मासूम की जिंदगी खत्म करने का जिम्मेवार कौन ?
भ्रष्ट्राचार की भेट चढ़ा मासूम : 14 लाख में बना तीन गेट, दो साल भी नही टिका। लेकिन नही कोई जांच और नही कारवाई, क्योंकि मासूम का परिवार गरीब है। मातमपूर्सी की औपचारिकता भी नहीं।
Bihar : आम आदमी दो जून की रोटी के लिए परेशान है, दूसरी तरफ नौकरी पेशा वाले मामूली कर्मी से बड़े अधिकारियों तक भ्रष्टाचार का महल बनाने में जुटा है। मेसकौर से गिरफ्तार आवास सहायक इसी भ्रष्ट सिस्टम का हिस्सा है।
ककोलत : अब नही रहा गरीबों का कश्मीर
-जिला प्रशासन ककोलत में बढ़ती भीड़ का प्रबंधन करने के बजाय स्थानीय लोगों को दूर करने का काम कर रहा है।
-ककोलतवासी : पहले महोत्सव से दूर हुए अब झरना से दूर हो रहे।
- ककोलत सिर्फ झरना नही, स्थानीय लोगों के जिंदगी और संस्कृति का हिस्सा ।