Posting once again as many wanted to know why Mountbatten was invited to be the 1sr Gov. Gen. Of Indian Dominion!
Any answer @INCIndia ?
https://t.co/58glfre3c7
"... आपका प्रश्न मेरे लिए केवल यह प्रश्न नहीं है कि चतुरसेन ने रावण को नायक क्यों बनाया? यह भी है कि हम किसी पात्र को मनुष्य की तरह देखने के लिए उसके नायक बनाए जाने की प्रतीक्षा क्यों करते हैं। जिसे हमने खलनायक कहा, क्या उसकी पीड़ा सुनने के लिए पहले उसका निर्दोष सिद्ध होना आवश्यक है? और जिसे नायक मान लिया, क्या उसके हाथों पहुँची पीड़ा का हिसाब कभी नहीं माँगा जाएगा?...
"… … राम लौटे तो अयोध्या ने अपना राजा पा लिया; सीता लौटीं तो उन्हें अपनी निष्कलुषता सिद्ध करने के बावजूद महल तो क्या वनवास जैसी कुटिया या अशोक वाटिका जैसी जगह भी नहीं मिली। जिस सिंहासन पर बैठकर राम का वनवास समाप्त हुआ, उसी से सीता के दूसरे वनवास का आदेश निकला। उस दिन वन की ओर जाती गर्भवती सीता के भीतर दो जीवन धड़क रहे थे; अयोध्या अपने न्याय की निःशब्द मृत्यु सुन नहीं सकी! लौटते हुए उस साधु ने मुझे भवभूति के महाकाव्य ‘उत्तर रामचरित’ की एक प्रति दी तो लगा कि माइकेल मधुसूदन ने उस कहानी को पूरा करने की कोशिश की, जो भवभूति से छूट गई थी। लेकिन फिर लगता है, आचार्य चतुरसेन ‘वयंरक्षाम:’ नहीं लिखते तो यह आख्यान कभी पूरा नहीं होता!"
✍️@The_Tribhuvan
74 रुपए की दवा 4981 रुपए में बिक रही
56 रुपए का इंजेक्शन 3 हजार से ज़्यादा में मिल रहा
210 रुपए का एंटीबायोटिक 9702रुपए का
ये रिपोर्ट देखकर दंग रह जाएँगे।
लंबी लिस्ट है कि कैसे दवा के नाम पर आम आदमी को भयंकर लूटा जा रहा है।
PM @narendramodi जी कुछ कीजिए। इस डकैती को रोकिए
@INCIndia@RahulGandhi@priyankagandhi
शर्म आनी चाहिये राहुल और इनके गुंडे कांग्रेसियों को।विपक्ष के नेता होने का मतलब यह नहीं है आप अपने गुंडों को लेकर किसी महिला से ऐसा व्यवहार करे।मर जाना चाहिए शर्म से तुमको।ऐसे लोकतंत्र बचाओगे?जब तुम जैसे गुंडे लोकतंत्र की बात करते हो?
“राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं, कोई गुंडा मवाली नहीं है”
महिला पत्रकार ऋचा पाराशर का यह वीडियो देश के हर नागरिक को देखना चाहिए। आपको समझ आएगा कि, राहुल गांधी के भीतर किस तरह का अहंकार है और किस तरह से राहुल दुनिया देखते हैं। एक गर्भवती महिला पत्रकार के साथ इस तरह के व्यवहार के बाद कोई संवेदनहीन व्यक्ति ही राहुल गांधी के साथ खड़ा हो सकता है। कल ढेर सारे ऐसे चित्र/चलचित्र देखने को मिले हैं, जिससे राहुल गांधी के ऊपर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। इसे पूरा सुनिए और समझिए कि, राहुल गांधी देश में क्या करना चाह रहे हैं?
@BBCHindi@INCIndia@RahulGandhi@priyankagandhi
How do these goons behave in India against India behind the face of journalism with the help of LOP RAHUL GANDHI. You must shame on bbc and Rahul Gandhi.
चुल्लूभर पानी में डूब मरो तुम दोनों।
नाम याद रखना…निडर पत्रकार
नीरज चौहान @Naveenchauhanhi 🔥💪
इस बंदे ने आज जंतर मंतर पर CJP के धागे खोले
दिलनवाज बता जो तूने जो पुलिस वालों के साथ
बत्तमीजी की इसकी तू माफी मांगेगा ..?
