पहाड़ों पर स्थित धार्मिक स्थलों की यात्रा सिर्फ घूमने या रील बनाने के लिए नहीं, बल्कि आस्था और धैर्य की परीक्षा भी होती है।
आजकल कई युवा बिना अपनी शारीरिक क्षमता का अंदाजा लगाए पहाड़ी यात्राओं पर निकल जाते हैं। कुछ ही दूरी की चढ़ाई के बाद थककर खच्चरों या पालकी/कांवर जैसे सा���नों का सहारा लेना पड़ता है।
सुविधा लेना गलत नहीं है, लेकिन पहाड़ों पर जाने से पहले अपनी क्षमता और तैयारी का ध्यान रखना जरूरी है। धार्मिक यात्रा में दिखावे से ज्यादा जरूरी श्रद्धा, अनुशासन और प्रकृति का सम्मान होना चाहिए। 🙏🚩
रक्षा मंत्रालय ने आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए सैकड़ों रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगाकर उन्हें स्वदेशी रूप से ही भारत में बनाने का निर्णय लिया है।