Benefits of #5DaysBanking :-
✅Better quality of life for Bankers
✅Better morale,
✅Increased Productivity,
✅Saves Electricity,
✅Reduced stress on Public Transport
✅Reduced fuel consumption,
✅Helps the environment & go-green efforts.
✅ Increased Digital Transactions
#5DayWeekandFairPLI
DFS implement your written commitment on 5 dayweek banking and remove 20 pc exclusion clause from senior executives PLI and implement amended PLI scheme to all employees of PSB .
Targets are universal. Accountability is universal. Customer service is universal.
Then why isn't the reward system universal?
Implement 5-Day Banking and introduce a fair, transparent and inclusive PLI for bank employees.
#5DayWeekandFairPLI
Working days in Week 👇
▶️RBI- 5days
▶️DFS - 5 days
▶️LIC - 5 days
▶️CVC - 5 days
▶️SEBI - 5 days
▶️BSE- 5 days
▶️NSE- 5 days
▶️NPCI - 5 days
▶️IRDAI- 5 days
▶️Fin Min. - 5 days
▶️NABARD- 5 days
Only Banks are working 6 Days alternatively
#5DayWeekandFairPLI
एक मन का बकैत है जो कंटेंट क्रिएशन के नाम पर रीलबाजी को बढ़ावा देकर सारे भारत को प्रोपेगेंडा और बेसरपैर के वाहियात कंटेंट की चरस का शिकार बना रहा है. दूसरी ओर एक नेता इस मोबाइल को गुल���म होने की निशानी बताता है. दोनों में से एक समाज का दुश्मन है. कौन, पहचानना इतना मुश्किल नहीं है.
केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे आदिवासी भाई-बहनों की समस्याएं, मांगें, संघर्ष और आपबीती - उनकी जुबानी।
सालों से सिर्फ़ अपने अधिकारों के लिए अन्याय और अत्याचार स�� रहे ये बुंदेलखंड निवासी सम्मान और समर्थन के हक़दार हैं।
आदिवासी भाई-बहनों की इस लड़ाई में, मैं और कांग्रेस उनके साथ हैं।
आज का दिन यह समझने का दिन है कि इस सभ्यता के ऊपर गांधी के क्या ऋण हैं। यह गांधी के विजडम, उनकी राजनैतिक कुशलता , दूरदृष्टता को समझने का दिन है। यह दिन गांधी के उस धर्म को समझने का दिन है कि शास्वत सत्य ही सत्य होता है।
मरते वक्त तक गांधी का एक ही सपना था कि भ��रत एकीकृत रहे। एक सभ्यता से निकले हुए आधुनिक राष्ट्र के तौर पर हर भारतवासी पर यह फ़र्ज़ है कि वह अपने राष्ट्रपिता के इस सपने को अपना लक्ष्य माने।
अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर चीन ने हमारी सेना को पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है - यह बेहद चिंताजनक है।
लेकिन उससे भी ज्यादा चिंताजनक है राजनाथ सिंह जी, अमित शाह जी और नरेंद्र मोदी जी की ओर से पसरा सन्नाटा। उल्टा मोदी सरकार चीन को रोकने के बजाय इस खबर को रोकने के लिए मीडिया पर दबाव डाल रही ���ै।
देश को आज भी गलवान के बाद प्रधानमंत्री का वह बयान याद है, जिसमें उन्होंने यह कहकर कि चीन ने हमारी जमीन का एक इंच भी ��हीं लिया, भारत को भारी नुकसान पहुंचाया था।
आज भी अपनी छवि बचाने का वही ऑपरेशन जारी है - और देश की सुरक्षा से ऊपर अपनी नकली छवि को प्राथमिकता देने वाला प्रधानमंत्री देश के लिए बेहद खतरनाक है।
देश के छात्रों ने system के फैलाए अंधेरे के बीच, अपने डर का सामना कर, रौशनी की मशाल जलाई है।
ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
BJP-RSS और अडानी के System को अब खतम, tata, bye-bye कहने का वक्त आ गया है।
बात ये नहीं कि प्रदीप कुमार जैन की pnc ने लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस वे बनाया और वो भाजपा सांसद नवीन जैन के भाई हैं।
बात ये है कि जब खजुराहो वाले मामले पर इनकी कंपनी पर सीबीआई जांच आलरेडी चल रही थी तो कट्टर ईमानदार सनातनी सरकार ने इनकी कंपनी को ठेका क्यों दे दिया?
Dainik Bhaskar journalist went undercover as a laborer in a flour mill in UP and exposed a rotten system that's playing with people's health.
Operators in mills across Agra, Firozabad are mixing stone powder from Rajasthan into atta, increasing their earnings by 70–80 paise per kg i.e. 7k-8k extra per day. These adulterated flour, sold under brands like Maharaja Bhog Atta, is even reaching school mid-day meals. These calcium carbonate can clog intestines and damage the liver and kidneys.
Being in the D2C industry, I'm aware of many brands who do these kinds of things just to save margins and make more money. We keep calling them out, but this looks much bigger.
Government and FSSAI need to act and take control. Consumer health should never be compromised for profit.
आप सभी को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाकर सत्य, धैर्य, जिज्ञासा और करुणा का मार्ग दिखाने वाले सभी गुरुजनों को सादर नमन।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
Secretary in the Ministry of Animal Husbandry/Dairy IAS officer Naresh Pal Gangwar whose wife, son and mother had received a subsidy of approximately ₹1.16 crore under a scheme from a board under his own department has been now made the higher education secretary.
केंद्र सरकार ने हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के सचिव विनीत जोशी का तबादल कर दिया। उनकी जगह जिन नरेश पाल गंगवार को लाया गया है, ये वही IAS हैं जो जब पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में सचिव थे तब उनकी पत्नी, बेटे और मां को उनके ही मंत्रालय के अधीन आने वाले एक बोर्ड की योजना के तहत करीब 1.16 करोड़ रुपए की सब्सिडी मिली थी। है ना कमाल। मैं इसीलिए शुरू से कह रहा कि किसी मंत्री या अधिकारी को हटाने से कुछ नहीं होगा। एक जाएगा, उनकी जगह उनके जैसा ही कोई दूसरा आकर बैठ जाएगा। सिस्टम में बदलाव की जरूरत है।
How dare you threaten students for exercising their democratic rights?
Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes.
जब शोषित लोग लड़ने लगते है तब ही यह शोर हो जाता है कि हिंसा हो रही है । शोषक वर्ग की हिंसा सिर्फ़ ‘लॉ एंड ऑर्डर प्रॉब्लम’ कहलाती है । शासन की हिंसा संवैधानिक बन जाती है ।
~ हरिशंकर परसाई