सपा मुखिया अखिलेश यादव आखिर क्युं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए पत्नी संग जंतर-मंतर पर डटे रहे ?
चासा जाति जो कुर्मी समुदाय का अंग है, जो किसान जाति है, उसी कुर्मी समुदाय से धर्मेंद्र प्रधान जी आते हैं | PDA कि बात करने वाले, पिछड़ों कि आवाज बनने वाले अखिलेश यादव आखिर क्यु धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए डटे रहे ?
1. धर्मेंद्र प्रधान जी BJP से केंद्रीय मंत्री थे इसलिए ?
2. NEET पेपर लीक का ब्लेम व विरोध के कारण ?
3. RSS संघ समर्थित होने के कारण ?
4. या किसी अन्य वजह से ?
आइए ऊपर के 03 वजहों पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जी को लेकर चर्चा करते हैं फिर वजह (4) को स्पष्ट करते हैं,
मोहन यादव जी जो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, अहीर विरादरी आते हैं और अखिलेश जी के स्वजातिय है।
1. मोहन यादव BJP से मुख्यमंत्री है |
2. मोहन यादव पर 168 एकड़ जमीन व UGC मुद्दे पर बड़ा ब्लेम लगा व जमकर विरोध हुआ |
3. मोहन यादव जी शुध्द रुपेण पुर्णत: संघी है |
फिर सपा मुखिया अखिलेश यादव खुलकर धर्मेंद्र प्रधान का विरोध किए लेकिन मोहन यादव का विरोध क्यों नही किए ?
मोहन यादव का विरोध करना तो छोड़िए उल्टे मोहन यादव का खुलकर समर्थन किए... आखिर क्यों ?
अखिलेश यादव के साथ ही सारे अहीर इन्फ्युएंसर व अन्य अहीर भी खुलकर मोहन यादव का समर्थन किए....वजह सिर्फ 1 है, मोहन यादव 'अहीर’ है | अहीर समुदाय व अखिलेश यादव अपने स्वजातियों का खुलकर समर्थन करते हैं फिर वह किसी भी पार्टी में हो |
तो मेरे प्रिय अहीर बंधुओं जो आप 4-6 दिन से सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान जी के लिए संघी और भाजपाई शब्द लिखकर नैरेटिव बना रहे तो बता दूं धर्मेंद्र प्रधान जी के पुराने ट्वीट खंगाल लो वह संघी नहीं समतावदी है, आम्बेडकरवादी है, मानवतावादी है |
अखिलेश यादव व सपा समर्थकों ने धर्मेंद्र प्रधान जी का विरोध उनके भाजपाई व संघी होने कि वजह से नहीं किया यह स्पष्ट हो चुका है |
आखिर क्या वजह है जिसके कारण अखिलेश यादव ने धर्मेंद्र प्रधान जी का विरोध कर इस्तीफा लिया....वह (4) वजह अगले पोस्ट में स्पष्ट करुंगा |
प्रयागराज के डॉक्टर नरेन्द्र सिंह ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में शेयर किया, प्राइवेट बिना नम्बर प्लेट की गाड़ी से 6-7 लोग आए और प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले छात्रों को घरों से खींचकर मारते पीटते गाड़ी में भरकर ले गए।
प्रोटेस्ट समाप्त होने के बाद छात्रों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, वह अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं।
हां ये वही नोएडा है, जहां भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बना है। जहां टॉप मल्टीनेशनल कंपनियां आई हैं। जहां फिल्म सिटी बननी है। जहां नोएडा विकास प्राधिकरण ने अपना दफ्तर 390 करोड़ रुपए से बनवाया है। उसी नोएडा का आज का हाल देख लीजिए। अंडरपास में सारा विकास डूब गया है।
तो क्या आप पेपर लीक खत्म करने आए थे या उसका नया रिकॉर्ड बनाने?
बीते कल की गलतियां गिनाने से आज की नाकामी छोटी नहीं हो जाती ।।
छात्र पूछ रहा है कि 12 साल बाद भी व्यवस्था सुधरी क्यों नहीं - पेपर लीक रुके क्यों नहीं?
आप आज भी वही बहाना बनाकर ताली बजवा रहे है कि ‘पहले भी होता था’, तो फिर बदलाव किस बात का?
काहे के अच्छे दिन ??
Gadkari in Bombay HC lawsuit:
I have no role in E20 fuel. Social media posts showing me as the architect of E20 are AI-generated.
Gadkari on 13th June 2026:
Epic insult of godi media 🤣🤣
Journalist ––There were comments made against Modi during protest
CJP spokie –– "Narendra Modi is not God and this is democracy. Learn to take jokes" 😭
Sweta Singh went speechless 🔥
The then UP CM Akhilesh Yadav did not only just set up Samsung manufacturing plant, he also helped in setting up of Oppo & Micromax manufacturing units in Noida & Greater Noida.
सरकार को इसी बात का डर है। डर कि कहीं हर यूनिवर्सिटी, हर स्कूल स्तर पर प्रदर्शन न शुरू हो जाए!
ये नज़ारा उत्तर प्रदेश के फतेहपुर का है जहाँ इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बिजली-पानी सुविधा की बदहाली और प्रिंसिपल के अभद्र व्यवहार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया।
👉पूर्व CM @yadavakhilesh अखिलेश यादव ने #Lucknow मे कितना काम किया है आप इन फोटो मे देख सकते है
इन फोटो में ही 16 काम है जबकि और तो इसमे है ही नही👏
👉अब 9 साल मे @myogiadityanath योगी जी के काम–
1-Green corridor
2-saumitra van
3-Purvanchal e-way
LIST END🥲
#yogi#UP#akhilesh
Samsung initially went to Tamil Nadu, UP was never their option. But then CM Akhilesh Yadav made them agree & fulfilled each of their demands.
Only then the Samsung signed an MOU in 2016 itself and started the construction work, which was completed in 2018.
So it was NOT the BJP who brought this project to Noida. It was the sole work of Samajwadi Party & Akhilesh Yadav.
He really did alot of exemplary developments
He just didn't had a good PR or advertisements about his works.
And was heavily targeted by mainstream media