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इस तरह की खबरें कभी मेनस्ट्रीम मीडिया का हिस्सा नहीं बन पाती
वाल्मीकि समाज की बेटी की बारात ठाकुर नारायण सिंह जी की हवेली के सामने से निकल रही थी, फिर क्या था ? ठाकुर साहब ने दूल्हे समेत पूरी बारात को अपनी हवेली पर चाय नाश्ता कराया और दूल्हे को अपनी घोड़ी दी।
राजनीतिक लाभ के लिए कुछ लोग सनातनियों को आपस में लड़ाना चाहते है।
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#औ_का
बंगाल में बहुत बुरा हाल है
15 साल से गुंडाराज चलाने वाली ममता के गुंडों के जुलूस निकल रहे हैं
पब्लिक उन्हें गली मोहल्लों में कूट रही है
पुलिस ऑपरेशन लंगड़ा चलकर टांगें तोड़ रही है
तोला बाजों और कट मनी वालों के घरों से पीड़ितजन अपना माल वसूली कर रहे हैं
गुंडे बदमाशों माफियाओं के घर टूट रहे हैं
टीएमसी के सांसद विधायक पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं
ममता और अभिषेक किसी का फोन नहीं उठा रहे
बेचारे सौगात राय भी लपेटे में आ गए
कम्युनिस्टों के 35 साल और ममता के 15 साल में नर्क बन गया बंगाल
क्या करे कोई
50 सालों से लुटी पिटी जनता यही सब तो करेगी ?
दिलीप मंडल, दो दिन भाई टट्टी रोक ले यार! हग लेना भाई, जो भी तेरा जातिवादी एजेंडा है। आँख खोल कर देख कि बंगाल में दलित सेलिब्रेट नहीं कर रहा, वहाँ हिंदू सेलिब्रेट कर रहा है। उसके गाने सुन, उसका क्रोध देख।
तेरा सवर्ण-मुसलमान गठबंधन, दलित-आदिवासी ने जिताया सब बेकार है। खोल से बाहर निकल, बंगाल की दुनिया देख। वहाँ कोई अंबेडकर-फुले नहीं है। केवल हिंदुत्व है। माँ काली की धरा पर यदि 'जय श्री राम' चल रहा है, तो सोच कि क्या बदलाव है।
अंबेडकर मत ठूस, लोग समझ जाएँगे कि तेरे जैसे सलाहकारों ने भाजपा को केवल चुनावी हिंदू पार्टी बना दिया है, जो बस रैली में हिंदुओं की एकता खोजती है। रुक जा दो-चार दिन। फिर अतिसार करते रहना, हम देंगे दवाई।
यह बुल्ला योगी जी की माँ पर गंदी जुबान चलाने की सजा पाने को तैयार हो जाए!
माँ का अपमान सुनकर हर हिंदू का दिल फट जाता है वो माँ जो हमें जन्म देती है, पालती है, हमारी पहली पूजा है।
इस बेशर्म ने उस माँ को गाली देकर करोड़ों बेटों-बेटियों की आँखों में आग लगा दी, सीने में आंसू और गुस्सा दोनों भर दिए। यह दर्द सहना अब नामुमकिन माँ का अपमान मतलब हमारी पूरी संस्कृति, हमारी izzat पर हमला!
बुलडोजर अब चुप नहीं रहेगा इस नफरत के ठिकाने को धूल चटाकर मिट्टी में मिला दो, उसकी गंदगी का अड्डा तबाह कर दो।
योगी जी, अब वक्त आ गया है बुलडोजर की गर्जना सुनाओ, दिखाओ कि माँ का अपमान करने वाले की जगह सिर्फ़ मलबा बनेगा!
#HatePoliticsFail
#MaaKaApmaanNahiSahegaDesh
अजीत ब्रो ने न्यायपालिका को कई बार आड़े हाथों लिया है, लेकिन यह 2 मिनट की वीडियो बहुत क्रांतिकारी है। न्याय व्यवस्था के पूरे सड़े हुए सिस्टम को मात्र 120 सेकंड में सबके सामने रख दिया है।
@ajeetbharti
पत्रकार अजीत भारती ने भाजपा सरकार से ब्राह्मणों के खिलाफ़ JNU यूनिवर्सिटी और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही नफरत पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए।
BJP के सामने कुल 15 मांगें रखी है। अब देखना यह होगा कि सरकार इनमें से कितनी मांगो को पूरी करती है
🚨जिहादी मुसलमानों का गुजरात में बढ़ता आतंक
साणंद के कलाना में मुसलमान 60% हो चुके हैं
नीचे पोस्ट किए गए वीडियो में हिंदू बहने रोते हुए अपनी आपबीती बता रही है
1- वो कह रही है कि मुसलमान रास्ते में खड़े होकर अपनी पेंट की चेन खोलते हैं और अपना प्राइवेट पार्ट हिन्दू महिलाओं को दिखाते हैं
2- विरोध करने पर मारपीट करते हैं, छतों पर से पत्थर बरसाते हैं
3- हिंदू महिलाए यदि छत पर कुछ कार्य करने जाती है तो छतों पर से मुस्लिम लड़के, हिन्दू महिलाओं को देखकर अपने पूरे कपड़े उतार कर अश्लील हरकते करते हैं
हाल में बांग्लादेश में जब जिहादियों ने “दीपू दास” की हत्या की तब इसी गाँव के मुसलमानों ने हिन्दुओं पर जानलेवा हमला करते हुए कहा कि बांग्लादेश में तो एक को मारा है, यहाँ तो तुम सबको मार डालेंगे और #ठाकुरों को नहीं छोड़ेंगे…!!
