बहुत खुशी की आशाजनक बात यह है कि *प्रमादी* नाम का यह विक्रम संवत् इस चैत्र की अमावस्या को अर्थात आज समाप्त हो जाएगा और प्रतिपदा से *आनंद* नामक विक्रम संवत् 2078 शुरु हो जाएगा ।
हमारे ऋषियों की वैज्ञानिकता को समझिये 2000 साल पहले उन्होने नाम दिया था प्रमादी और सचमुच
ये रहा डेटा👇
81% SC/ST एक्ट के केस OBC वर्ग पर लगते हैं (यानी कि जिस वर्ग से राजकुमार भाटी साहब आते हैं)!
तो कर दें OBC का आरक्षण कैंसिल?
क्यों @rajkumarbhatisp जी??😂
Ethanol का मुद्दा UGC से भी बड़ा बनेगा!
सरकार ने बिना एक compatible ecosystem बनाये, E20 को लोगों पर जबर्दस्ती थोप दिया है!
और गाड़ी तो अपनी सबको प्यारी होती है!
तो भले ही आप भाजपा को पसंद करते हो, लेकिन अपनी फेवरेट पार्टी के लिए भी आप अपनी गाड़ियों का सत्यानाश तो नहीं कर लोगे?
झाड़ू मटकी का या 5000 साल से पानी नहीं पीने दिया का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं!
प्रमाण है तो वो ये कि गुरुकुलों में 70% शूद्र पढ़ते थे!
प्रमाण है तो वो ये कि 75 साल में एक भी आरक्षित जाति अगड़ी नहीं बनी!
-अजीत भारती🔥
सरदार भगत सिंह ने अपनी बहन प्रकाश कौर से रक्षाबंधन के दिन जेल की अन्तिम मुलाकात में कहा था- "हम तो गोरे अंग्रेजों से लड़ते रहे हैं और जा रहे हैं, लेकिन आप लोगों को काले अंग्रेजों से लड़ना पड़ेगा।" बिहार के भरत भूषण तिवारी केस में वह कथन सत्य सिद्ध होता नजर आया।
अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला शांत भी नहीं हुआ कि दूसरा मामला सामने आ गया है!
राममंदिर के साथ के राम निवास मंदिर के महंत ने चंपत राय और उनके लोगों पर मंदिर की जमीन और संपत्ति हथियाने का इल्जाम लगा दिया है!
कमाल ये कि इस मामले को भी सामने लाने वाले भी साइकल सवार हैं!
पहले तो ये समझना है कि आखिर घपला कहाँ कहाँ हुआ है?
दूसरे ये कि साइकिल वाले अचानक से रामभक्त कैसे हो गए?
कथावाचक जीवनमें कोई क्रान्ति लाने की क्षमता नहीं रखते, इसका अर्थ क्या हुआ? कथा में ही दिशाहीनता आ गयी है।
इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
- श्रीमज्जगद्गुरु पुरीशङ्कराचार्यजी महाराज 🙏🏻🔱🚩
गोल्डन दास द्वारा भरत तिवारी के विरोध में बुलाया गया महापंचायत भाजपा का महापंचायत है। इस पंचायत के सभी प्रमुख चेहरे भाजपा से जुड़े हुए हैं।दूसरी सबसे बड़ी बात ये है कि इस पंचायत को तत्काल बिहार प्रशासन द्वारा अनुमति दिया गया जबकि यह पंचायत भरत तिवारी जी के क्षेत्र में हिंसा फैलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
इस पंचायत को बीजेपी आईटी सेल द्वारा हवा दिया गया और जीतनराम मांझी द्वारा लगातार प्रचार किया जा रहा है। इस पंचायत के प्रमुख चेहरे -:
1- जीतनराम मांझी (भाजपा)
2- नागमणि कुशवाहा (भाजपा)
3- सकलदेव बिंद (भाजपा)
जबकि यादव समेत तमाम जातियां इस पंचायत का विरोध कर रही है। भाजपा का सवर्ण विरोधी चेहरा पुनः उजागर हो रहा है अभी भी वक्त है सामान्य वर्ग सचेत हो जाएं,,,
सवर्णों याद रखना -: बिहार में भरत तिवारी के खिलाफ आयोजित होने वाला बहुजन पंचायत असल में भाजपा पंचायत है, भाजपा ने क्षेत्र में भारी तनाव के बीच इसके लिए अनुमति दिया है। और इस आयोजन में भाजपा के ही दिग्गज नेता हिस्सा बन रहें हैं जैसे -
1- जीतनराम मांझी (भाजपा नेता)
2- नागमणि कुशवाहा (भाजपा नेता)
3- शकलदेव बिंद (भाजपा नेता)
अब भाजपा बिहार में जातिवादी हवा देकर सामान्य वर्ग को अलग थलग करने का कुत्सित प्रयास कर रहा है और आप लोग अभी भी भाजपा का पोतांजलि कर रहे हैं कितने शर्म की बात है।