@AnandKaushalSi2 सरकार जितना भी जुल्म सितम ढाहे हमारी मांगों में परिवर्तन नहीं होगा। इसके लिए मरते दम तक लड़ते रहेंगे।
ये संशोधित विशिष्ट नियमावली एक लॉलीपॉप है।एक सुनियोजित चाल है जिसमें शेष बचे हुए कट्टर नियोजित शिक्षकों को फंसाया जा सके।
माननीय मुख्यमंत्री #NitishKumar जी गजब है, सेवा निरंतरता के साथ पूर्ण वेतनमान, प्रमोशन, पुराना पेंशन देने के बजाय शिक्षकों को डराने के लिए नियमावली में संशोधन किए है। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण ।
संदर्भ- विशिष्ठ शिक्षक संशोधित नियमावाली।।
#teachers#Bihar#highlight#TejashwiYadav
इस कोर्स को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कराया गया । खर्च सदनो से पास कराया गया राज्य सरकार ने सहमति दी और आज उसी डिग्री को गलत लोगो ने आधे सच को छुपा कर माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा ???हमे न्याय चाहिए @suprimcourt@CBsharma01 @ncteDelhi @PMOIndia#save_nios_deled_degree
✍️रोना धोना छोड़ के , बीवी बच्चों से नाता तोड़ के ..
बोरिया बिस्तर मोड़ के ,
घर परिवार छोड़ के ,
10 अनुमंडल से रिश्ता जोड़ के ।
चलो सुधारने अपना बिहार , गूंगी बहरी है ये सरकार ~ (विशिष्ट शिक्षक)
भर्ती प्रक्रिया के मध्य में नियम नहीं बदल सकते: सर्वोच्च न्यायालय
सक्षमता-1 परीक्षा उत्तीर्ण नियोजित शिक्षकों की अंतरजिला पदस्थापना में यह न्यायादेश लागू हो सकता है?
विशिष्ट शिक्षक नियमावली में शिक्षा विभाग ने इस अंदेशा को भांपते हुए पहले से प्रावधान कर रखा है।
सोचा था परीक्षा के बाद गृह पंचायत,प्रखंड न सही आस पास में #पोस्टिंग हो जायेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ । राज्यकर्मी से ही संतुष्ट हो लेते हैं । आने वाले समय में फिर प्रयास किया जायेगा ।
#स्थानांतरण#पदस्थापन#स्थानांतरण#पदस्थापन
सुप्रीम कोर्ट के 5 जज की बेंच ने स्पष्ट किया हैं कि विज्ञापन जारी होने के बाद किसी भी प्रकार का बदलाव बीच में नहीं हो सकता हैं तो बिहार सरकार बीच में डोमिसाइल क्यों हटाया और भाषा आहर्ता में बदलाव क्यों किया सरकार अविलम्ब बाहरी चयनित अभ्यर्थी को बाहर कर पुनः रिजल्ट जारी करें