PTI के मुँह पर मास्क किसने लगा दिया। पत्रकारिता लोगों की आवाज़ बंद करती थी आज भाजपा राज में उनकी ही आवाज़ बंद की जा रही है।
ये ‘लोकतांत्रिक कलयुग’ है।
ये ‘मीडिया का चारणकाल’ है।
#Media_Muzzling
UP सरकार में ACS होम संजय प्रसाद राम मंदिर ट्रस्ट के मेंबर हैं और उन्हीं को जांच रिपोर्ट सौंप दी गई। जबकि चंदा चोरी केस में पूरी ट्रस्ट ही सवालों के घेरे में है।
SIT की जांच रिपोर्ट को राम मंदिर ट्रस्ट के मेंबर संजय प्रसाद पढ़ते हुए...👇
बड़ी खबर—
राम मंदिर SIT की रिपोर्ट संजय प्रसाद को सौंपकर बाहर निकले विजय विश्वास पंत को सुनिए।
कह रहे हैं कि सब कुछ गोपनीय है। अभी कुछ बता नहीं सकते।
मगर जो गोपनीय नहीं है और पूरी तरह सार्वजनिक है, वो मैं बताए देता हूँ।
पहला-
इस SIT को जिस राम मंदिर ट्रस्ट की जाँच करनी है,
उसी ट्रस्ट की सिफारिश पर ये गठित की गई है।
दूसरा-
जो अधिकारी बतौर अपर मुख्य सचिव गृह ख़ुद राम मंदिर ट्रस्ट का हिस्सा है और इस लिहाज़ से ख़ुद जांच के दायरे में है,
उसी को ये रिपोर्ट सौंपी गई है।
इसी से आप समझ सकते हैं कि इस SIT का अंजाम क्या होने जा रहा है?
अब इसके आगे सुदर्शन फाखिर का ये शेर पढ़िए-
“मेरा क़ातिल ही मेरा मुंसिफ़ है
क्या मिरे हक़ में फ़ैसला देगा!”
@PMOIndia@HMOIndia@CMOfficeUP
"न संत न महात्मा फिर राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी चंपत राय को क्यों?"
◆ राम मंदिर चंदाचोरी मामले में अरविंद केजरीवाल ने उठाए ट्रस्ट पर सवाल
◆ "राम मंदिर का ट्रस्ट प्रधानमंत्री ऑफिस से बना था"- केजरीवाल
@ArvindKejriwal | Ram Mandir SIT | Champat Rai | #Ayodhya | #RamMandir
ये मुख्यमंत्री हैं या प्रॉपर्टी डीलर..??
इन्हें प्रदेश चलाने के लिए चुना गया है या प्रदेश को बेंचने के लिए चुना गया है?
खुद का भला करने के बजाय अपने सगे संबंधियों का भला करने में व्यस्त है।
राम भक्तों, गौ भक्तों और गंगा भक्तों की सरकार ने राम मंदिर से हजारों करोड़ के चढ़ावे का आचमन कर लिया, टॉप गौमांस एक्सपोर्टर बन कर डकार ले ली और गंगा मैया के जल को गू मूत से नहला दिया, नमामि गंगे!! 🙏
😖😖
हो गया देश का हरिओम....
🤦
मप्र के नए जमींदार से मिलिए - CM मोहन यादव
2021 से लेकर अब तक महाकाल की नगरी उज्जैन में 257 Acres जमीन खरीद डाली।
हां... 257 एकड़... आपने पिछले 5 सालों में कितनी जमीन खरीदी?
UK में जब PM अच्छा प्रदर्शन नहीं करते, तो इस्तीफ़ा देते हैं।
हमारे देश में 15 लोग आग में जलकर मर जाते हैं, तो नेताजी जवाबदेही और न्याय के बजाय अपने आँसू पकड़ा देते हैं।
जनता ने आपको रोने के लिए नहीं चुना, डिप्टी CM जी!
वह ख़ुद रो रही है; आपके आँसुओं का क्या करेगी?
लखनऊ में एक कोचिंग/लाइब्रेरी में आग लगी और पंद्रह बच्चे मार दिए गए।
नीट में धांधली हुई दसेक बच्चों ने जान दे दी।
परीक्षा में फेल हुए, बच्चों ने जान दे दी।
—-
ऐसे ध्यान रख रहे हैं हम अपनी अगली पीढ़ी का।
ऐसे बनेंगे हम विश्वगुरु।
सॉरी बच्चों हमने तुम्हें धोखा दिया है
15 बच्चों की जलकर मौत बेहद दुखद है।
जाँच होगी- ढोल पिटेगा फिर फिर सब शांत हो जाएगा ।
अच्छा होता, यदि सभी ऐसी इमारतों की NOC और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा समय समय पर होती रहती, ताकि ऐसी त्रासदी होती ही नहीं।