IIT बॉम्बे की टॉपर प्रिया मिश्रा का बयान चर्चा में है।
तीसरे साल की छात्रा प्रिया मिश्रा ने कहा —
“छात्र के परिवार के लिए दुख है। लेकिन सूर्यनारायण सर को सजा क्यों मिल रही है? अगर नकल नहीं होती, तो सर कोई कार्रवाई नहीं करते।
30-40 पर्सेंटाइल लेकर IIT में आ जाते हो, और फिर परीक्षा में मोबाइल से नकल करना चाहते हो क्योंकि दबाव नहीं झेल सकते। मैं 90 प्रतिशत ला सकती हूँ, लेकिन मेरे पास आईफोन खरीदने के पैसे नहीं हैं।
विशेषाधिकार मुझे मिलना चाहिए, ऐसे बच्चों को नहीं।
केस उनके माता-पिता पर होना चाहिए। केस उस सिस्टम पर होना चाहिए जिसने एक कमजोर और अनपढ़ बच्चे को इतने बड़े संस्थान में भेज दिया, जहाँ दिमाग, IQ और दबाव झेलने की हिम्मत चाहिए।
अगर दबाव नहीं झेल सकते तो घर बैठो। सीट बर्बाद मत करो। सूर्यनारायण सर का इस्तीफा इस देश के हर ईमानदार शिक्षक का अंत है, और अब नकल शर्मनाक काम भी नहीं रहेगी।”
“अब तुम मेरी पत्नी हो, मुझे अपनी नग्न तस्वीरें भेजो, सनातन धर्म छोड़कर इस्लाम अपना लो” — नाबालिग हिंदू छात्रा से स्कूल शिक्षक सैयद फैजान हुसैन ने कथित तौर पर कहा।
जबलपुर के सेंट अलॉयसियस स्कूल में शिक्षक ने कथित तौर पर छात्रा से दोस्ती की, उससे नग्न तस्वीरें मांगीं और उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया।
इसके बाद छात्रा ने घर पर पूजा-पाठ और भक्ति करना बंद कर दिया, जिससे उसके माता-पिता को मामले की जानकारी हुई।
इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिक्षक को POCSO अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।
कांग्रेस का असली एजेंडा एक्सपोज़!
बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) में अवैध रोहिंग्याओं की
कथित भर्ती का यह सच हर भारतीय युवा को देखना चाहिए।
कितना बड़ा मज़ाक हे यहां के मुलनिवासी बेरोजगार घूम रहे हे बांग्लादेश के घुसपैठिये नौकरी कर रहे हे 😂
उनको पक्का मकान दे दो...
शौचालय दे दो...
उज्ज्वला योजना में सिलेंडर दे दो...
नल से जल दे दो...
बिजली का कनेक्शन दे दो...
आयुष्मान कार्ड दे दो...
मुफ्त राशन दे दो...
बच्चों को मिड-डे मील दे दो...
मुफ्त पुस्तकें दे दो...
स्कूल यूनिफॉर्म, जूते-मोजे दे दो...
चाहे पूरा घर सरकारी योजनाओं से भर दो,
फिर भी वे किसी भी कीमत पर वोट नहीं देंगे...
क्योंकि उनका अपना राजनीतिक मकसद है, जिसे वे नहीं भूलते।
और दूसरी ओर हम हैं... 😊
अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर दे दो...
काशी में भव्य गलियारा दे दो...
अनुच्छेद 370 हटा दो...
हमारे लिए सिर के बल खड़े हो जाओ...
फिर भी हम पक्के तौर पर नहीं कह सकते कि
हम वोट उसी को देंगे!
अरे भाई, हम 1000 वर्ष गुलाम रहे हैं...
कोई मजाक थोड़े है!
इतनी जल्दी राजनीतिक चेतना का कायाकल्प हो जाए,
यह भी तो संभव नहीं। 😏
असल में शायद हमें गुलामी की मानसिकता में ही एक अजीब-सा आराम मिलता है।
तभी तो आज भी हम कभी इस दल की, कभी उस दल की राजनीतिक छाया में जाने को उतावले दिखाई देते हैं।
वो वो हैं...
और हम हम हैं!
बस फर्क इतना है कि
वो अपने राजनीतिक हित को नहीं भूलते,
और हम अपनी राजनीतिक स्मृति को बार-बार रीसेट कर देते हैं। 😏
Inspiration .....भगवान स्वरुप शर्मा भैया..!
