@SunilAstay@narendramodi@DrMohanYadav51 जो सामान्य वर्ग वोट देता है उसको कैसे अपमानित किया जा रहा है तुमको ये लगता है ये सब जमीन पे नहीं है हर गांव में इसकी चर्चा है
#JusticeForAnkitaBhandari
अंकिता भंडारी की लड़ाई लड़ रहे आशुतोष नेगी को पुलिस ने किया गिरफ्तार। अंकिता को न्याय दिलाने के लिए श्रीनगर गढ़वाल में अंकिता के माता-पिता के साथ धरने पर बैठे थे आशुतोष नेगी।
वही अंकिता भंडारी जिसकी हत्या के मामले में BJP मंत्री नेता के बेटे का नाम आया था।
उसको बचाने के लिए यह सब किया जा रहा है।
#SupremeCourtofIndia
SDM का गुस्सा,BLO पर भड़का...
यूपी बस्ती सदर तहसील के डारीडीहा
SIR प्रपत्र कलेक्शन को लेकर बूथों पर पहुंचे एडीएम और एसडीएम ने
बीएलओ को लगाई फटकार।अन्य जिलों में में SIR फार्म भरने का क्या हाल है?
एक और BLO की मौत
राजस्थान के सवाईमाधोपुर में BLO हरिओम बैरवा की हार्ट अटैक से मौत हो गई.
घर वालों का कहना है- SIR के काम की वजह से हरिओम परेशान थे.
आज सुबह अधिकारी का कॉल आया, उसके कुछ मिनट बाद ही हार्ट अटैक से हरिओम की मौत हो गई.
SIR के काम में लगे दो BLO की असमय मृत्यु बेहद दुखद है। एक BLO की आत्महत्या एवं दूसरे की हार्ट अटैक से मृत्यु हुई है। दोनों के प्रारम्भिक कारणों में SIR के काम का दबाव होना सामने आया है। चुनाव आयोग एवं राज्य सरकार को इसे गंभीरता से लेते हुए जांच करनी चाहिए कि SIR के काम से हमारे सरकारी कर्मचारी किसी मानसिक तनाव में तो नहीं आ रहे हैं।
कर्मचारी महासंघ द्वारा SIR में BLO सहित अन्य कार्मिकों पर अनावश्यक दबाव बनाये जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही तथा आत्महत्या करने वाले शिक्षक को 50 लाख का मुआवजा देने के सम्बंध में आज मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया ।- विपिन प्रकाश शर्मा,प्रदेश महामंत्री
आयोग के अधिकारियों में अपने क्षेत्र को आगे रखने की होड़ हैं..मानवीय मूल्यों एवं परेशानियों से कोई सरोकार नहीं हैं।बिना सिलेबस कैटोती के अर्द्ध वार्षिक निर्धारित समय से पूर्व हो रहीं हैं..विधार्थियों के साथ कुठाराघात है..विभाग के अधिकारी सब समझ रहे हैं..लेकिन उनमें शून्यता है।
जयपुर में SIR कार्यक्रम के दबाव से परेशान BLO श्री मुकेश जांगिड़ जी ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी—यह हृदय को झकझोर देने वाली, बेहद पीड़ादायक और व्यवस्था की क्रूरता उजागर करने वाली घटना है।
सरकारी तंत्र आखिर किस दिशा में बढ़ रहा है?
क्यों हालात ऐसे बनाए जा रहे हैं कि अपने कर्तव्य का ईमानदारी से पालन करने वाले कर्मचारी निराशा, अपमान और अत्यधिक दबाव में इस चरम कदम को उठाने पर मजबूर हो जाएँ?
यदि अधिकारी अपनी शक्ति का दुरुपयोग करके कर्मचारियों पर असहनीय बोझ डालेंगे, धमकाएँगे, और मानवीय संवेदना को कुचल देंगे—तो ऐसी घटनाएं होना सरकार की बड़ी विफलता है।
मुकेश जांगिड़ जी की यह मृत्यु सिर्फ़ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की अंतरात्मा की मृत्यु है।
सरकार तत्काल इस मामले को संज्ञान में ले, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करे और
मुकेश जी के परिवार को न्याय, सम्मान और आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
@BhajanlalBjp@RajCMO@PoliceRajasthan@RajPoliceHelp@DcDmJaipur@jaipur_police
#NirmalChoudhary
Please SIR...
ऐसा मत कीजिए। काम करने से मना कर दीजिए। सस्पेंड करते हैं तो सस्पेंड हो जाइए। आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि सस्पेंड किया हुआ कर्मचारी बहाल नहीं हुआ हो।
आपने तो कोई घोटाला भी नहीं किया, आपने तो किसी का मर्डर भी नहीं किया, आपने तो घूसखोरी भी नहीं की। यह सब कुछ करने वाले भी सस्पेंड होकर बहाल ही होते हैं।
आपका जीवन सरकार के लिए भले ही नहीं हो लेकिन आपके परिवार के लिए बेहद मूल्यवान है और अपने परिवार की एकमात्र और अंतिम उम्मीद भी आप ही हैं।
इसलिए SIR
आपसे विनम्र प्रार्थना है, ऐसा कोई कदम मत उठाइए कि जो वापस नहीं लिया जा सके।
शिक्षकों के साथ SIR के नाम पर हो रहे बहुत बड़े अत्याचार को देखकर मन बहुत व्यथित है शिक्षा मंत्री जी और शिक्षा सचिव साहब तक शिक्षकों पर हो रहे अत्याचार को नहीं रोक पा रहे हैं।
राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत @RSSEkikrat_ लगातार इसके खिलाफ आवाज उठाता रहेगा।
SIR की वजह से राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलन की भी कोई चर्चा नहीं हैं।
अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की व्यवस्था को चौपट कर के रख दिया है।
आदरणीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि मामले में इंटरविन करें और शिक्षकों को न्याय दिलाएं।
@BhajanlalBjp@BJP4India
SDM साहब “बड़ी कुर्सी” के रौब में एक मेहनतकश कर्मचारी को थप्पड़ मार रहे हैं — मानो अफ़सर होना उन्हें किसी पर हाथ उठाने का अधिकार दे देता हो!
अरे साहब, यही रौब आप उन अपराधियों पर दिखाइए, जो रोज़ कानून की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं, न कि उस आम आदमी पर जो ईमानदारी से मेहनत कर रहा है।
दिवाली के त्यौहार पर भी यह कर्मचारी अपने घर की खुशियाँ छोड़कर परिवार के लिए काम कर रहा है। ऐसे में SDM का यह दुर्व्यवहार बेहद शर्मनाक और अमानवीय है।
अब सवाल सीधा है — कौनसे कानून के तहत आपने थप्पड़ मारा?
अगर कर्मचारी पर कार्रवाई हो सकती है, तो SDM पर क्यों नहीं?
@BhajanlalBjp@RajCMO@PoliceRajasthan@RajPoliceHelp@Bhilwara_Police@DmBhilwara
#NirmalChoudhary