फिर BBC का मुस्लिम पत्रकार गाड़ी में बैठकर भागा
CJP और उनके समर्थक रिपोटर का एजेंडा एक्पोज
@BBCHindi हो गई फजीहत तथाकथित "सेकुलर पत्रकारिता के दलालों की!"
कश्मीर में आतंक फैलाने वालों को आतंकवादी ना कहने पर प्रश्न पूछते है घबराहट के मारे पसीने छूटने लगे इन "जर्नलिज्म टेरेरिस्ट" वालों के।
कश्मीर आतंकवाद को सफेद कबूतर उड़ाकर खत्म करने वाला,सीमा पर अमन की आशा के नाम पर मोमबत्ती जलाकर शांति लाने वाला और अलगाववादियों की बिरयानी खाकर खुद को निष्पक्ष पत्रकार कहलवाने वाला यह कांग्रेसी पोषित चाटुकार @VinodSharmaView राहुल के जूते ही चाटकर खुद को धन्य समझ रहा है मूर्ख!!
ये बेचारा इतनी दिन तक पत्रकारिता का पर्दा तंबू अपने ऊपर पहन कर पसीने से नहाता रहा। अब जाकर इसने अपने तंबू को उतार कर फेंका। पसीने से भीगे शरीर को जून की लू भी कूल लगती है। ऐसा ही महसूस हो रहा है ना बिनोद बाबू?
Rahul Gandhi seems to believe: repeat a claim 1,000 times and people will accept it.
Bad news: we’ll fact-check it 1,001 times. 😭
During our LIVE fact-check of his Indore “Jhoot Ki Goonj”, this was Lie #2.
And the timeline tells a very different story.
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BREAKING: SSR ह... त्याकांड का सबसे सनसनीखेज सबूत लीक! 😱
ये तस्वीरें सिर्फ CCTV फुटेज नहीं हैं, ये बॉलीवुड के सबसे बड़े झूठ का पर्दाफाश हैं!
2020-06-14, रात 11:48:32 - बेडरूम में आखिरी बार कौन था?
किचन वाला ये सीन क्यों आज तक छुपाया गया?????
इस 21 मिनट के खोज-परक वीडियो में ऐसे-ऐसे परिस्थितिजन्य साक्ष्य और टाइमलाइन का खुलासा हुआ है जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
यकीन मानिए, इस वीडियो के बाद इस केस में बहुत बड़ा बवंडर मचने वाला है। अगर CBI ने इस एंगल से जांच की तो बड़े-बड़े नाम बेनकाब होंगे!
पूरा वीडियो बहुत ध्यान से देखिए और अपना निष्कर्ष कमेंट में बताइए - क्या ये आ.. त्म।ह।। त्या थी या ह.. त्या?
"कुत्ती" , "कमीनी" , "वेश्या" , "कुलटा " बोल इस भगवा में किसकी रखैल है तू ?"
"अब तक कितनों के बिस्तर पर गई है?"
"किसके इशारे पर सब कर रही है ?"
"जिंदगी प्यारी है तो जो मैं ��हता हूँ कबुल कर ले बाकी जिंदगी आराम से कटेगी"
यह शब्द सुनकर आपकी त्योरियां जरुर चढ़ गई होगी
मेरी भी चढ़ गई थी।
ऐसे घृणित शब्दों से किसी और को नहीं
बल्कि भगवा वस्त्र धारिणी निष्कलंक साध्वी प्रज्ञा सिंह को कलंकित "कांग्रेस" के इशारे पर मुम्बई ATS चीफ हेमंत करकरे के सामने मुम्बई पुलिस व ATS ने कहलवाया था.
जिस हेमंत करकरे को आज शहीद मान कर सम्मान दिया जाता है एक नम्बर का नीच आदमी था. उस निर्दोष हिंदू साध्वी का श्राप लगा और आज हेमंत करकरे के ���रिवार में कोई दीपक जलाने वाला भी जीवित नहीं बचा है ।
मैं साध्वी प्रज्ञा जी का एक साक्षात्कार देख रहा था।
ऐसे घृणित शब्दों को इशारे में बताया।
बताते हुए उनके नेत्र सजल हो गये.
