शौर्य चक्र, विशिष्ट सेवा मेडल | वर्तमान महाराव / गादीपति हाडा-चौहान राजवंश, बून्दी | राजवंश की विरासत के संरक्षक (Custodian) | अकाउंट संचालन - टीम बून्दी
सीधी बात: नहीं चाहिए - बिल्कुल भी नहीं! ❌
राजस्थान के विश्वविद्यालयों में मराठी अध्ययन समझ से परे है।
जब तक राजस्थानी भाषा को समुचित मान्यता, विभाग और संस्थागत संरक्षण नहीं मिले, तब तक दूसरी राज्यभाषा को प्राथमिकता देना राजस्थान की भाषाई अस्मिता के साथ न्याय नहीं है।
राजस्थान के विश्वविद्यालयों की पहली जिम्मेदारी राजस्थानी भाषा, साहित्य और बोलियों को सशक्त करना है।
पहले राजस्थानी, फिर बाकी भाषाएँ।
#Make_Rajasthani_official
.@LokBhavanJaipur .@RajCMO
Today, we remember Bhai Mani Singhji Parmar (author of Dasham Granth) on his Balidan Diwas and Lt General Sagat Singh Rathore (liberator of Goa & Dhaka) on his Jayanti.
मेरे पिता ने देश के लिए तीन युद्ध लड़े, अब 90 वर्ष की उम्र में अपनी जमीन बचाने के लिए चौथी लड़ाई लड़ रहे हैं।"
जैसलमेर के मोहंगढ़ क्षेत्र में कैप्टन चुन्नीलाल ठाकुर के बेटे मुल्तान सिंह ठाकुर ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि किसी ने फर्जी व्यक्ति बनकर उनके 90 वर्षीय पिता की जमीन अपने नाम करा ली।
माननीय न्यायालयों में किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार संविधान की आत्मा और न्यायपालिका की गरिमा पर सीधा आघात है।
जब लोकतंत्र के अन्य स्तंभ चरमरा चुके हों, तब "बार और बेंच" ही जनता की अंतिम आशा बनकर खड़े रहते हैं।
न्यायालयों की मर्यादा और जनता के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर एवं उदाहरणीय कार्रवाई होनी चाहिए।
#SupremeCourt #CJI #RuleOfLaw
नहीं, शांतनु जी—ऐसा नहीं है।
और वैसे भी, वास्तविक Action Heroes तो हमारे सैनिक ही हैं, जो अपने साहस, समर्पण और बलिदान से सदैव देश और देशवासियों की सुरक्षा में तत्पर रहते हैं।
.@ajaydevgn जी और .@jiostudios को #Chauhaan के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।
और चौहानों का जलवा तो पहले भी था, आज भी है और श्री मातेश्वरी की कृपा से भविष्य में भी रहेगा! 🙏
जय हिन्द! 🇮🇳
@Zoomerjeet
@col_k_kashyap Excellent, buddy.
The story & life lessons of warriors like you deserve to be shared – they inspire countless others with courage, resilience, and determination.
Best wishes for your continued success and journey ahead.
Jai Hind 🇮🇳
-: पूर्व हाड़ा-चौहान राजवंश, बून्दी की संपत्तियों के संबंध में सूचनार्थ :-
प्रिय सभी,
पूर्व हिन्दू रियासतों की संपत्तियाँ सामान्य निजी संपत्तियों से सर्वथा भिन्न विधिक स्वरूप एवं विशिष्ट कानूनी स्थिति रखती हैं। ये संपत्तियाँ अपने उद्गम, स्वरूप एवं स्वभाव से अविभाज्य, अहस्तांतरणीय तथा गैर-सहदायिक (Non-coparcenary) हैं।
फलस्वरूप, इन संपत्तियों पर हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 तथा संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 (Transfer of Property Act) लागू नहीं होते हैं।
हाल ही में बून्दी में जितेन्द्र सिंह, अलवर (@JitendraSAlwar) द्वारा हाड़ा-चौहान राजवंश, बून्दी की एक संपत्ति का विक्रय किया गया है, जो पूर्णतः अवैध, विधि-विरुद्ध एवं आरंभ से ही शून्य (Void ab-initio) है।