प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण मांगने से अच्छा है खुद का कम्पनी खोलिए और उसमें एक भी स्वर्ण को नौकरी पर मत रखिए...
आरक्षण 100% लागू करिए, फिर देखिए...
1 साल में कम्पनी दिवालिया होगी या दूसरा Google बनेगी 🙋🤲🏻🤲🏻
तुम्हारा 5000 साल पानी नहीं पीना दिया वाला रिवाज़ भी पूरा हो जाएगा 😂😂😂😂
पुरानी तीन घटनाएं याद दिला दूँ। मैं यहां पहले ही स्पष्ट कर देना चाहता है कि जो घटनाएं जैसी हुईं सिर्फ वैसी ही लिखी जा रही हैं।
1. ज्ञानी जैल सिंह, पूर्व राष्ट्रपति थे उन्हें Z security प्राप्त थी। उन्होंने दिल्ली में घोषणा की "कल मैं चंडीगढ़ पहुंचने के बाद बोफोर्स के सारे राज खोलने वाला हूँ। तो साहब हुआ ये कि दिल्ली -चंडीगढ़ मार्ग पर सामने से एक ट्रक दनदनाता हुआ आया और जैलसिंह की कार को कुचल दिया वे वहीं मृत्यु को प्राप्त हुए। कोई जांच नहीं हुई।
2. राजेश पायलट ने कांग्रेस नेत्री की सलाह नहीं मानी। उन्होंने घोषणा की कल मैं कांग्रेस अध्यक्ष पद हेतु नामांकन भरूँगा। बस फिर क्या था सामने से एक बस आई और उनकी कार को कुचल दिया वो वहीं मृत्यु को प्राप्त हुए। कोई जांच नहीं हुई।
इन दोनों घटनाओं में modus of operandi एक समान थी। तीसरी घटना में modus of operandi अलग थी।
3.श्रीमन्त माधवराव सिंधिया उस लोकसभा चुनाव के पूर्व कांग्रेस के सबसे लोकप्रिय व कर्मठ नेता थे। वे लोकसभा के लिए लगातार नवीं बार चुने गए थे व लोकसभा में विपक्ष के नेता भी थे। कांग्रेस नेत्री ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को कहा मैं प्रचार करने आ रही हूँ ! प्रदेश अध्यक्ष निर्भीक था उसने कहा आप मत आइए माधवराव जी को भेज दीजिए वे ही वोट दिलवा सकते हैं। बस फिर क्या था। माधवराव जी को बोला गया कि आप अपने व्यक्तिगत विमान से नहीं बल्कि इस विमान से जाएंगे। एक चश्मदीद किसान ने बयान दिया विमान में पहले बम विस्फोट हुआ फिर आग लगी। विमान में सवार आठों लोग मारे गए लेकिन कोई जांच नहीं हुई। अल्प काल के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भी मृत पाए गए।
इसी तरह से 1965 की लड़ाई के विजेता पीएम श्री लाल बहादुर शास्त्री जी डॉ होमी जहांगीर भाभा के साथ 2500 से ज्यादा इसरो और डीआरडीओ के साइंटिस्ट और टॉप इंजीनियर बहुत ही संदेहपूर्ण स्थिति में मारे गए जिनकी कोई जांच तक भी नही की गई जिसमे 2014 में बीजेपी के आने के बाद स्तिथि पर पर काबू पाया गया। कांग्रेस नेत्री ने देश के लिए क्या-क्या काम किया है?
■ राजीव गांधी अपने पूरे जीवन काल मे कुल 181 रेलिया की थीं। जिसमें 180 में सोनिया गांधी भी उसके साथ थी बस उस दिन साथ नहीं थी जिस दिन राजीव गांधी के जीवन की अंतिम रैली हुई।
■ राजीव गांधी की हत्या के समय 14 लोगों की भी मौत हुई थी। मगर मजे की बात इन मरने वाले 14 लोगों में एक भी कोंग्रेसी नेता नहीं था जो भी मरे आम लोग थे। क्या ये सम्भव है कि देश के प्रधानमंत्री की रैली में उनके साथ एक भी बड़ा कोंग्रेसी नेता नहीं हो?