साक्षात्कार देखते हुए क्रोधाग्नि से धधक रहे मेरे आँखो से भी अश्रु की धारा फूट पड़ी।
"साध्वी प्रज्ञा" ने मर्माहत शब्दों में वृत्तान्त सुनाया ��ि
मेरे शरीर का कोई ऐसा अंग नही जिसे चोटिल ना किया गया हो।
जब पत्रकार ने पुछा कि
मारने के कारण ही आपके रीढ़ की हट्टी टूट गई थी ??
साध्वी प्रज्ञा ने कहा,
"नहीं, मारने से नहीं,
एक जन हमारा हाथ पकड़ते थे एक जन पांव और झूलाकर दीवार की तरफ फेंक देते थे,
ऐसा प्राय: रोजाना होता था दीवार से सर टकराकर सुन्न हो जाता था।
कमर में भयानक दर्द होता था। ऐसा करते करते एक दिन रीढ़ की हड्डी टूट गई तब अस्पताल में भर्���ी कराया गया।"
साध्वी प्रज्ञा ने बताया,
"एक दिन तो ऐसा हुआ कि
मारते मारते एक पुलिस वाला थक गया तो
दूसरा मारने लगा।
उस दौरान मेरे फेफड़े की झिल्ली फट गई फिर भी विधर्मी निर्दयता से मारता रहा.".
साध्वी प्रज्ञा ने बताया,
"रीढ़ की हड्डी टूटने के बाद मैं बेहोश हो गई थी।
जब होश आया तो देखा कि
मेरे शरीर से सारा भगवा वस्त्र उतार लिया गया गया था.
मुझे एक फ्राक पहनाया गया था।"
साध्वी दीदी ने बताया,
"म���रे साथ मेरे एक शिष्य को भी गिरफ्तार किया गया था ।
उसे मेरे सामने लाकर उसे चौड़ा वाला बेल्ट दिया और कहा मार!! अपने गुरु को इस साली को!!"
.."शिष्य, सकुचाने लगा तो मैं बोली मारो मुझे !!
शिष्य ने मजबुरी में मारा तो जरुर मुझे
लेकिन नरमी से।
तब एक पुलिस वाले ने शिष्य से बेल्ट छीन कर शिष्य को बुरी तरह पीटने लगा और बोला ऐसे मारा जाता है.
"साध्वी प्रज्ञा ने बताया कि
एक दिन कुछ पुरुष कैदियों के साथ मुझे खड़ी करके अश्लील आ��ियो सुनाया जा रहा था.
मेरे शरीर पर इतनी मार पड़ी थी कि
मेरे लिए खड़ी रहना मुश्किल था. मैं बोली कि बैठ जाऊँ वो बोले साली शादी मे आई है क्या कि बैठ जायेगी!!
मेरी आँख बंद होने लगी मैं अचेत हो गई।
साध्वी प्रज्ञा ने बताया,
"मेरे दोनों हाथों को सामने फैलवाकर एक चौड़े बेल्ट से मारते थे,
मेरा दोनो हाथ सूज जाता था।
अँगुलियां भी काम नही करती थी,
तब गुनगुना पानी लाया जाता था। मैं अपने हाथ उसमें डालती,
क��छ आराम होता ��ब अंगलुियां हिलने डुलने लगती थी,
तो फिर से वही क्रिया मेरे पर मार पड़ती थी।
साध्वी प्रज्ञा जी ने बताया कि
मुझे तोड़ने के लिए मेरे चरित्र पर लांछन लगाया।
क्योंकि लोग जानते हैं कि
किसी औरत को तोड़ना है तो उसके चरित्र पर दाग लगाओ !
मेरे जेल जाने के बाद यह सदमा मेरे पिताजी बर्दास्त नहीं कर पाये और इस दुनियां से चल बसे. साध्वी जी राहत की सांस लेते हुए कहती हैं मेरे अन्दर रहते ही,
एक दुर्बुद्धि दुराचारी हेमंत करकरे को तो सजा मिल गई मिल गई अभी बहुत लोग बाकी है।
साध्वी ने बताया,
"नौ साल जेल में थी,
सिर्फ एक दिन एक महिला ने एक डंडा मारा था,
बाकी हर रोज पुरुष ही निर्दयता से हमें पीटते थे."
