निरंकुश सत्ता पर कटाक्ष
आती नहीं नज़र आज़ाद मीनारों की दरार
आज़ाद हौसलों ने डाल दिए है हथियार
बच कर चलने की कोई सुरत आती नहीं नज़र
अंधों के शहर में खड़ी ज़िंदा लाशें बेशुमार
जहां तक नज़र जाती सभी के हाथ सने ख़ून में
अदालती इंसाफ़ कहां जूर्म साबित नहीं कातिल फरार
@NargisBano70 ये दोलांड ट्रंप वही है जो मोदी बताये थे कुछ समय पहले अब एक मोदी झेलेगा दुसरा उसके पुजारी बढी़या कुछ भी कहो RSS की आदत जायेगी नहीं दोलांड ट्रंप
@RubikaLiyaquat हम भी हैरान है एक बेटी की माँ इतनी संवेदनहीन कैसे हो सकती है उसे मणिपुर की बेटियों के लिए एक सवाल पुछने पर मौत आती है जिसके घर बेटी हो उस माँ को मरने का भी अधिकार नहीं होता,यहाँ कदम कदम पर भेडिये हैं कुछ समझ आया हो तो जबान खोलो मोदी से पुछो,कुछ शर्म बची है या वो भी बेच खाई
देश तो साथ है,और तुम ?दिख रहा ! ढाई महीने से जल रहे मणिपुर पर जब बचने के लिए कोई रास्ता नहीं मिला ,तेला बाबु बोला अभी तक दही जमी थी मुँह में मक्कार के,उसकी कोई आस औलाद होती तो दर्द होता,35/40 साल भीख मांगने वाले से क्या उम्मीद ,जो खुद पर बोझ हो वो देश पर भी बोझ ही है
@_abhishekbansal@SupriyaShrinate भाषा की मर्यादा की उम्मीद आँख के अंधो से बेमानी है सुनो समझो फिर बोलो अंधभक्ति ने वैचारिक बुद्धि भी छीन ली ,बच्चे की समझ आ जायेगा लेकिन अंधभक्त ना भाई ना भैंस के आगे बीन बजाना उफ बड़ा मुश्किल काम है
@TweetAbhishekA इसमें इसका दोष नहीं है उन लोगों का है जो लोग अपने काम धंधे छोड़ कर दूषित विचार और अधकचरा ज्ञान सुनने आते हैं सदियों से यही हो रहा है कोई भी सच्चा संत साधु विचारक पैसो वस्तु भोगी लोभी भ्रमक संत समागम नहीं करता ये लोग लोगों की आस्था विश्वास को छलते है और मुर्ख औरते बनती हैं
@amitmalviya It's confirmed you are gone case
तेरा कुछ नहीं हो सकता जाडि़या असल में पैसा इंसान को किस हद तक गिरा सकता है इसकी तु जिंदा मिसाल है पचास जुते खाने के बाद भी डटा है थु है तेरी जिंदगी पर, 9 सौ चूहे खाने के बाद बिल्ली हगने चली वाह रे ऐजेंट
@asp555555@imJDubey_ परिहार साहेब डाक्टर लिख देने अब कोई मान लेगा ऐसा नहीं है आपको साबित करना पडे़गा आजकल चलन मे है थोड़ी समझदारी भी दिखानी पड़ती हैं मुझे अफसोस है आप भी हवा मे तीर चला रहे हैं कुछ तो सोचो आप क्या है और क्या लिख रहे हैं आप ऐसे तो न थे
@PramodT92362435@priyankagandhi ज्ञान और अधकचरे ज्ञान पर आप से न हो पायेगा गाल बजाने की आदत हो गई है माँ बाप ने कहा था पढ़ले लेकिन मोदी चश्में ने जैसा वो खुद है वैसे ही चले पाले है