■ राजीव गांधी के साथ कोई बड़ा या छोटा कांग्रेसी नेता नहीं मरा ना सोनिया गांधी जो हर सभा में राजीव गांधी जी के साथ रहतीं थीं। उस दिन होटल में सरदर्द के कारण रुक गईं थी ये आफिशियल स्टेटमेंट हैं। तो क्या सबको मालूम था कि क्या होने वाला है और इस तरह पूरी कांग्रेस विदेशियों द्वारा हाइजैक कर ली गई।
■ बाद में खुद प्रियंका गांधी ने अपने बाप के कातिल को कोर्ट में माफ करने की अपील कर दी थी।
■ जब से इटली की सोनिया गांधी इस परिवार की बहू बनकर आई हैं तब से अब तक इस गांधी परिवार में एक भी मृत्यु को प्राकृतिक मृत्यु का सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ है सब अप्राकृतिक मौत मरे हैं।
■ इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी के ससुर कर्नल आनंद अपने ही फार्म हाउस से थोड़ी दूरी पर गोली लगने से मरे पाये गये थे।
■ संजय गांधी हवाई जहाज गिर जाने से मारे गये। इंदिरा गांधी अपने ही अंगरक्षकों के द्धारा गोली मारे जाने से मारी जाती है।
■ राजीव गांधी को बम से उड़ा दिया जाता है।
■ प्रियंका गांधी के ससुर राजेन्द्र वाड्रा दिल्ली के एक गेस्ट हाउस मे मरे पाये जाते है। प्रियंका गांधी की ननद जयपुर दिल्ली हाइवे में कार दुर्घटना में मारी जाती है। प्रियंका गांधी का देवर मुरादाबाद के एक होटल में मरा पाया जाता है।
■ हम खुद देख सकते हैं केरल में नम्बी नारायण को जेल, गोधरा व मालेगांव कांड में हिन्दुओं को फंसाना व पाकिस्तान आतंकवादियों को छोड़़ना, हिन्दू आंतकवाद शब्द का जन्म, करोड़ों व अरबों के घोटाले, देश को कमज़ोर करना, देश में गोला बारूद का इमरजेंसी स्टॉक 40 से 7 दिन करना, सेना को गोला बारूद ना देना, बुलेट प्रूफ जैकेट्स न देना, लड़ाकू विमान न खरीदना, कश्मीर से हिन्दू पंडितों से निकालना, 26/11 के लिए पाकिस्तान पर एक्शन के लिए मना करना, चीन के अम्बेसडर से मिलना व बाद में इनकार करना, डिफॉल्टर्स को बैंक्स के मना करने के बावजूद अरबों रुपए के लोन देने अब लंदन कोर्ट की मोहर से जग जाहिर। सबसे मजे की बात देखिए संसद पर हमले के दिन सोनिया गांधी संसद हीं नहीं गई थी।
इतिहास का ये सवाल जितना आसान लगता है,
कहानी उतनी ही दिलचस्प है! 👀
क्विज में अक्सर पूछा जाता है -
वो कौन शख्स था जो भारत का चीफ जस्टिस रहा, उपराष्ट्रपति बना और राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी भी संभाली ?
जवाब है - न्यायमूर्ति मोहम्मद हिदायतुल्लाह..
उनका सफर भी गजब था -
मुख्य न्यायाधीश → कार्यवाहक राष्ट्रपति → फिर मुख्य न्यायाधीश → उपराष्ट्रपति → फिर कार्यवाहक राष्ट्रपति।
और इसी दौर में भारत ने कांग्रेस की फूट, बैंक राष्ट्रीयकरण, बांग्लादेश का निर्माण, आपातकाल, इंदिरा गांधी की हार, जनता सरकार, उसकी विदाई और इंदिरा गांधी की वापसी जैसे कई बड़े राजनीतिक दौर देखे।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
हिदायतुल्लाह के बड़े भाई मोहम्मद इकरामुल्लाह आजादी के बाद पाकिस्तान चले गए और वहां जिन्ना के दौर में विदेश मंत्रालय के सचिव बने। इकरामुल्लाह की पत्नी के रिश्तेदारों में हुसैन शहीद सुहरावर्दी भी थे, जो आगे चलकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने।
यानी एक ही परिवार की कहानी -
एक भाई हिंदुस्तान में, दूसरा पाकिस्तान में…
और दोनों ने अपने-अपने मुल्कों में बड़ी जिम्मेदारियां संभालीं।
अब इतिहास के जानकारों के लिए असली सवाल👇
हिदायतुल्लाह साहब का एक विद्यार्थी आगे चलकर भारत का प्रधानमंत्री बना था।
बताइए, वह विद्यार्थी कौन था ? 🤔🇮🇳
देखता हूं बिना गूगल किए सही जबाव कौन कौन देगा..
