Burnol तैयार रखो! 🔥💀
न कोई काफिला और न VIP का दिखावा।
बस सीधे जनता के बीच।
जब कुछ लोग बुलेटप्रूफ SUV में बैठकर आम आदमी की बातें करते हैं।🤡🤡
वहीं राहुल गांधी वहीं खड़े होते हैं, जहाँ जनता खड़ी होती है।
अमित शाह जी सवालों से इतना क्यों घबरा गए?
• मोदी जी तो प्रेस वार्ता करते ही नहीं हैं
• योगी जी तो सवाल सुनते ही भाग खड़े हुए
• अब अमित शाह जी की हालत टाइट हो गई
क्या अद्भुत लोग हैं!
19 सितंबर को इंदौर आ रहा हूं - छात्रों से मिलने, आपको सुनने, आपसे बात करने।
अगर आप या आपके अपने education system के सताए हुए हैं और चाहते हैं कि ये हालात बदलें, तो आप जानते हैं - ‘छात्रों की गूंज’ आपकी सामूहिक आवाज़ है, बदलाव की शुरुआत करने का एक मौका है।
इस लिंक पर रजिस्टर कर बड़ी संख्या में जुड़ें: https://t.co/z4STGegsDE
शिक्षा के हर पहलू और आपके संघर्षों पर इंदौर में विस्तार से चर्चा करेंगे।
#ChhatronKiGoonj
राजस्थान निकाय चुनाव 🚨
कांग्रेस — 3292 सीटें 🔥🔥
यह सिर्फ राहुल गांधी और कांग्रेस की जीत नहीं है।
यह जीत है उन सभी लोगों की, जिन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर भरोसा किया। ❤️
ये तो सिर्फ ट्रेलर है...
पूरी तस्वीर 2029 में दिखाई देगी। 🗿🔥
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा की कही गई बातें बहुत कुछ सोचने पर आपको मजबूर कर देगी।
पवन खेड़ा— हमारी पार्टी 140 साल पुरानी पार्टी है, जिसमे 54 साल 7 महीने हम सरकार में रहे हैं।
आज भी हर राज्य में हमारा ख़ुद का ऑफिस नहीं है। और जहाँ है भी वहाँ किराए पर है।
वहीं बीजेपी को सरकार में आए 11 साल हुए लेकिन कोई ऐसा राज्य बता दीजिए जहाँ संघ और बीजेपी का अपना ऑफिस ना बन गया हो।
7 स्टार की फैसिलिटी वहाँ मिलेगी , यूट्यूबर को वहाँ जाने की अनुमति नहीं मिलती है। ये पैसा कहाँ से आया ?
मेरे प्यारे छात्रों, युवाओं और भारत के Gen Z,
आपके साथ सारा देश देख रहा है कि आज एक टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था ने आपकी उम्मीदों की लौ को बुझा कर आपके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है।
‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से मैं अलग-अलग शहरों में आपसे मिलकर आपकी चुनौतियां समझ रहा हूं। इसी मुहिम के साथ 19 सितंबर को मैं फिर आपके बीच, इंदौर में रहूंगा।
मगर इस सिस्टम को बदलने के लिए पूरे देश के हर छात्र की आवाज़, उनका दर्द और उनकी राय सुनी जानी ज़रूरी है।
नीचे दिए लिंक पर जाकर बताइए - आपको अपने सपने पूरे करने से क्या रोक रहा है? आप वीडियो बनाकर भी अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं।
आपकी समस्याएं। आपके सुझाव। हम मिलकर उम्मीद फिर से लौटाएंगे।
https://t.co/LJKkkNMrGM
#ChhatronKiGoonj
हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न - हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाज़ी होती है, कुछ छोटे अफ़सरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।
सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। पिछले 4 महीनों में सैदुलाजाब में ऐसी त्रासदी में 6 लोगों की मौत हुई, हौज़ रानी में आग ने 22 जानें ले लीं। हर बार जिंदगियां, सपने और अरमान मलबे में दबते हैं - और हर बार कार्रवाई गायब रहती है।
और जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री खुद आपको “दिमागी नक्सल, नाराज़ फूफा” जैसे अपमानजनक तमगे दे देते हैं - मकसद, सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करो, बदनाम करो और चुप करा दो।
12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की। दिल्ली में "ट्रिपल इंजन" सरकार है, तो अब किस बात से लाचार है?
लाचारी है नीयत की - क्योंकि जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती।
There Is No Accountability.
#TINA
राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया था कल
आज पुणे की सड़कों पर तूफ़ान आ गया हैं। 🔥
युवा वर्ग राहुल गांधी के साथ लग चुका हैं मजबूती से
रीट्वीट इतने करो की देश के कोने कोने तक आवाज जाए
सहारनपुर के DM साहब इस बात का खुलासा करें कि
सहारनपुर
मे
सिर्फ #मस्जिदे ही सरकारी भूमि पर बानी है
बाकि कोई और #धर्मस्थल सरकारी ज़मीन पर नहीं बना है
#DM साहब आपने जिस संविधान की शपथ ली है
वही संविधान ये कहता है
कि आजादी से पहले
बने हर धर्मस्थल का वजूद
बरकरार रक्खा जायेगा
फिर कैसे आपने मस्जिद शहीद कर दी
#योगी जी आपने पिछले 10 साल मे कोई ऐसा काम नहीं किया है जिसके बल पर चुनाव मे जा सके
इसलिए हिन्दू मुस्लिम कि राजनीती के बल पर चुनाव जीतना चाहते है
लेकिन ऐसा होगा नहीं
इस बार जनता Rahul Gandhi जी
के साथ है
Syed Asim Waqar
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
देश में परिवर्तन की आंधी चल चुकी है। 🔥
राहुल गांधी अब BJP की ट्रोल कंपनी की ट्रोलिंग से बहुत आगे निकल चुके हैं। जितना उन्हें रोकने की कोशिश हो रही है, उतनी ही उनकी आवाज़ मजबूत होती जा रही है।
अब गांधी को रोक पाना नामुमकिन है क्योंकि यह लड़ाई सिर्फ एक नेता की नहीं, बल्कि बदलाव की आवाज़ बन चुकी है। 🇮🇳