कश्मीरी पंडितो के साथ अन्याय हुआ और उनके लिए आयोग बना, उन्हे बहुत सी सुविधाए दी गयी लेकिन बिहार मे दलितो का नरसंहार हुआ, आयोग भी बना लेकिन आयोग की रिपोर्ट आने के पहले ही एनडीए की सरकार ने अमीरदास आयोग को ही भंग कर दिया गया। दलितो को ना तो कोई सुविधाए।
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एक दलित वर्ग का आदमी सुप्रीम कोर्ट का चीफ जस्टिस कैसे बन गया. वे पचा नही पा रहे हैं. इसलिए उल्टा सीधा बोलकर उल्टी कर रहे हैं.
मित्रों अगर बहुजन समाज का आपसी भाईचारा, आपसी सहयोग और आपसी सामंजस्य मजबूती से बनेगा तभी 10% वालों की हेजेमनी खत्म कर सकते हैं।
#jaybhim
चीफ जस्टिस को अपमानित करने उन्हें एक जरिया मिल गया. उनकी टिप्पणी से समस्या नही है. टिप्पणी तो बहाना है, असल वजह जाति है.
एक दलित वर्ग का आदमी सुप्रीम कोर्ट का चीफ जस्टिस कैसे बन गया. वे पचा नही पा रहे हैं. इसलिए उल्टा सीधा बोलकर उल्टी कर रहे हैं। #jaybhim
हम सवर्णों के लिए HINDU तभी है जब उन्हें अब्दुल से लड़ना होता है.
बाकी समय हम उनकी नजर में दलित, पिछड़ा और आदिवासी हैं.
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का अपमान पूरे बहुजन समाज का अपमान है. अभी भी चीफ जस्टिस पर जातिसूचक प्रहार जारी.
#BREAKING
पूर्व EC, भारत छोड़ कर भाग गए हैं..ये सनसनीख़ेज़ है..
ये भी लिखा जा रहा है कि राजीव कुमार किसी विदेशी देश की नागरिकता ले चुके हैं।
अगर यह सच है कि तो पहली बार कोई चुनाव आयुक्त देश छोड़ कर भागा है । भारत की छवि पर बड़ा धब्बा हो सकता है ।
राजीव कुमार, बिहार कैडर के आईएएस रहे हैं। धनबाद में डीडीसी थे ।
मुख्य चुनाव आयुक्त के संवैधानिक पद पर कार्यरत रहे परन्तु चुनाव आयुक्त के पद पर इनका कार्यकलाप पर प्रश्न लगाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है कि राजीव कुमार,
'SIR' प्रक्रिया में भारी संख्या में लोगों के नाम काट दिए गए हैं। इसमें कई सारे वोटर जो जदयू के माने जाते हैं उनका भी नाम काट दिया गया है। अब जदयू के लोग क्षेत्रों का दौरा करेंगे। जब जदयू के सांसद गिरधारी यादव ने 'SIR' के खिलाफ़ बोला था तब यही लोग उनसे स्पष्टीकरण मांग रहे थे।