जे केशव के कृपा-दया सें मिललै वीर महेन्दर गोप,
जेकरों खुल्ला छाती आगू थरथर, गोली, बन्दूक, तोप।
अमर शहीद वीर महेन्द्र गोप जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।
#VeerAhir_MahendraGop
The Bhavishya Purana mentions Vratapa, an Abhira woman from Vaksara (present-day Buxar), who was a devotee of goddess Chandika and the mother of Dasaraja and Vatsaraja, as well as the grandmother of Alha and Udal.
शहीद किशोर कुमार मुन्ना
पिता - श्री नागेश्वर यादव
रेजिमेंट - रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी
यूनिट - 278 फील्ड रेजिमेंट
अवार्ड - सेना मेडल (मरणोपरांत)
जन्मस्थान - खगड़िया जिला, बिहार
#IndianArmy#SenaMedal
Remembering Mahendra Gop, one of Bihar’s fiercest revolutionaries, who was executed by the British on 23 November 1945 at Bhagalpur Camp Jail. His fearless resistance and supreme sacrifice continue to inspire generations. Eternal salute to his martyrdom.
साल 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में नाथून सिंह यादव ने अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर अंग्रेज़ी हुकूमत के ख़िलाफ़ मोर्चा संभाला। बख्तियारपुर में थाना परिसर के पास ब्रिटिश पुलिस की अंधाधुंध गोलीबारी में वीर नाथून सिंह यादव शहीद हो गए।
शहीद नाथून सिंह यादव
स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानी 🧵
1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
#NathunSinghYadav
पटना ज़िले के बख्तियारपुर क्षेत्र के राघोपुर गाँव में जन्मे नाथून सिंह यादव उर्फ नाथू राय का जीवन सामान्य अवश्य था, लेकिन उनके सपने असाधारण थे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर वे स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े और 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
माननीय @narendramodi जी एवं @NitishKumar जी से निवेदन है कि नवनिर्मित पूर्णिया एयरपोर्ट का नाम बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और मंडल आयोग के अध्यक्ष स्व. बी.पी. मंडल जी के सम्मान में रखा जाए। यही कोसी-सीमांचल सहित पूरे बिहार की जनता की प्रबल मांग और अपेक्षा है।
#PurniaAirport
स्वतंत्रता सेनानी, महान परोपकारी एवं मधेपुरा के ज़मींदार यदुकुल गौरव बाबू रास बिहारी लाल मंडल जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
#MurhoEstate#Madhepura
एयर मार्शल ए.के. भारती, डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ, को ऑपरेशन सिंदूर में अद्वितीय नेतृत्व और बहु-स्तरीय वायु अभियानों की सफल योजना व क्रियान्वयन के लिए भारत के सर्वोच्च युद्धकालीन सम्मान "सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक" से सम्मानित किया गया।
उन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भाग लिया। 24 अगस्त को बेतिया में आयोजित एक जुलूस में वे नारे लगाते हुए सबसे आगे थे, तभी ब्रिटिश सैनिकों ने क्रांतिकारियों पर गोलियां चला दीं। फौजदार अहीर सीना तानकर डटे रहे और गोली लगने से वीरगति को प्राप्त हुए।
वीर फौजदार अहीर
पश्चिमी चंपारण के वीर सपूत 🧵
उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में साहसपूर्वक भाग लिया और ब्रिटिश गोलियों का सामना करते हुए मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
वीर फौजदार अहीर का जन्म 1900 ईस्वी में बिहार राज्य के पश्चिमी चंपारण ज़िले के मझौलिया ब्लॉक स्थित गोरसेमरा गाँव में श्री रेवती अहीर के पुत्र के रूप में हुआ था।
हालांकि गनर किशोर कुमार अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गए और 11 फरवरी 2018 को उनकी मौत हो गई। गनर किशोर कुमार एक बहादुर और प्रतिबद्ध सैनिक थे जिन्होंने देश की सेवा में अपना जीवन कुर्बान कर दिया।
26 जनवरी 2019 को उन्हें मरणोपरांत वीरता के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया।
शहीद किशोर कुमार मुन्ना
पिता - श्री नागेश्वर यादव
रेजिमेंट - रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी
यूनिट - 278 फील्ड रेजिमेंट
अवार्ड - सेना मेडल (मरणोपरांत)
जन्मस्थान - खगड़िया जिला, बिहार
#IndianArmy#SenaMedal
भारतीय सेना ने पाकिस्तानी आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब दिया और इसके बाद कई घंटों तक भारी गोलीबारी हुई। हालांकि, सीमा पार से गोलाबारी के दौरान गनर किशोर कुमार मुन्ना छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत विशेष उपचार के लिए उधमपुर के कमांड मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया।