एम्स्टर्डम में नदी को लोग नदी मान रहें है।
पूरी नदी घूम लिया ना नारियल ना चुनरी।
सरकारों और सिस्टम पर तंज करते इस
वीडियो के बाद कॉन्ट्रवर्सी होने वाली है।
Unmittelbar nach der Einführung der experimentellen mRNA-Gentherapie-COVID-Impfstoffe brachen jeden Tag Fernsehmoderatoren, Sportler, Zuschauer und sogar Comedians live im Fernsehen zusammen, und niemand stellte dies in Frage.
ऐसी बर्बरता शायद अंग्रेजों के दौर में भी कम दिखी होगी।
जनता के मुद्दों पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को UP की सड़कों पर लाठियों से बेरहमी से पीटा जा रहा है।
ये है "योगी मॉडल"।
सवाल पूछो तो लाठियाँ, आवाज़ उठाओ तो Police State।
कॉकरोच आंदोलन का circus देख लिया? 🤡
अब महाराष्ट्र में NSUI का असली छात्र आंदोलन देख लीजिए।
यहाँ scripted drama नहीं,
छात्रों का सच्चा गुस्सा बोल रहा है। 🔥
Modiji धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लो
शिक्षा मंत्री को हमने चुन कर भेजा है, हमारे टैक्स से उनको तनख्वाह मिलती है
उनके शासन काल में करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में है
Cockroach आ रहे हैं, Dharmendra Pradhan जा रहे हैं!
#cocroachjantaparty#CJP#cjp_पार्टी
The protests on the ground are growing. We will soon see a tsunami of protests on the ground against this corrupt, insensitive, incompetent & crony government
राजस्थान विश्वविद्यालय की सिंडिकेट बैठक छात्रों के हितों और समस्याओं पर चर्चा का सर्वोच्च मंच है
यदि छात्र अपनी बात यहां भी नहीं रखेंगे, तो फिर अपने हक और अधिकारों की आवाज़ किस मंच पर उठाएंगे?
छात्र नेता आदित्य सिहाग सहित छात्रों द्वारा उठाई गई मांगों को सुनने और उन पर सकारात्मक
निर्णय लेने के बजाय उन पर पुलिस बल का प्रयोग करवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है
विश्वविद्यालय छात्रों से चलता है, न कि प्रशासनिक दमन और गुंडागर्दी से
छात्रों की आवाज़ दबाने के बजाय विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी बात सुनकर छात्र हित में निर्णय लेने चाहिए
लोकतंत्र में संवाद का स्थान लाठीचार्ज और दमन नहीं ले सकता
ओह । दुखद घटना। दुर्घटना के अलावा दुखद बात ये है कि आग लगने के कारणों का ठीक से पता नहीं चलता। कई राज्यों में ICU में आग लगने की घटना हुई है। अगर कोई अपना ठीक से काम करता तो इन कारणों के आधार पर सारी ICU की जाँच हो जाती कि कोई उन्हीं ग़लतियों को दोहरा तो नहीं रहा है।
भाई के हिम्मत को सलाम🫡
"आप पेड़ लगाने की बात करते हैं, लेकिन ज़मीन पर हो रही अवैध पेड़ कटाई पर चुप क्यों हैं?
ये वीडियो आपको कोई भी गोदी मीडिया नहीं दिखाएगी। डिलिट होने से पहले जल्दी देखो, RT करलो।
अगर करनाल में भू-जल स्तर का 21 मीटर नीचे जाना ‘संकट’ है, तो महेंद्रगढ़ में इसे क्या कहा जाए, जहाँ भू-जल स्तर 52 मीटर तक गिर चुका है?
महेंद्रगढ़ का ज़िक्र इसलिए ज़रूरी है क्योंकि भू-जल संकट पर प्रदेश स्तर पर कोई विशेष पहल नज़र नहीं आती, और दुर्भाग्य से यह मुद्दा यहाँ के जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक विमर्श में भी प्राथमिकता नहीं बन पाया है।
खान सर के सामने अंजना फंजना का कोय औकात नहीं है।
खान सर का यूथ में बढ़ता हुआ क्रेज सत्ताधारियों की नींद उङा रहा होगा । खान सर की कोचिंग पर हुए हमले के बाद खान सर के समर्थकों का हुजूम ।