यूट्यूब की पॉलिसी की सबसे बड़ी बकचोदी यही है कि इनके प्लेटफॉर्म पे न्यूज एक केटेगरी है पूरी कटेगरी और ��े पूरी शिद्दत से क्रिएटर, पत्रकार , चैनल्स को बताते रहते है कि क्या न्यूज है, क्या नहीं...भाई न्यूज 99% बाय नेचर नेगेटिव ही होती है ...हम कहां से गुड न्यूज यूट्यूब खोल ले..पर
टूटी सड़क में गिरते व्यक्ति को @YouTube@YouTubeIndia shocking content मान कर, वीडियो डीमोनेटाइज कर रहा है। यानी, @YouTubeCreators जो न्यूज बेस्ड हैं, वो सड़क पर गिरे व्यक्ति की वीडियो नहीं दिखा सकते! इन BKL के हिसाब से तो कोई भी रैंडम वीडियो उठा कर कुछ भी कह देंगे। हमारा @GoI_MeitY यूट्यूब को किस तरह के ‘जॉब�� देने में व्यस्त है, यह कहूँगा तो मिर्ची लग जाएगी।
नहीं ये सब बात नहीं है अनुपम जी .. उत्सव फिल्म और उसके गाने सब याद है ..कहिये तो माइक लगा के गा दे ... 🤔
हा पर ये उनका शो के लिए पब्लिसिटी स्टंट है और देख उसके बाद भी कोई नहीं रहा ..
शेखर सुमन एक परेशान आत्मा हैं। जीवन भर कन्फ्यूज्ड रहे हैं। न सिन���मा के रहे न TV के। ऐसे विफल व्यक्ति के कारण मोदी सरकार किसी पर रेड करवा देगी, ये बेतुका तर्क है। कुतर्क है।
2 साल पहले यही ��ेखर सुमन भाजपाई बन गए थे। BJP में शामिल हुए, फिर पार्टी छोड़ भी दी। उससे पहले 2009 में पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा के ख़िलाफ़ कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। 2.55 लाख वोटों से हारे थे। ऐसे व्यक्ति से भाजपा क्यों डर जाएगी?
ईमानदारी से बताइए, आपको शेखर सुमन की किसी फ़िल्म का नाम याद है? किसी TV सीरियल का नाम याद है? रह-सहकर 'द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज' में उनके हँसते हुए चेहरे के अलावा कुछ और याद ही न���ीं आता।
#मेरठ ssp ने कहा मेरा समर्थन करने वाले एक और विरोध करने वाले दो पेड़ लगाए।
मैं कह रहा हूं जो तटस्थ है या जिनको इस खबर का आता पता भी नहीं वो तीन या तीन से ज्यादा पेड़ भी लगा सकते है।
सोचो जितना पेड़ लगाओ पेड़ लगाओ इस देश में हो रहा है हर बात पे उसका एक दो प्रतिशत भी हम सच में
और कोर्ट रूम , संसद , थानों से सीसीटीवी हटाने की भी मांग कर देनी चाहिए और सड़क से भी ... फिर ये सब उठा के ओयो रूम में ��गा देने चाहिए...ताकि आगे ऐसी घटना न हो