पत्रकार ने पूछा,
"आपको समझ में तो आ गया होगा कि क्यों आपको इतने बेरहमी से तड़पाया जा रहा था?"
साध्वी जी ने कहा,
"हां, भगवा के प्रति उनका द्वेश था।
फूटी आंख भी भगवा को नही देखना चाहते थे।
भगवा को बदनाम करने का कांग्रेस ने एक सुनिय���जित षडयंत्र तैयार किया था."
साध्वी ने बताया कि
एक बार कांग्रेस का गुलाम, स्वामी अग्निवेष मुझसे मिलने जेल में आया और बोला,
"आप सब कबुल कर लो कि
हां! यह सब RSS के कहने पर हुआ है।
इसमें यूपी के सांसद योगी आदित्य नाथ और संघ के इंद्रेश कुमार का नाम ले लो ।
सरकारी गवाह बन जाओ।
चिदम्बरम और दिग्विजय हमारे मित्र हैं।
मै आपको छुड़वा दुंगा"
साध्वी जी ने कहा,
"अगर आपकी उनसे घनिष्ठता है और सच में हमें छुड��ाना चाहते हो,
तो चिदम्बरम से जाकर बोलो की इमानदारी से जांच करवा ले, क्योंकि मैंने ऐसा कुछ किया ही नही है ।"
गुनाहों का देवता का उपन्यास आपके बताए उपन्यासों से तुलनात्मक आधार से परे हैं!!!आपके बताए गए उपन्यास गुनाहों के देवता से तुलनात्मक मानकों के चयन के गुणों से बाहर है!!!!
कसप पहाड़ी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ मोटे तौर पर लगाया जाता है - क्या जाने?
मनोहर श्याम जोशी ने लिखा है।
मैंने जब 25 उपन्यासों की सूची बनाई थी (मेरे पिन पोस्ट को देखें) तो इस उपन्यास को रखा था। यह किशोर प्रेम को लेकर बहुत मन से रचा गया उपन्यास है। गुनाहों का देवता जैसा लिजलिजा नहीं।
म���ोहर श्याम जोशी अलग अलग तरीके की रचना करने में सक्षम थे। हमजाद और कसप एकदम अलग लेवल की रचनाएं हैं। आपको मजा आएगा।
आज के काफी पर कुरुक्षेत्र के कार्यक्रम में डिबेट के हिस्सा मनोज सिंह की मुस्कराहट वो सबकुछ कह रही है जो अन्य दो गेस्ट नहीं कह पा रहे हैं!ये पत्रकार बात समझ में आते हुए भी कहने में डरतेहै सिर्फ इसलिए कि वो मोदी को पसंद नहीं करते!सरकार वोटर बनाते है ये पत्रकार नहीं।
@IndiaTVHindi
SM पर चल रही इस वीडियो में स्पष्ट है कि स्वतंत्र भारद्वाज के ख़िलाफ़ मारपीट में कई लोग शामिल थे-
इसमें जातीय एंगल की कोई जगह नहीं है।
लेकिन उस घटना के बाद स्वतंत्र भारद्वाज के बयान भी बड़बोले थे।
उसके बावजूद भी इसमें कोई जातीय एंगल नहीं है, ना आना चाहिए।
मारपीट हुई है उसी के अनुसार दोनों पक्षों पर कार्यवाही होनी चाहिए।
Requesting our Ministry of Foreign Affairs and the Indian Embassy in Ankara to provide assistance to this brigade.
@MofaNepal@IndiaInTurkiye@CGI_Istanbul
भीख में मिली राज्यसभा सीट के लिए यह कुछ भी करेगा राहुल गांधी का पिछवाड़ा भी चाटेगा जो आदमी अतीक अहमद और मुख्तार जैसे गुंडों की शान में कविता पढ़े उनके फेंके टुकड़े खाकर खुद को कवि शायर कहे वो राहुल गांधी की तरह पप्पू हो सकता है!