देश की Gen Z अब जाग चुकी है।🚨🚨
निकम्मी सरकार को अब जागना पड़ेगा। लखनऊ में आज स्कूल के बच्चों ने प्रदर्शन किया और ऐसी आवाज़ें अब पूरे देश में उठ रही हैं।
सरकार का रवैया अगर ऐसा ही रहेगा, तो न जाने कितने जंतर-मंतर पूरे देश में पैदा हो जाएंगे।
आज मानव क्रांति पार्टी के संस्थापक एवं नीति निदेशक चौधरी आर.एन. मानव जी ने कांग्रेस पार्टी का दामन थामा और अपनी पार्टी के पदाधिकारियों एवं लगभग 20,000 समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी की विचारधारा में विश्वास जताते हुए पूर्ण समर्थन दिया..!
राहुल गांधी जी के नेतृत्व में संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई को मजबूत करने के लिए आपका यह कदम स्वागत योग्य है।
कांग्रेस परिवार में आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन..!
बड़े दुख और शर्म के साथ कह रहा हूं, आज भी छुआछूत का जहर इतना फैला हुआ है, यह बेहद शर्मनाक और देश के लिए चिंताजनक है !
यह अपमान सिर्फ हमारे आदरणीय मल्लिकार्जुन खड़गे जी का नहीं, बल्कि पूरे देश और पूरे समाज का अपमान है।
इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा..!
बीजेपी और उनसे जुड़े संगठनों को इस अन्याय और अपमान का लोकतांत्रिक एवं पुरजोर जवाब दिया जाएगा..!
आज किसान नेता एवं पूर्व उपराज्यपाल रहे स्वर्गीय सत्यपाल मलिक जी की प्रथम पुण्यतिथि पर बागपत के उनके पैतृक गाँव हिसावदा में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जी ने भी सत्यपाल मलिक जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सत्यपाल मलिक जी का सत्य, किसानों के अधिकारों और जनहित के लिए किया गया संघर्ष सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनकी निर्भीक आवाज़ और जनसेवा के प्रति समर्पण को देश हमेशा याद रखेगा।
पुलिस का यह गुंडा छात्रा के प्राइवेट पार्ट में लाठी घुसेड़ रहा है। कल प्रोटेस्ट के दौरान आई यह वीडियो मन विचलित कर देने वाली है। महिला आयोग मर गया है क्या?
नरेंद्र मोदी जी, क्या यही है आपका 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' मुहीम? यह Sexual Assault है। शर्म करो सरकार।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन ..!
अपने दूरदर्शी नेतृत्व, जनकल्याणकारी सोच और विकासोन्मुख कार्यों से उन्होंने दिल्ली को नई पहचान दी। जनता की सेवा के प्रति उनका समर्पण, सादगी और संवेदनशील नेतृत्व सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
यह तानाशाह सरकार सोच रही है कि छात्रों के मुद्दे, पेपर लीक के मुद्दे, बेरोज़गारी के मुद्दे, दलित, पिछड़े, आदिवासियों के मुद्दे, मज़दूरों के मुद्दे और किसानों के मुद्दों को दबा देगी।
लेकिन यह सरकार की बहुत बड़ी ग़लतफ़हमी है।
सरकार को हर सवाल का जवाब देना होगा। सिर्फ़ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े से काम नहीं चलेगा, प्रधानमंत्री को भी अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा देना चाहिए।
आदिवासियों के इस ह्रदय छू लेने वाले सत्याग्रह को तथाकथित मुख्य मीडिया में कोई स्थान नहीं है किन्तु हिन्दू-मुसलमान के लिए व घुसपैठिए पर चर्चा करने के लिए खूब जगह है !