@dtptraffic@AmitShahOffice किसी भी प्रदर्शन के कारण सड़क अवरोध या ट्रैफिक डायवर्जन न किया जाए।
लगातार हर सप्ताह किसी न किसी प्रदर्शन के चलते आम जनता को भारी असुविधा झेलनी पड़ती है। कृपया हमारी परेशानी पर ध्यान दें और उचित कदम उठाएँ ताकि दिल्ली की यातायात व्यवस्था सुचारू रह सके।
धन्यवाद।
रही है, लेकिन हकीकत में ग्राम लुक्सर (गाटा सं-219) में अवैध टावर आज भी चालू हैं। इन टावरों के कारण मेरे परिवार के 3 सदस्यों को हार्ट अटैक आ चुका है और पूरा परिवार गंभीर बीमारियों से जूझ रहा है।नन्दी जी कृपया कागजी खेल बंद कराकर इस पर तुरंत सख्त एक्शन लीजिए। हमारी जान बचाइए!
@NandiGuptaBJP@CMOfficeUP@IIDGoUP@OfficialGNIDA@dmgbnagar रही है, लेकिन हकीकत में ग्राम लुक्सर (गाटा सं-219) में अवैध टावर आज भी चालू हैं। इन टावरों के कारण मेरे परिवार के 3 सदस्यों को हार्ट अटैक आ चुका है और पूरा परिवार गंभीर बीमारियों से जूझ रहा है।नन्दी जी कृपया कागजी खेल बंद कराकर इस पर तुरंत सख्त एक्शन लीजिए। हमारी जान बचाइए!
प्लॉट न॰ सी-6(कमर्शियल प्लॉट) सेक्टर-डेल्टा 1 में अथॉरिटी के सुपरवाईजर अजय के द्वारा परमिसन एक पेड की थी 100000 लाख रुपए लेकर एक और पेड ऑफर में काट दिया गया ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी ने कर्मचारियों को इतनी छूट दी हुई है कृपया जाच कर संज्ञान ले..@OfficialGNIDA@dmgbnagar
अतः मेरा निवेदन @dmgbnagar है कि:
इस मामले में तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष जांच की जाए।
जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए।
आपसे शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा है।
अतः मेरा निवेदन @dmgbnagar है कि:
इस मामले में तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष जांच की जाए।
जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए।
आपसे शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा है।
तथा सर्किल ऑफिसर इस पूरे मामले में निष्क्रिय बने हुए हैं।
जब आम जनता का आक्रोश फूटेगा, तभी शायद GNIDA की नींद खुलेगी। क्या प्रशासनिक निष्क्रियता और कंपनियों को मिली खुली छूट ही अब हमारी नियति बन चुकी है?
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तथा सर्किल ऑफिसर इस पूरे मामले में निष्क्रिय बने हुए हैं।
जब आम जनता का आक्रोश फूटेगा, तभी शायद GNIDA की नींद खुलेगी। क्या प्रशासनिक निष्क्रियता और कंपनियों को मिली खुली छूट ही अब हमारी नियति बन चुकी है?
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दुर्भाग्यवश, कंपनी द्वारा टावर का कार्य बिना किसी भय या रोक-टोक के निरंतर जारी रखा गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि GNIDA की चेतावनी का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, और कानून का कोई डर नहीं है। अब स्थिति यह है कि टावर का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और GNIDA के अधिकारी
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दुर्भाग्यवश, कंपनी द्वारा टावर का कार्य बिना किसी भय या रोक-टोक के निरंतर जारी रखा गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि GNIDA की चेतावनी का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, और कानून का कोई डर नहीं है। अब स्थिति यह है कि टावर का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और GNIDA के अधिकारी
गया कि निवासियों की आपत्ति को ध्यान में रखते हुए टावर लगाने वाली कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा। परंतु जब हमने फॉलो-अप किया तो ज्ञात हुआ कि केवल UP इलेक्ट्रॉनिक विभाग को नियमावली हेतु नोटिस भेजा गया है, जबकि टावर लगाने वाली कंपनी से कोई जवाब नहीं प्राप्त हुआ है।
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गया कि निवासियों की आपत्ति को ध्यान में रखते हुए टावर लगाने वाली कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा। परंतु जब हमने फॉलो-अप किया तो ज्ञात हुआ कि केवल UP इलेक्ट्रॉनिक विभाग को नियमावली हेतु नोटिस भेजा गया है, जबकि टावर लगाने वाली कंपनी से कोई जवाब नहीं प्राप्त हुआ है।
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@OfficialGNIDA@dmgbnagar मैंने पूर्व में IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज की थी कि हमारे ग्राम लुक्सर की घनी आबादी के बीच एक मोबाइल टावर लगाया जा रहा है, जिस पर स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट आपत्ति जताई है।
GNIDA के अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया और हमें आश्वासन दिया 1/1
@OfficialGNIDA@dmgbnagar मैंने पूर्व में IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज की थी कि हमारे ग्राम लुक्सर की घनी आबादी के बीच एक मोबाइल टावर लगाया जा रहा है, जिस पर स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट आपत्ति जताई है।
GNIDA के अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया और हमें आश्वासन दिया 1/1
@dmgbnagar@OfficialGNIDA
Corruption in Greater Noida Authority is at its peak! Despite a written assurance that work on the mobile tower in a densely populated area would be stopped and notices had been issued, the construction continued without interruption and is now complete