जहाँ की मिट्टी में संघर्ष की महक और अपनों का बेपनाह प्यार है, वही मेरा बिहार है। हम दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएँ, पर दिल का एक कोना हमेशा गंगा की लहरों और गाँव की पगडंडियों में ही धड़कता है। गर्व है कि हम उस धरती से हैं जिसने दुनिया को ज्ञान और लोकतंत्र का पहला पाठ पढ़ाया।
📚 बिहार की पढ़ाई… किस हाल में?
सपने बड़े हैं, लेकिन शिक्षा व्यवस्था टूटी हुई है।
जिले-दर-जिले भारी अंतर है—कुछ जगह थोड़ी बेहतर हालत है, तो ज़्यादातर गाँव-कस्बे अभी भी बहुत पीछे हैं।
वीर रस के महान कवि और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन। उनकी कविताएँ हमें सदैव देशभक्ति, साहस और न्याय की राह दिखाती रहेंगी। 🙏✨
गमछा — सिर्फ़ कपड़ा नहीं, बिहार की पहचान है। कभी किसान के माथे का पसीना पोंछता है, तो कभी मेहमान के स्वागत में आदर का प्रतीक बन जाता है। त्योहार हो, पूजा-पाठ हो या लोकगीत की मंडली — गमछा हर जगह अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है।
बिहारी आवाज़, बिहारी अंदाज़।
हर बोली में एक कहानी है, हर लहजे में एक इतिहास।
हम हैं बिहारवाणी —जहां मिट्टी की महक, लोगों की जुबान और दिलों की धड़कन है।
यहाँ मिलेंगी:
🎙️ ठेठ देसी बातें,
🎨 लोक कला और कहानियाँ,
🎉 त्योहारों की झलक,
📖 और वो सब कुछ...जो बिहार को बिहार बनाता है।