गुजरात के तथाकथित जातिवादी ठाकुर समाज के नेता कहा मर गए ??? या फिर मुल्लो के दलाल बनकर हिंदुओं में जातिवाद का जहर फैलाकर आपस में लड़वाने का कांट्रैक्ट लिया हुआ है ?
@Bhupendrapbjp@sanghaviharsh जिन छत्तो पर से जिहादियों ने हिंदुओं पर पत्थर फेके उन्ही मकानों को आप पत्थर के ढेर में बदल दे ऐसी गुजरात की जनता आपसे अपेक्षा रखती है।
cc @narendramodi@AmitShah
मैंने 1997 के उपरांत सीधे (संभवतः) 2020-21 में पटाखे फोड़े थे। मैं उन लोगों में से था जिन्हें पटाखे फोड़ना उचित नहीं लगता था। प्रदूषण, धन की बर्बादी, हाथ जलने का संकट आदि इसके पीछे के तर्क थे।
जब मैंने वामपंथी बकचोदों की हिन्दू-घृणा देखी, कोर्ट को कूदते देखा तो हर वर्ष न केवल पटाखे फोड़े बल्कि लोगों से भी कहा कि और फोड़ो।
हमें मत बताओ कि हम त्योहार कैसे मनाएँ, उसका इतिहास क्या है, तब पटाखे होते थे या नहीं। उनका कोई मतलब ही नहीं। दीपावली भगवान राम के आगमन का रीक्रिएशन नहीं है कि तब जो-जो था, वही आज भी हो।
दीपावली भगवान के आगमन का उत्सव है। उत्सव हर काल में अपने हिसाब से मनाई जाएगी। जब पटाखे हैं तो फोड़े जाएँगे। दीपक है तो जलाएँगे, एलईडी आएगी तो वह भी जलाएँगे।
हमारा जो मन होगा, हम वो करेंगे। तुम्हारे डरपोक कुत्तों के लिए या प्रदूषण के लिए हम तुम्हारा ज्ञान नहीं सुनेंगे क्योंकि तुम्हारी एसी, कार, फ्रिज हर दिन तापमान बढ़ाती है।
शुभ दीपावली!
जस्टिस सूर्यकांत ने ‘उदयपुर फाइल्स’ के रिलीज को ले कर कहा है कि यदि यह रिलीज हुई तो बहुत बड़ी समस्या हो जाएगी। ये वही जज है जिसने नुपुर शर्मा को कहा था कि उसकी जिह्वा के कारण पूरा राष्ट्र जल रहा है।
कोर्ट कह रहा है कि उसे केन्द्र सरकार के विचार की प्रतीक्षा है। यानी, अब कोर्ट यह नहीं कह रहा कि नहीं पसंद तो मत देखो। चूँकि केन्द्र में इस्लाम की करतूत है, अतः उसके अपराधों को ढकना दोगली न्यायपालिका की प्राथमिकता बन जाती है।
जो दोगला जज यह मानता हो कि जिस कृत्य को इस्लामी दरिंदों ने फेसबुक लाइव पर गला रेतते हुए सार्वजनिक प्रदर्शन किया हो, उस सोच और कृत्य को फिल्म के माध्यम से दिखाना ‘समस्या उत्पन्न कर सकता है’, वह जज या तो वैचारिक रूप से पतित है, या कॉम्प्रोमाइज्ड है।
जिस जज को अपराध से समस्या न हो, बल्कि उसके फिल्मांकन से समस्या हो, वह जज नहीं, वैचारिक रूप से जिहादी ही है।
अमेरिका ने अपने B2 बंबर से विमान से ईरान के सभी न्यूक्लियर साइट जो जमीन के 300 फीट नीचे तक थी तहस-नहस कर दिया
सबसे खतरनाक फोर्दो एटमी साइट थी जहां रिएक्टर से लेकर जितने भी न्यूक्लियर वार हेड रखे थे सब नष्ट कर दिए
पूरे ईरान में रेडिएशन की पुष्टि हो रही है
नुपुर शर्मा द्वारा हडीथ बताने के बाद मुसलमानों द्वारा ‘सर तन से जुदा’ की धमकी देने और फिर कन्हैयालाल समेत, उमेश कोल्हे, प्रवीण नेट्टारु की हत्या लगातार हुई।
प्रवीण का हत्यारा कोई फाजिल था, जिसकी हत्या बाद में कर दी गई। इस हत्या में सुहास शेट्टी मुख्य आरोपित थे। उसी सुहास की हत्या आज कर दी गई है। सुबास ने अपना जीवन लव-जिहाद और अन्य धार्मिक कार्यों में लगा दिया था।
जिस तरह से उनकी हत्या हुई है, और उस पर कोई चर्चा तक नहीं हो रही, वह हमारे बारे में एक समाज के तौर पर बहुत कुछ बताता है।