नमस्कार 🙏
Reservation Hatao Movement के खिलाफ कुछ लोग भ्रामक खबरें फैला रहे हैं यह आन्दोलन शुरू होने से पहले खत्म हो गया उन लोगों से कहना चाहता हूं अभी आन्दोलन कि शुरुआत हुई है यह लंबी लड़ाई है ओर हम अन्तिम समय तक लड़ेंगे..
Jai Hind Jai Bharat 🇮🇳🙏
#reservationhataomovement
UGC नियमों के खिलाफ 600 किलोमीटर की पदयात्रा, महिपाल सिंह मकराना की तबीयत बिगड़ी
UGC के नए इक्विटी नियमों के खिलाफ चल रहे #UGCROLLBACK आंदोलन के प्रमुख चेहरे और श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना की तबीयत अचानक बिगड़ गई है।
करणी सेना के जयपुर कार्यालय की ओर से 29 जुलाई को जारी जानकारी के अनुसार, करीब 600 किलोमीटर की पदयात्रा और अनशन के बाद मकराना की तबीयत खराब हुई। (संलग्न तस्वीरों में देखें।)
दरअसल, जनवरी 2026 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC ने उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए नए इक्विटी नियम जारी किए थे। इन नियमों के तहत सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में Equity Committee, Equal Opportunity Centre और भेदभाव संबंधी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं।
करणी सेना और कई जनरल कैटेगरी संगठनों का मानना है कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग हो सकता है। संगठनों का कहना है कि इससे झूठी शिकायतों का खतरा बढ़ेगा और उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत तनाव पैदा हो सकता है। इसी आधार पर इन नियमों को पूरी तरह वापस लेने की मांग की जा रही है।
आंदोलन को तेज करने के लिए महिपाल सिंह मकराना ने जनवरी और फरवरी से देशभर में विरोध प्रदर्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस, मशाल जुलूस और महापंचायतों का आयोजन किया। सांसदों के घेराव और दिल्ली मार्च जैसे कार्यक्रमों की भी घोषणा की गई।
इसके बाद 11 जुलाई को राजस्थान के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर से 600 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू की गई। इस यात्रा का उद्देश्य UGC नियमों के खिलाफ जनसमर्थन जुटाना और सरकार पर दबाव बनाना था।
28 जुलाई को यात्रा घाटवा पहुंची थी, जहां स्थानीय लोगों ने मकराना और उनके समर्थकों का स्वागत किया। हालांकि, अगले ही दिन लंबी पदयात्रा और अनशन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई।
करणी सेना के समर्थक अब उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है।
(इस संदर्भ में यदि आपको कोई विशेष जानकारी है तो आप कमेंट बॉक्स में साझा कर सकते हैं।)
सूचना के अनुसार: UGC नियमों के विरोध में 600 किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे। श्री राजपूत करणी सेना के महिपाल सिंह मकराना जी की आज अचानक तबीयत बिगड़ गई।
हम माता करणी और भगवान महादेव से उनके शीघ्र स्वस्थ होने एवं उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना करते है।🙏🏻
बॉलीवुड की गंदगी का एक और नमूना
फ़िल्म - बटवारा
डायलॉग - मंदिर तोड़ना इस्लाम नहीं है
सच्चाई - मंदिर तोड़ना इस्लाम ही है। ग़ैर मुसलमानों से घृणा, उनकी महिलाओं से दुराचार इस्लाम है।
@GemsOfBollywood
@yajnshri Very sad to see this. In Gujarat, the number of cancer patients is increasing day by day, but the gov. is not taking sufficient action/creating enough public awareness. Strong preventive measures, early screening, and awareness campaigns.. @Bhupendrapbjp@sanghaviharsh
Mirabai Chanu weights 48 Kg, and lifts 190 Kg to win a Gold.
👍🏽👏🏽
My wife's weight is around 65 kgs, does not want to lift a vegetable bag of more than 3 kg, asks me to carry it…
And Still Wants Gold !!
(A frustrated husband)
🤪😔🤪
#WATCH | Haveri, Karnataka: A NEET aspirant, Bindushree Jagdish Pawar, says, “On July 16, they published what they claim is my original OMR sheet, showing that I attempted only 41 questions. In reality, I attempted 165 out of 180 questions, which earns me 668 marks according to the final answer key. Instead, they have shown that I attempted just 41 questions and declared a score of -11. There are clearly many loopholes and discrepancies in this OMR sheet. My only request to the government is to give me my original OMR sheet.”
मेरा देश जल रहा है, आगे बढ़ रहा है! अराजकता को यहाँ पाला जाता है, फिर फैलने दिया जाता है, फिर पुलिस को उसी अराजकता को रोकने पर, न्यायपालिका ज्ञान देती है और राष्ट्रभक्त दल के नेता अराजक तत्वों के समक्ष लिहुर कर तैयार हो जाते हैं कि मौला मेरे, ले ले मेरी…
बिहार में जिस स्तर की हिंसा हुई है, दिल्ली में जिस हिंसा के वीडियो हैं, अन्य राज्यों में जो दंगे-पथराव-तोड़फोड़ देखे गए हैं, वह सब वीडियो में उपलब्ध है, पर सरकार ने कहा है कि वो एक भी केस नहीं करेंगे। पुलिस ने जो किया है, वह भी वापस होगा।
‘पर अजीत जी, सरकार बाद में इन सब को पेलेगी, देख लेना आप!’
हाँ, किसान आंदोलन वालों को कैसे पेला था याद है। कितने पर FIR हुई, कितनों को दंड मिला? जयपुर में मुसलमानों ने पूरा थाना फूँक दिया था और रात के दो बजे भाजपा सरकार के मंत्री मुसलमानों से नेगोशिएट कर रहे थे कि सारे केस वापस लिए जाएँगे।
‘बिहार के उपचुनाव से पूर्व सरकार को ये करना पड़ रहा है’ से ले कर ‘बस FCRA, डीलिमिटेशन पास हो जाने दो’ बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि मोदी जी और अमित शाह सोच-समझकर चतुष्आयामी शतरंज की चालें चल रहे हैं।
वो जो भी खेल रहे हों, पर ध्यान रहे कि सार्वजनिक संपत्ति न तो अमित शाह के पैसों से बनती है, न मोदी के, न भाजपा के, वह टैक्स देने वालों की सामूहिक संपत्ति है। उसे अपनी राजनीति के लिए जलाने देना और केस वापस ले लेना, अवैध कार्य है।
मात्र दो दिन में, 5 मिलियन फॉलोवर्स होने के बाद भी मेन स्ट्रीम मीडिया ने इसको कवर नहीं किया।
1. Smita Prakash : 0
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