@chitraaum चित्रा जी, एक सलाह है कि आप सरकार की खास पत्रकार भी हैं, चहेती भी हैं, आप योगी जी से लेकर मोदी जी तक को सीधे जानती भी हैं तो क्यों न चंपत राय जी की विशालकाय मूर्ति ही लगवा देती अयोध्या में?
अब इस चोरों के गिरोह के इस सरगना को भारत रत्न ही दिला कर मानेंगी क्या ?
@richaanirudh ऋचा जी, किसी एक कथावाचक या प्रवचन करने वाले का नाम लिखने की हिम्मत है आप में? नहीं होगी क्योंकि ऐसे कितने ही धूर्त लोगों को आप अपने शो में बुलाती रही हैं।
@Ashok_Kashmir इन लोगों के मन में श्री राम या कृष्ण के प्रति कोई आस्था नहीं है। इन्हें तो मतलब उस स्थान से है जहाँ पर कोई मंदिर मुस्लिम समुदाय के साथ विवादित है। यदि इनकी आस्था सचमुच भगवान में होती तो अयोध्या और काशी में विकास के नाम पर सैंकड़ों छोटे बड़े प्राचीन मंदिर तोड़े नहीं जाते।
@Ashok_Kashmir सर, RSS की ईमानदारी का कोई भांडा नहीं फूटा है। ये लोग शुरू से ऐसे ही हैं। आजादी से पहले भी ऐसे ही थे और आज भी वैसे ही हैं। ये लोग अपने चेहरे पर हिंदू धर्म का मुखौटा लगाकर कई तरह की आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते आए हैं। ये चोर, ठग, स्वार्थी और धर्म विरोधी लोगों का संगठन है
राम मंदिर चढ़ावा चोरी में सिर्फ़ जाँच कराना ही ठीक नहीं होगा। कई लोगों के घरों में बिना जांच पड़ताल के बुलडोजर चलवा देने वाले यहां क्यों चुप बैठे हैं ?
यह कहकर क़ि जिसने चंदा न दिया वह सवाल न पूछे,सवालों से नही बचा जा सकता है। भावनात्मक नहीं तथ्यात्मक उत्तर देने होंगे सवालों के।
@umashankarsingh देखना है कि बिना आरोप साबित हुए ही बुलडोज़र चलवा देने वाले अब आरोप साबित होने के बाद भी बुलडोज़र इन लोगों के घरों पर चलवाते हैं कि नहीं।
@kkjourno अभी भी नागरिकता सिद्ध करने के लिए एक विकल्प बचा है और वह है कि आप या तो बीजेपी समर्थक हों या खाकी पैंट और सफ़ेद शर्ट पहन लें। यही करना चाहती है शायद सरकार
देश के कुछ हालिया मुद्दे जिस पर मीडिया और सरकार को पारदर्शिता दिखानी चाहिए थी वहां सब लीपापोती पर लगे हैं..
1. पेपर लीक
2. कच्चा तेल सस्ता लेकिन देश में दाम महंगे
3. आगजनी की बढ़ती घटनाएँ और सरकार की चुप्पी
4. राम मंदिर में चोरी
5. मोहन यादव का भ्रष्टाचार
@Radhika_Khera राधिका जी, आपके अन्दर कितनी नफ़रत भरी हुई है। आश्चर्य है कि आप जब तक कांग्रेस में रहीं किसी ने समय रहते आप जैसे आस्तीन के सांप को पहचाना क्यों नहीं। यदि समय रहते पहचान लिया होता तो आज आपको कोई जानता तक नहीं। यही कांग्रेस थी जिसने आपको पहचान दिलाई। एहसान फ़रमोश और बदतमीज़ हैं आप..