एक समय के बाद प्रेमिका माँ हो जाया करती है। वही ख़्याल, वही मीठी डांट, वही प्रेम से सिर पर हाथ फेरना और फिर जादू का घट जाना।
~ गौरव गुप्ता
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इस दुनिया का अपना कोई सौन्दर्य नहीं है। हर व्यक्ति की अपनी निगाह होती है यह देखने की कि यह दुनिया सुन्दर है या नहीं। किसी को यह दुनिया बहुत सुन्दर दिखती है और किसी को अत्यन्त कुरूप।
~ चन्द्रकिशोर जायसवाल
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न जाने मरदों की क्या आदत है कि
जहां कोई जवान, सुंदर औरत देखी
और बस लगे घूरने, छाती पीटने।
और यह जो बड़े आदमी कहलाते हैं,
ये तो निरे लंपट होते हैं।
~ प्रेमचंद
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कुछ लोग होते हैं जो इतिहास को कीचड़ और दलदल बनाकर जीना चाहते हैं। ये उसी में धंसे और डूबे रहने को अपने लिए गौरव की बात मानते हैं।
~ भगवान सिंह
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इच्छाएँ प्रबल रूप धारण करके तुम्हें सताएँगी और तुम्हें उनका दमन करना पड़ेगा। यहीं पर तुम्हारी आत्म शक्ति की परीक्षा होगी।
~भगवतीचरण वर्मा
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'क्या यह व्यक्तित्व बनाने की -
चरित्र चमकाने की -
खाने-कमाने की -
चीज़ है?'
'ना, भाई, ना,
कविता
भाषा में
आदमी होने की तमीज़ है।'
~ धूमिल
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वक्त रहते सारा कुछ नहीं किया जा सकता। जीवन हमारे बनाए नियमों से नहीं चलता है। वह फिसल रहा होता है।
-मानव कौल
(बहुत दूर, कितना दूर होता है)
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ज़िंदगी सड़क पर ही नहीं, इश्क़ में भी तो दाँव पर ही लगी होती है। थोड़ी रपटन की क़ीमत बहुत चुकानी होती है; सड़क पर भी, दिल पर भी।
~निमिष अग्रवाल
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एक आदिम भय ने
ईश्वर को रचा था
एक आदिम लालसा ने
प्यार को
मनुष्य ने इनके बाद
फिर कोई बड़ा आविष्कार
नहीं किया!
~ सुशोभित
@imSushobhiit
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तमाम खामियों के बावजूद ईश्वर
माँ की छवि में
सुंदरतम रूप में मेरे सामने रहे।
उसने अनंत ब्रह्मांड बनाये
और चाहा
उनकी भी कोई माँ हो।
~दीपक जायसवाल
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