जिनके बाप दादों ने भारत मां के टुकड़े कर के पाकिस्तान बनाया उन हरामजादों की हैसियत क्या थी और आज अस्सी साल बाद भी पाकिस्तान और मूल पाकिस्तानी उनकी पहचान कितनी घृणित नजर से करते हैं... इसका शर्मनाक उदाहरण उसी पाकिस्तान से, पढ़े लिखे पाकिस्तानियों की जुबान से।
A mother’s love doesn’t drown 💔 Mama held her baby tight till help came. Humans and animals, we all just want to be safe."
Rescue with heart 🙏 Nature’s strongest bond Mother & child 🐒 Thank God for the rescuers. 🥹
अब इससे ज्यादा क्या कोई खुद को बेनकाब/नंगा, कर सकता है....?
तीन सौ सत्तावन साल पहले काशी में बाबा विश्वनाथ के धाम पर और मथुरा में श्रीकृष्ण के धाम पर हमला कर के उनको लूटने वाले, ध्वस्त कर कब्जा करने वाले मुसलमान लुटेरे/डकैत औरंगज़ेब और उसकी उस डकैती लूट के खिलाफ़ एक शब्द बोलने में जो लोग आज भी मुसलमानों के डर से थरथर काँपते हैं।
वही लोग राम मंदिर में हुई कुछ करोड़ की चोरी पर घड़ों आंसू बहाने का ढोंग पाखंड बेशर्मी से कर रहे हैं। ओवरफ्लो कर रहे गटर की तरह उनके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
याद दिलाना जरूरी है कि 1957 में श्रीनाथ जी के मंदिर से 9.33 किलोग्राम से अधिक सोना चोरी हुआ था। आज जिसकी कीमत लगभग 14 करोड़ रूपये है।
यूनेस्को की रिपोर्ट कहती है आजादी के बाद 1947 से 1989 तक भारत के प्राचीन मंदिरों से देवी देवताओं की 50000 मूर्तियां चोरी हुईं, जिनकी कीमत आज लगभग 70,000 करोड़ से एक लाख करोड़ रुपए आंकी जाती है। 42 वर्ष की इस समयावधि में 38 वर्ष देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर राहुल गांधी के बाप, उसकी दादी और उसके बाप का नाना ही बैठा करते थे।
अखिलेश यादव के बाप ने राममंदिर को वापस मांग रहे 200 से अधिक रामभक्तों को पुलिस की गोली से मरवा दिया था।
लेकिन आज इन लोगों का कलेजा राममंदिर चोरी पर चाक हुआ जा रहा है, क्या इससे ज्यादा बड़ा ढोंग पाखंड कुछ और हो सकता है। क्या इससे ज्यादा कोई खुद को बेनकाब/नंगा कर सकता है....?
क्योंकि बिना तथ्यों और साक्ष्यों के बात नहीं करता इसलिए उपरोक्त साक्ष्य के लिए पहले दो कमेंट्स देखिए।
साथ ही साथ सहमत हों तो इसे अधिकतम संख्या में रिट्वीट, कॉपी-पेस्ट कर के अधिकतम लोगों तक पहुंचा दीजिए। ट्विट
*हिंदु जाग गए है*
*अखिलेश ने कन्नौज में कहा*
*अगर यूपी और केंद्र में*
*SP+कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आया*
*तो वो राममंदिर में ताला लगवा देगा*
*ये सुनते ही जनता आक्रोशित हो गई*
*फिर क्या था*
*चप्पलो की बौछार से*
*टोटिचोर का भव्य स्वागत किया गया*