यह वही महिला पुलिस अधिकारी है जो सोशल मीडिया पर वर्दी पहने हुए अपने ऑफिस की चेयर पर बैठते हुए वीडियो बना कर सबसे पहले जय हिंद ना बोल कर अस्सलाम वालेकुम बोल रही थी |
महिला दो हजार इक्कीस बैच की क्वालिफाइड आईपीएस है जिसको विभाग में सेवाएं देते हुए लगभग पांच साल पूरे हो गए लेकिन यह नहीं सीखी कि किसी भी अधिकारी के लिए जय हिंद कहना ही उसका धर्म है |
अब जैसे ही इस महिला आईपीएस ने अस्सलाम वालेकुम और इंशाह आल्हा जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर वैसे ही सोशल मीडिया पर आवाज उठने लगी कि महिला इतनी कट्टर है तो उन मामलों में क्या एक्शन लेती होगी जिन मामलों में किसी हिंदू का शोषण मजहबी ने करा हो |
सोशल मीडिया पर मामला इतना वायरल हुआ कि सीधा वाहन तक पहुंच गया जहां तक लाखों सोशल मीडिया यूजर पहुचाना चाहते थे |
अब सुनने में आ रहा है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने इस रिलीजियस महिला आईपीएस को स्टेट आर्म्ड पुलिस विभाग में ट्रांसफर कर भेज दिया है और बाकी अधिकारियों को समझा दिया कि वर्दी पहनने वालों के लिए मजहब नहीं ड्यूटी पहले जरूरी है |
अब हिंदुओं के लिए जरूरी समझने वाली बात यह है कि एक तरफ हमारे हिंदू पुलिस अधिकारी हमारे ही त्योहारों के बीच में घुस कर गणेश शोभायात्र के दौरान बजाए जा रहे डीजे को साउंड मीटर से नापा करते हैं लेकिन मजहबी रैली में मीटर लेकर नहीं घुसते |
दूसरी तरह सामने वाले विचारों के अधिकारी ऑन कैमरा सोशल मीडिया और लाइव आ कर अपनी मजहबी मानसिकता का प्रदर्शन करने से बिल्कुल नहीं चूकते | इसी लिए बंगाल में हिंदू आज दबा कुचला हो गया और बांग्लादेश से आए घुसपैठिए बब्बर शेर |
सारा अरब और आधा सेंट्रल एशिया आज भी बासमती चावल भारत से खरीदता है, क्योकि वहाँ चावल पैदा नहीं होते
और बार बाला के इतिहासकार एवं चमचे बताते है
की मुग़ल बिरयानी लाए थे 😂😂
साथियों
भारतीय माता पिता जैसे माता पिता पूरे विश्व मे नही......
आप खुद देखो ये बवाल...
😂👇
अमेरिका में भारतीय मूल के बच्चों को लेके एक नया बवाल खड़ा हुआ है!
पिछले हफ़्ते हुए टेक्सास के यूनिवर्सिटी के एक मैच के दौरान भारत वंशी बच्चों की संख्या देख अमेरिका में खड़ा बवाल उत्पन्न हो गया। इतने सारे बच्चे देख लोग सवाल कर रहे है कि आखिर एक राज्य के डेमोग्राफिक्स और एक यूनिवर्सिटी में भारतीय मूल के इतने बच्चे कैसे आ गए?
आज से मात्र दस वर्ष पहले इस यूनिवर्सिटी में नौ प्रतिशत भारतीय मूल के स्टूडेंट्स थे। आज २७ प्रतिशत भारतीय मूल के बच्चे है। टेक्सस वो राज्य है जिधर भारतीय लोगों की सर्वाधिक उपस्थिति है- ख़ास तौर पे दक्षिण भारतीय लोगों की। इस यूनिवर्सिटी की नियमावली कहती है- इधर के अधिकांश स्टूडेंट वही होंगे जो राज्य के बाशिंदे होंगे।
स्वाभाविक है- टेक्सास में भारतीय लोगों की बढ़ती संख्या के चलते ये स्टूडेंट्स इतनी संख्या में है। और इसी से लोगों की भृकुटि टेढ़ी हो रही है!
अब कुछ ग्राउंड लेवल की बातें भी जानिये जो किसी अखबार या मीडिया में नहीं मिलेंगी!
