बापूजी ने अपने जीवन के 50 वर्ष समाज, देश और संस्कृति की सेवा में लगाए। आज 87 वर्ष की उन्नत आयु में वे एनीमिया, प्रोस्टेट विकार और सियाटिका जैसी गंभीर पीड़ा झेल रहे हैं। इस #CriticalHealth की स्थिति में उन्हें गरिमापूर्ण चिकित्सा न मिलना Human Rights Violation है।
पूज्य Sant Shri Asharamji Bapu का संदेश है कि गाय की रक्षा, राष्ट्र की रक्षा है। इसलिए #GauRaksha और Gau Sewa प्रत्येक जागरूक नागरिक का नैतिक दायित्व बनना चाहिए।
स्वास्थ्य का अधिकार हर इंसान का बुनियादी अधिकार है। 87 वर्ष के वृद्ध संत श्री आशारामजी बापू को इस नाजुक मोड़ पर उचित आहार, आराम और पूर्ण चिकित्सा व्यवस्था अतिशीघ्र उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इस #CriticalHealth में देरी करना Human Rights Violation की श्रेणी में आता है।
धन, पद और वैभव होने पर भी यदि आत्मज्ञान, ईश्वरभक्ति और संतों का संग नहीं है, तो भीतर का संतोष प्राप्त नहीं होता। वहीं, जिसके जीवन में सत्संग है, वह कैसी भी परिस्थिति में आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध रहता है।
#AsharamjiBapuQuotes
सत्संग और भगवान में श्रद्धा होनी चाहिए। दुनिया का धन-संपदा मिल जाए, लेकिन जिस आदमी को सत्संग नहीं है वो अभागा जरूर है। बड़े में बड़ा दुर्भाग्य है जन्म - मरण, बड़े में बड़ा दुर्भाग्य है आत्मसुख से वंचित रहना, बड़े में बड़ा दुर्भाग्य है अंतरात्मा की ख़बर नहीं। अगर सत्संग है तो शबरी भीलन की तरह रहता है, फिर भी धनभागी है और राजा जनक की तरह रहता है फिर भी धनभागी है। गरीब होकर रहता हो या धनवान होकर रहता हो अगर सत्संग है तो वो सचमुच में आत्म धन से धनवान है।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ आत्मशांति, विवेक और ईश्वर से जुड़ाव सत्संग से ही मिलता है। जिसके जीवन में सत्संग है, वही वास्तव में भाग्यवान और आत्मधन से समृद्ध है।
#AsharamjiBapuQuotes
सत्संग और भगवान में श्रद्धा होनी चाहिए। दुनिया का धन-संपदा मिल जाए, लेकिन जिस आदमी को सत्संग नहीं है वो अभागा जरूर है। बड़े में बड़ा दुर्भाग्य है जन्म - मरण, बड़े में बड़ा दुर्भाग्य है आत्मसुख से वंचित रहना, बड़े में बड़ा दुर्भाग्य है अंतरात्मा की ख़बर नहीं। अगर सत्संग है तो शबरी भीलन की तरह रहता है, फिर भी धनभागी है और राजा जनक की तरह रहता है फिर भी धनभागी है। गरीब होकर रहता हो या धनवान होकर रहता हो अगर सत्संग है तो वो सचमुच में आत्म धन से धनवान है।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ आत्मज्ञान के बिना मनुष्य सुख की खोज में केवल भटकता ही रहता है। परमात्मस्वरूप का बोध ही जीवन को पूर्णता और संतोष प्रदान करता है।
#AsharamjiBapuQuotes
पवित्र स्थान, शुभ तिथियाँ और संतों की प्रेरणादायी उपस्थिति साधना के प्रभाव को बढ़ाती हैं। नियमित नामजप एवं ईश्वर-स्मरण से मन शुद्ध, शांत और शक्तिशाली बनता है। #AsharamjiBapu