इस अवैध हस्तांतरण में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रत्येक उत्तरदायी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी। कानून की अनभिज्ञता क्षम्य नहीं है।
यह केवल एक अवैध संपत्ति-हस्तांतरण का विषय नहीं है। रियासत की संपत्तियाँ अपने साथ उस राजवंश का इतिहास, सांस्कृतिक विरासत तथा ऐतिहासिक साक्ष्य भी समाहित किए रहती हैं। अतः ऐसे अवैध हस्तांतरण भविष्य में ऐतिहासिक अभिलेखों के विकृतिकरण, दुर्विनियोजन, वैधानिक अधिकारों के अतिक्रमण तथा जनविश्वास के हनन का गंभीर जोखिम उत्पन्न करते हैं।
जो भी हितबद्ध पक्ष इन संपत्तियों से संबंधित तथ्य, अभिलेख एवं दस्तावेजों का विधिसम्मत परीक्षण करना चाहता हो, वह ब्रिगेडियर महाराव भूपेश सिंह साहब से संपर्क कर सकता है।
ब्रिगेडियर साहब इस विषय में अत्यंत संयम, धैर्य एवं विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, ताकि स्थानीय पर्यटन, सामाजिक सौहार्द एवं जनहित पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। किन्तु कुछ लोग उनकी इस सज्जनता एवं संयम का अनुचित लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं।
यह स्मरण रहे कि प्रत्येक कृत्य का विधिसम्मत लेखा-जोखा होगा—विधि के अनुसार, धैर्यपूर्वक एवं तथ्यों के आधार पर।
सजग रहें। सुरक्षित रहें। अपनी नौकरी, प्रतिष्ठा एवं पूंजी व्यर्थ न गँवाएँ।
श्री मातेश्वरी की कृपा हम सभी पर बनी रहे। 🙏
-: खैरवा पाग-दस्तूर बनाम महिला सशक्तिकरण :-
राजपूत रियासतों, ठिकानों, जागीरों और परिवारों में पाग का अधिकार पुरुष ज्येष्ठाधिकार के अनुसार निर्धारित होता आया है।
पाग किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि कुल, वंश और गोत्र की होती है।
खैरवा की पाग जोधा-राठौड़ों की पाग है।
लाडेसर तेजस्वनी बाईसा की भावी संतान जोधा-राठौड़ नहीं होगी।
इस प्रयोजन से वंश-परंपरा, उससे जुड़ा इतिहास तथा जोधा-राठौड़ों के वंशक्रम की एक शाखा के विस्मृत होने का संकट उत्पन्न हो गया है।
जहाँ तक स्त्री-पुरुष समानता का प्रश्न है, वहाँ कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। स्त्री सदैव सर्वोच्च सम्मान की अधिकारी रही है, परंतु स्त्री और पुरुष एक जैसे नहीं हैं; उनके दायित्व, मर्यादाएँ और भूमिकाएँ स्वाभाविक रूप से भिन्न हैं।
क्षत्रिय परंपरा में नारी सदैव सम्माननीय, पूजनीय और वंदनीय रही है। हमारी कुलदेवियाँ इसका सर्वोच्च उदाहरण हैं।
श्री मातेश्वरी कृपा करें। 🙏
जय क्षात्र धर्म। 🚩
परंपरा का अर्थ अतीत की आत्मा को संजोना है, उसका प्रदर्शन करना नहीं।
यह एक बालसुलभ कृत्य है।
विरासत और इतिहास का निर्माण प्रतीकात्मक आयोजनों से नहीं, बल्कि पीढ़ियों के त्याग, शौर्य, मर्यादा और लोककल्याणकारी कर्मों से होता है।
जो आचरण आने वाली पीढ़ियों को विवेक, संस्कार और उत्तरदायित्व का बोध न करा सके, वह गौरवशाली परंपरा का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता।
जय राजपूताना। 🚩
जय क्षात्र धर्म। 🙏
राजपूत रियासतों, ठिकानों, जागीरों एवं परिवारों में पाग का अधिकार सदियों से पुरूष ज्येष्ठाधिकार की परंपरा के अनुरूप तय होता आया है - यह व्यक्तिगत मनोवृत्ति या सुविधा का विषय नहीं है।
श्री मातेश्वरी सबको सद्बुद्धि प्रदान करें। 🙏
जय क्षात्र धर्म। 🚩
राज बाईसा सुश्री तेजस्विनी कुंवर जोधा ठी. खैरवा (पाली) की पाग दस्तूर...