मेरी जान पहचान में नब्बे प्रतिशत भारतीय बच्चे इधर मेडिकल में पढ़ रहे है। सुपर टैलेंटेड भी ना सही- औसत बुद्धि से ऊपर का भारतीय मूल का बच्चा मेडिकल स्ट्रीम में दाखिला ले चुका होगा। ये पढ़ाई ना केवल महंगी है बल्कि इसमें दाखिला लेने हेतु अच्छे नंबर आने चाहिए।
अमेरिका में मेडिकल के एडमिशन भारत की तरह पेचीदे और कम्पेटिटिव नहीं है। ना कोई आरक्षण और ना गला काटूँ स्पर्धा। तो बच्चे का यदि मेडिकल पढ़ने का मन है तो बड़ी आसानी से दाखिला मिल सकता है यदि अस्सी नब्बे प्रतिशत अंक भी ले आए तो।
रही बात पढ़ाई की क़ीमत की- तो भारतीय पेरेंट्स इस मामले में अमेरिकी पैरेंट्स से बहुत आगे है। भारतीय माँ बाप अपने बच्चे की पढ़ाई का खर्चा भी उठायेंगे और उसके रहने खाने पीने का भी ! दूसरी तरफ़ अमेरिकी बच्चे को अपनी पढ़ाई हेतु मंहगा लोन लेना पड़ेगा, रहने खाने पीने का खर्चा भी ख़ुद उठाना होगा।
और यही वो पड़ाव है जिधर भारतीय बच्चा बाज़ी मार ले जाता है। ना पढ़ाई की क़ीमत का बोझ और ना रहने खाने पीने की चिंता- सब माँ पिता की ज़िम्मेदारी। उसे केवल पढ़ाई करनी है जो वो करता है और जीवन में आगे बढ़ता है।
आज अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टरों की बढ़ती संख्या में यही मुख्य कारण है। आने वाले दस सालों में भारतीय डॉक्टरों की संख्या और बढ़ेगी और ये डॉक्टर टेंशन फ्री होके मार्केट में आयेंगे।
जान पहचान में ऐसे भी मित्र है जो बच्चे की उच्च शिक्षा हेतु ना केवल घर बेच देते है , बच्चे के कॉलेज के पास रहते है, उसके लिए खाना बनाते है, उसकी देखरेख करते है, बल्कि उसके विवाह तक उसे छोटा बालक समझते है!
भारतीय माँ पिता से अधिक जिम्मेदार पेरेंट्स दुनिया में और कोई नहीं है- यही शाश्वत सत्य है। भारतीय माँ पिता वो सुरक्षा कवच है जो दुनिया में किसी और मूल के बच्चे को नहीं मिल सकता!
सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने वाली भारतीय फ़िल्में
हनुमान अंश - 238 करोड़ (2 करोड़ का बजट)
महावतार नरसिंह - 248 करोड़ (15 करोड़ का बजट)
इससे यह साबित होता है कि भारतीय दर्शक ऐसी फ़िल्में ज़्यादा देखना चाहते हैं जो हिंदू धर्म को बढ़ावा दें, न कि हिंदुओं के ख़िलाफ़ 'उर्दूवुड' का प्रोपेगैंडा फैलाने वाली फ़िल्में।
मैंने पीएम मोदी से कहा कि मैंने लोकल करेंसी में हमारे ट्रेड को टेस्ट किया।
मैंने यहां कुछ किताबें खरीदीं और लोकल करेंसी में पेमेंट किया।
कार्ड पर मेरा पेमेंट रुपये में हुआ और वह साउथ अफ्रीकन रैंड में बदल गया।
इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।
: सिरिल रामाफोसा, साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति
खबर है कि कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्रियों को भी ब्रिक्स डिनर में आमंत्रित किया गया था लेकिन वे नहीं गए ।
दो वजह हो सकती है,
पहली मुख्य वजह, जब तक "राजपरिवार" आमंत्रित नहीं होगा तब तक किसी कांग्रेसी की हिम्मत नहीं हो सकती है कि वह जाए।
वहां मुख्य मंत्री की हैसियत एक छोटी रियासत के मुखिया से अधिक नहीं होती है।
हुक्म तो राजपरिवार का ही चलता है।
दूसरी वजह, शायद उन्हें पता चल गया था कि उन्हें जानवरों की लाश से बना भोजन नहीं मिलने वाला ।
आपको क्या लगता है ??
