधी नहीं पूरी व्यवस्था के सामने सवालिया निशान है।
56 इंच का दावा बहुत हुआ।
अब सवाल है अपराधी पर कानून का शिकंजा कब कसेगा?
अगर कानून का डर ही खत्म हो जाए, तो फिर सरकार किस बात की?
जनता जवाब चाहती है।
आप भी सवाल पूछिए और इस विडियो को रिपोस्ट जरुर कीजिए।
"हम सिस्टम बदल देंगे"....
देश के जननायक श्री राहुल गांधी जी के लिए एक और जबरदस्त वायरल गीत...
भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ हल्ला बोल!
अब सवाल सिर्फ सरकार का नहीं, पूरे सिस्टम का है।
हमें सिस्टम बदलना है…
और हम सिस्टम बदलकर रहे��गे!
जनता की आवाज़, बदलाव की उम्मीद और संघर्ष के जज़्बे को समर्पित यह गीत।
यह गीत श्री राहुल गांधी जी को समर्पित।
अगर आप भी बदलाव चाहते हैं तो
आवाज़ उठाइए , कमेंट बॉक्स में अपना विचार जरूर व्यक्त किजिए।
और मेरे कांग्रेस के बब्बर शेरों इस पोस्ट को जमकर रिपोस्ट कीजिए।
मेरे कांग्रेसी मित्रों जमकर रिपोस्ट करें।
#RahulGandhi #HallaBol #SystemChange #Mehangai #Berozgari
"जब वो फैलाएंगे भ्रष्टाचार,
हम सबको बनना होगा पत्रकार"
यह गाना सोशल मीडिया के उन क्रांतिकारी हैंडलर्स के लिए है जो देश को खुशहाल रखने के लिए गोदी मीडिया और अंधभक्तों से दिन रात लड़ रहे हैं।
गोदी मिडिया के सहारे मत रहिए दोस्त��ं...
गोदी मिडिया चाटुकारिता में इतना अंधभक्त बन गई है कि अगर आप सवाल पुछेंगे तो आपको टुकड़े टुकड़े गैंग का बता देंगे।
इस अब हर सोशल मीडिया हैंडल को पत्रकार भवन पड़ेगा और सवाल उठाना पड़ेगा।
यह गाना आप सभी सोशल मीडिया हैंडलर्स के लिए है।
इस गाने को रिपोस्ट कर के दूसरे सोशल मीडिया के हैंडलर्स तक पहुंचाए।