अनुष्ठान से आत्मशक्ति जागृत होती है। मंत्र में जितने अक्षर हैं, उतने लाख, उतने हजार, उतने सौ और उतने मंत्र होते तो एक अनुष्ठान सिद्ध होता। अच्छा, तो मंत्र एक बार जपते तो उसका एक फल होता है, लेकिन तुलसी के पौधे के आगे बैठ के जपते तो दस गुना होता। गौशाला में जपते, बैल नहीं बधां है। गौशाला में जपते सौ गुना फल होता है। शांत मंदिर में जपते अथवा गुरु की कुटिया है, गुरु ने कोई संत ने भजन किया है, उधर जप करते हजार गुना जप होता है, फल होता है। अमावस्या को जप करते, पूर्णिमा को जप करते, होली की रात, शिवरात्रि की रात, दिवाली की रात, जन्माष्टमी की रात को जप करते तो दस हज़ार गुना फल होता है।
#AsharamjiBapu
अनुष्ठान से आत्मशक्ति जागृत होती है। मंत्र में जितने अक्षर हैं, उतने लाख, उतने हजार, उतने सौ और उतने मंत्र होते तो एक अनुष्ठान सिद्ध होता। अच्छा, तो मंत्र एक बार जपते तो उसका एक फल होता है, लेकिन तुलसी के पौधे के आगे बैठ के जपते तो दस गुना होता। गौशाला में जपते, बैल नहीं बधां है। गौशाला में जपते सौ गुना फल होता है। शांत मंदिर में जपते अथवा गुरु की कुटिया है, गुरु ने कोई संत ने भजन किया है, उधर जप करते हजार गुना जप होता है, फल होता है। अमावस्या को जप करते, पूर्णिमा को जप करते, होली की रात, शिवरात्रि की रात, दिवाली की रात, जन्माष्टमी की रात को जप करते तो दस हज़ार गुना फल होता है।
#AsharamjiBapu
गुरुतत्त्व बड़ा ही विलक्षण और रहस्यमय है।इस तत्त्व की कृपा से लोक और परलोक -दोनों ही प्राप्त हो सकते हैं।
Sant Shri Asharamji Bapu
#AsharamjiBapuQuotes
धन से दुःख नहीं मिटता, सत्ता से दुःख नहीं मिटता, वाहवाही से दुःख नहीं मिटता है । दुःखहारी परमात्मा के ज्ञान से दुःख टिकता नहीं और सुख मिटता नहीं ।
ऐसा भगवान का ज्ञान पाने के बाद दुःख टिकता नहीं है और सुख मिटता नहीं है और उसको छोड़कर जितना भी पा लोगे, दुःख मिटता नहीं और सुख टिकता नहीं । बिल्कुल पक्की बात है।
#AsharamjiBapuQuotes
धन से दुःख नहीं मिटता, सत्ता से दुःख नहीं मिटता, वाहवाही से दुःख नहीं मिटता है । दुःखहारी परमात्मा के ज्ञान से दुःख टिकता नहीं और सुख मिटता नहीं ।
ऐसा भगवान का ज्ञान पाने के बाद दुःख टिकता नहीं है और सुख मिटता नहीं है और उसको छोड़कर जितना भी पा लोगे, दुःख मिटता नहीं और सुख टिकता नहीं । बिल्कुल पक्की बात है।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ जिसमे अहंकार ,स्वार्थ, और आसक्ति न हो निष्काम भाव से किया गया कार्य बंधन नही होते तथा जीवन में शांति आत्म विश्वास का मार्ग प्रशस्त होता है।
#AsharamjiBapuQuotes
न्याय में विश्वास रखने वाला समाज कभी भी किसी निर्दोष के साथ अन्याय स्वीकार नहीं करता। संतों के सम्मान और न्याय की रक्षा आवश्यक है। Justice For Bapuji की आवाज बुलंद हो। #NirdoshSantKoNyayDo
राष्ट्र निर्माण में Sant Shri Asharamji Bapu जैसे संतों की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। यदि कोई संत निर्दोष है तो उसे शीघ्र न्याय मिलना चाहिए। यही न्याय व्यवस्था की गरिमा है। Justice For Bapuji #NirdoshSantKoNyayDo