जो कांग्रेसी कुत्ते कहते थे कि यूपीआई भारत में कभी सफल ही नहीं होगा लोगों के पास इंटरनेट नहीं है लोग पढ़े-लिखे नहीं है कौन यूपीआई से पेमेंट करेगा भारत के लोग कैश को फील करना चाहते हैं और कैश को फील करने के आदी हैं भारत के लोग कभी भी डिजिटल करेंसी में विश्वास नहीं करेंगे
हावर्ड से पढा चिदंबरम संसद में कहता था आपका यह यूपीआई प्रोजेक्ट फेल हो जाएगा आम जनता इसे कभी नहीं अपनाएगी भारत में कितने लोगों के पास POS सुविधा है भारत में कितने लोगों के पास इंटरनेट है भारत में कितने लोग इंग्लिश जानते हैं भारत में कितने लोगों के पास स्मार्टफोन है
आज वहीं कांग्रेसी कुत्ते 2000 से ज्यादा मर्चेंट यूपीआई पर ₹20 चार्ज लगाए जाने पर छाती कूट रहे
बड़ी खबर:
तारिक रहमान को दिया झटका।
UAE ने 4,800 से अधिक बांग्लादेशी प्रवासियों के UAE वीजा रद्द कर दिए गए हैं।
इसके चलते कई लोग बांग्लादेश में फंस गए हैं और अपनी नौकरियों तथा कारोबार पर वापस नहीं लौट पा रहे हैं।
जो यूएई में हैं, उन्हें निकाला जा रहा है।
🚨 “फाइलें जला सकते हो, लेकिन मोबाइल टावर डंप नहीं मिटा सकते — आदित्य ठाकरे की लोकेशन दिशा सालियन की मौत वाली जगह के पास मिली!” 🚨
सवाल: दिशा सालियन की मौत के समय आदित्य ठाकरे की मौजूदगी को लेकर क्या बड़ा तकनीकी दावा सामने आया है?
अर्णब गोस्वामी: “केस की फाइलें और कागजात नष्ट करना एक बात है, लेकिन मोबाइल टावर लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड आसमान में उड़ाकर गायब नहीं किए जा सकते!
रिकॉर्ड में जानकारी है कि आदित्य ठाकरे का मोबाइल टावर उस समय दिशा सालियन की मौत से जुड़ी जगह के पास ही ट्रेस हुआ था!
इसके अलावा एनसीबी की जांच में अधिकारी समीर वानखेड़े ने भी आदित्य ठाकरे की उसी लोकेशन पर मौजूदगी का सबूत निकाला था!”
बहोत ही बड़ा खुलासा
दिशा सालियान का मर्डर 8 तारीख की रात को
दाहसंस्कार 9 तारीख को
लेकिन पोस्टमार्टम 11 तारीख को कूपर हॉस्पिटल में गजब
इसलिए मुंबई हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं जिसमें मुख्य अभियुक्त आदित्य ठाकरे को बनाया गया है।
सेक्युलरिज्म के नाम पर इन्हें वोट दोगे, तो परिणाम ऐसे ही देखने को मिलेंगे।
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को जिताने के लिए कई लोगों ने गंगा-जमुनी तहज़ीब का हवाला दिया था।
लेकिन आज वही सांसद हजारों लोगों की भीड़ के सामने खड़े होकर केवल “मुसलमानों, एकजुट हो जाओ” की अपील करते नजर आते हैं।
उस मंच से न विकास की चर्चा हुई,
न पश्चिमी उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले नए एक्सप्रेसवे चर्चा का विषय बने।
न शिक्षा को मुद्दा बनाया गया,
न महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर उत्तर प्रदेश सरकार की सख्ती की चर्चा हुई।
चर्चा हुई तो सिर्फ इस बात की कि “मुसलमान एक हो जाओ और प्रत्याशी देखे बिना कांग्रेस को वोट देकर अपनी सरकार बनाओ।”
लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकार की योजनाओं का लाभ धर्म देखकर दिया गया?
भाजपा सरकार में आवास, राशन, आयुष्मान कार्ड, महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को दिया गया है।
फिर भी यदि राजनीतिक अपील का आधार केवल धार्मिक एकजुटता और सामूहिक मतदान बन जाए, तो यह विकास और जनकल्याण की राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वह यूट्यूब रिल बाज महिला जो पत्रकार के वेश में योगी आदित्यनाथ जी के प्रेस वार्ता में गई थी उसके कुछ पुराने वीडियो वायरल हो रहे हैं
इस वीडियो में यह रीलबाज महिला राम मंदिर पर मुसलमान को भड़काने वाले बाइट ले रही थी और जब एक हिंदू व्यक्ति ने उसे टोका तब वह मारपीट और लड़ाई झगड़े पर उतारू हो गई थी
यह समाजवादी पार्टी के पे-रोल पर है