श्रद्धेय दीनदयाल उपाध्याय जी ने देश को एक एकात्म मानववाद के माध्यम से एक वैकल्पिक विचार व्यवस्था दी थी। जो देश की मिट्टी से रची बसी रही, और भारत के संस्कार से जुड़कर विचार किसी तरह से राजनीतिक दल को रखना चाहिए, ये उन्होंने प्रतिष्ठापित किया था: श्री @JPNadda जी
राज्य सरकार ने एक तो 2500 सहायक पुलिसकर्मियों के रोजगार छीन लिए, ऊपर से इन्हें लगातार प्रताड़ित करने की कोशिश कर रही है.
इनके आंदोलन को दबाने के लिए पहले इन्हें रांची के मोराबादी मैदान पहुँचने से रोकने के लिए इन्हें जगह जगह रोका गया, लाठियां बरसाई गई और अब इनलोगों पर केस.यह
ये खबर भी अब झारखण्ड में आम होती जा रही है,कभी एक कैदी 4 बार पुलिस हिरासत से फरार हो जाता है,कभी भाजपा नेता जयवर्धन सिंह जी का हत्यारा फरार हो जाता है और अब कोविड सेंटर से भी कैदी फरार हो रहे हैं.
राज्य में पुलिस महकमा सिर्फ हेलमेट चेकिंग में व्यस्त है.
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Which country does not even acknowledge the martyrdom of its uniformed soldiers at its borders, let alone pay them a respectable last homage? It is China.
Admitting battle fatalities could cause trouble and domestic unrest, putting CCP regime at stake.https://t.co/FfQQlfecsy
China internalised the lessons of the USSR’s collapse 30 years back. Till 2013 the Chinese didn’t make the same mistakes the USSR made, they made other mistakes. But since Xi took over in 2013 they’re making all the same mistakes. Xi will go down as the Brezhnev of China.