क्षत्रिय समाज के साथ सर्वसमाज अभिभावक उपस्थित रहा, उसके साथ ही भाजपा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौङ जी @madanrrathore भी उपस्थित रहें
बून्दी - हमारी प्राचीन और अनुपम नगरी की स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
बून्दी नगर और हाड़ौती राज्य के संस्थापक, राव श्री देवराज सिंह हाड़ा को सादर नमन व विनम्र श्रद्धांजलि। 🙏
"नकली गढ़ दीधो नहीं, बिना घोर घमसाण;
सिर टूटयां बिन किम फिरै, असली गढ़ पर आण।"
यह वीरता, स्वाभिमान और अटल क्षात्र परम्परा का अमर संदेश है जिसने बून्दी को युगों-युगों तक गौरवान्वित रखा।
जै जै हाड़ौती। 🚩
जय माँ राजराजेश्वरी आशापुरा। 🙏
जय श्री रंगनाथ जी महाराज। 🙏
ये 'घाटियों' का असली चेहरा है। उनके हिंदुत्ववाद का राष्ट्रवाद या देश-प्रेम से कोई लेना-देना नहीं है। इनमें से एक भारतीय सेना के रिटायर्ड ब्रिगेडियर हैं। जो पैरा SF के वेटरन और शौर्य चक्र विजेता हैं।
जिन्होंने ऑपरेशन मेघदूत और कारगिल युद्ध,दोनों में हिस्सा लिया था। दूसरे, सम्मानित महाराणा प्रताप के वंशज हैं। उन्हीं के वंश से उनके अपने सबसे महान राजा ने भी अपना वंश जोड़ा था। तीसरे एक सम्मानित शिक्षक हैं। जो इतिहास पढ़ाते हैं। जिन्होंने ज़्यादातर अपने ही लोगों के बारे में सकारात्मक बातें कही हैं। ये वही लोग हैं जिन्हें वे गाली देते हैं निशाना बनाते हैं।
उनकी मुख्य शिकायत यह है। इन लोगों ने NCERT की किताबों में दिए गए एक गलत नक्शे का विरोध किया था। जिसके बारे में कोई भी इतिहासकार कोई सबूत नहीं दे सका। राजस्थान राजपुताना की धरती है यहाँ मराठा को राजस्थान पर थोपना ग़लत है।
@Bhupesh@VishvarajSMewar@RajveerChalkoi
इन लोगों की इस नमूनागिरी से पूरा राष्ट्र व्यथित है।
ये नमूने हिंदुत्व व राष्ट्रवाद के नेतृत्व के काबिल नहीं!
जै जै हाड़ौती। 🚩 जय राजपूताना। 🚩 जय क्षात्र धर्म। 🙏
मुंबई में कुछ लोगो द्वारा भारतीय सेना के एक सम्मानित ब्रिगेडियर भूपेश सिंह जो कि सेना में वीरता चक्र(VC )और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित हैं ,मेवाड़ महाराणा विश्वराज सिंह और सम्मानित शिक्षक राजवीर सिंह चलकोई की तस्वीरो को पैरों तले रौंदा गया है
@MumbaiPolice आपके होते हुए भारतीय सेना के एक ब्रिगेडियर की तस्वीर को पैरों से रौंदा गया है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है
NCRT में मराठा साम्राज्य का एक नक्शा जोड़ा गया था जिसमे बिना तथ्यों के ही राजस्थान के कुछ भाग को मराठा साम्राज्य के अधीन बताया गया जो कि सरासर ग़लत था
इन तीनो ने अपनी अस्मिता को नीचा दिखाने के विरोध में आवाज बुलंद की थी
लोगो द्वारा इस नक्शे का विरोध किया गया उसके बाद NCRT को वो नक्शा हटाना पड़ा
उसी बात से नाराज होकर मुंबई में कुछ लोगो ने इस घटना को अंजाम दिया है
विचारो का प्रतिवाद तर्कों से किया जाता है इन हरकतों से नहीं
मुंबई पुलिस और @DGPMaharashtra कृपया मामले में संज्ञान ले
@Dev_Fadnavis@AmitShah@adgpi
जय श्री रंगनाथ जी। 🙏
हमारी गौरवशाली विरासत, इतिहास और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण किसी एक समाज का नहीं, बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक का साझा दायित्व है।
दुर्भाग्यवश, राजस्थान में वर्तमान विरासत एवं पैनोरमा नीति के अंतर्गत अनेक स्थानों पर स्थानीय इतिहास, प्रामाणिक धरोहरों और क्षेत्रीय प्रेरणास्रोतों की उपेक्षा कर बाहरी अथवा विवादास्पद आख्यानों को प्राथमिकता दी जा रही है। यह प्रवृत्ति हमारी सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक सत्य और स्थानीय गौरव के लिए चिंताजनक है।
इसी संदर्भ में आज 16 जून 2026 को आयोजित "सर्व समाज एकता रैली" में हम अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण हेतु लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे।
📍 स्थान:
रामसागर की पाल, हिण्डौली (बून्दी)
📍 मुद्दा:
हाड़ा-चौहान राजवंश से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर - भवन, बारहदरी एवं बगीची - के संरक्षण, संवर्धन तथा उनकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने की मांग।
आइए, हम सब मिलकर अपनी विरासत बचाएँ और आने वाली पीढ़ियों को उनकी सच्ची ऐतिहासिक पहचान सौंपें।
एकता • जागरूकता • संरक्षण
सादर। 🙏
@RajCMO@KumariDiya
#बून्दी #SaveHeritage