भाजपा सांसद/मंत्री रमेश विधूड़ी जी के द्वारा , बसपा सांसद मोहम्मद दानिश अली जी के खिलाफ असंसदीय एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना संविधान पर गहरी चोट कि तरह है ! नई संसद भवन में नफरती लोग देश को क्या सन्देश दे रहे हैं ? #बसपा
बीएसपी के 16 राज्यों में जनाधार एवं भारत कि तीसरी बड़ी राष्ट्रीय राजनीतिक दल का दर्जा प्राप्त होने के बाबजूद भी इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं होना , भाजपा के लिए मृतसंजीवनी के समान है !
अक्सर कुछ लोग समानता का मतलब समानुपातिक समानता से लगाते हैं , जैसे - महिला शिक्षक को प्रसव अवकाश 6 माह का मिलता है तो पुरुषों को क्यों नहीं परन्तु पुरूष क्या प्रसव पीड़ा पाते हैं अथवा शिशुओं को जन्म देंगे , तो जबाब नहीं देते !
सरकार एवं तथाकथित सेलेब्रेटी/बुद्धिजीवी व्यक्तिगत एवं स्वतंत्र प्रेम प्रसंगों का मामला बताकर , एक बड़े जनमानस को प्रभावित करने वाली समस्याओं से अपना पीछा छुड़ा रही है ! प्रेम अपराध नहीं परन्तु आपके प्रेम से हजारों घर प्रभावित हो तब अपराध होगा !
जब कोई मुद्दा मानसिक भावना से जुड़ा हो तब वह व्यक्तिगत नहीं रहता है , जैसे ज्योति मौर्य/आलोक मौर्य का मुद्दा ने 136 दम्पति को प्रभावित किया , आज खुशबू सिंह/पिंटू सिंह भी पुलिस स्टेशन पहुंचे , आगे किसकी बारी है ?
हम सिस्टम एवं व्यवस्था के शिकार हैं , कोई पेशाब करेगा तो कोई घर तोड़ेगा ! सरकार पैर धोकर पश्चाताप करेगी परन्तु हमारी भूख /अशिक्षा एवं भेदभाव पर कभी राष्ट्रीय बहस नहीं होगी !
बहन मायावती जी किस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दें अथवा नहीं दें , यह उनका निजी बिषय है , पत्रकार एवं कार्यकर्ता जिम्मेदार नहीं एवं बहुजन समाज के चिंतकों को कोई सरोकार नहीं ! गैरजरूरी बहस नहीं होनी चाहिए ! #बसपा
हमलोग किसी खास दल अथवा शोषित/वंचितों कि आवाज उठाते हैं , न्यूज बनाते हैं एवं राजनीतिक विश्लेषण भी करते हैं परन्तु कुछ भाई समाज एवं पार्टी कि प्रवक्ता समझ लेते हैं जो अफसोस एवं हास्यास्पद भी है ! #बसपा
सड़क पर भीम आर्मी , SC/ST/OBC एवं अल्पसंख्यकों कि बात बहन मायावती जी करती हैं एवं विपक्षी दलों कि एकता में नजर नहीं आते हैं तो विपक्ष का मुद्दा क्या होगा ?