मैंने कुछ साल पहले एक सरकारी बैंक से लोन लिया था 4 लाख 69000 का.
तीन साल तक EMI समय पर दिया..कोविड आया तो 2 EMI बाउंस हुईं..मुझे बैंक द्वारा 3 हज़ार की पेनल्टी लगी..लोन पूरा भरवाया गया. कोई छुट् नहीं
लेकि इन साहब के केस में तो जबरदस्त बात हुईं
अनिल अम्बानी की RCOM पर 53 बैंको के 49000 करोड़ बकाया थे.
सबसे ज्यादा SBI का 13000 करोड़ रूपये थे
इन्होने तीन साल तक एक पैसा नहीं भरा.
NCLT ने कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया.
IBC यानि बैंक इंसोल्वेसी और BANKRUPTCY नियम बताकर 49000 करोड़ का लोन मात्र 455 करोड़ में सेटल कर दिया गया.
अकॉउंट को फ़्रॉड घोषित करने के बाद आम आदमी को तो पुलिस पकड़ लेतीं है.
पर बड़े लोगों को कौन पकड़े? कहने को तो Ed सीबीआई जाँच हुईं है, हो रही होगी.
आम आदमी का 490 रूपये रह जाये तो लोन क्लोज नहीं होता, यहाँ इनके 49 हज़ार करोड़ रह गए तब भी लोन क्लोज??
किसकी मेहरबानी से, नाम नहीं लिखूंगा 😊
An exceptional Yoga Day programme was held at Kolkata’s Red Road this morning, in which people from all walks of life participated, giving an important message on the vitality of Yoga in everyone’s lives.
This time, the theme was ‘Yoga For Healthy Ageing’ which emphasised the importance of Yoga in all ages to remain fit and healthy.
आ गये RSS वाले अपने असली रूप में. यही लिखा था यहां कि इनकी परेशानी यही है कि एक दलित समाज से आने वाला मंत्री उनसे कह रहा कि काग़ज़ दिखाओं.
जो परेशानी RSS की है वही तमाम जातिवादी हिंदुओं की भी है. इस मनुवादी संगठन के बचाव में कौन कौन उतरता है देखते जाइये. मुझे तो नहीं होगा लेकिन बहुतों को ज़रूर बहुत आश्चर्य होगा.
रामचंद्र गुहा जैसों के लिये काम बढ़ गया है.
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इटली की PM मेलोनी @GiorgiaMeloni के बारे में झूठी टिप्पणी की जिसके तुरंत बाद इटली के उप प्रधानमंत्री ने अपनी 21 22 जून की अमरीका यात्रा रद्द कर दी।
पर मोदी सरकार और मोदी जी के मंत्री तो ऑपरेशन सिंदूर के सीजफायर वाले अपमानजनक बयान के बाद भी अमरीका की यात्रा पर पड़े रहते हैं!
"बीजेपी कह रही है कि दलित आरएसएस से सवाल न करें... क्यों? क्या दलित देश के नागरिक नहीं हैं? क्या दलित समाज का हिस्सा नहीं हैं? क्या दलित संविधान में बराबरी के हकदार नहीं हैं?"
- प्रियांक खड़गे
Best wishes to the Leader of the Opposition in the Lok Sabha, Shri Rahul Gandhi Ji on his birthday. Praying for his good health and long life.
@RahulGandhi
कर्नाटक के विधान परिषद के सभी कांग्रेस उम्मीदवार ने पहले राउंड में ही प्रचंड जीत हासिल की।
इन सभी विधायकों को बधाई।
कांग्रेस के 135 विधायक है और कांग्रेस को 151 विधायकों का वोट मिला।
दूसरी ओर भाजपा को 7 वोट कम मिली और जेडीएस को 18 की जगह 14 वोट मिले।
श्री @RahulGandhi और श्री @kharge के नेतृत्व में न्याय व गरीब, मध्यमवर्गीय कल्याण की योजनाओं तथा नीतियों पर कर्नाटक के विधायकों ने पार्टी लाइन से उठकर मुहर लगाई है।
उनका भी धन्यवाद।
कारण👇
कर्नाटक की राजनीति में दो धुरी है।
एक धुरी है- कांग्रेस की 5 गारंटीयों और जनकल्याण योजनाएं,जिसके माध्यम से हर साल रु 56000 करोड़ कर्नाटक की बहनों और जनता के खातों में बजट से सीधे जाता है।
दूसरी धुरी है -भाजपा+जेडीएस,जो कांग्रेस की 5 गारंटीयों से नफरत तथा बार बार कर्नाटक की बहनों और जनता को मिलने वाले वाली इन 5 गारंटीयों को खत्म करने का दावा करती है।
इन दोनों दलों की राजनीति है -विभाजन और नफरत फैलाना।
कर्नाटक की जनता तथा विधायकों ने विधानपरिषद के चुनाव में भाजपा + जेडीएस की नीतियों व नेतृत्व दोनों को नकार दिया है।
मतलब साफ है - भाजपा +जनता दल कर्नाटक की जनता के लिए लाई गई योजनाओं का वो विरोध करेंगे पर वो जान ले कि अब जनता ही बल्कि उनके अपने विधायक भी उन्हें खारिज करते जाएगें।
सत्य की जीत हुई
न्याय की जीत हुई
लोकतंत्र की जीत हुई
कांग्रेस की गारंटीयों की जीत हुई
कर्नाटक की जनता की जीत हुई।
भास्कर ने तो सूरज ही डूबो दिया।
भाजपा तो अपनी सहयोगी पार्टियों का ही काला चिट्ठा खुलवा रही है क्योंकि भाजपा को इन दलों के नेताओं से नहीं, उनसे जुड़े जो भी दो-चार हज़ार वोट हैं, बस उनसे मतलब है। जब ये तीनों बदनाम हो जाएंगे तो भाजपा, इनसे जुड़े समाजों से कहेगी कि देखो तुम्हारे नेता कितने भ्रष्ट हैं, ये तुम्हारा ख़्याल नहीं रखेंगे, इसलिए तुम इन्हें नहीं, सीधे हमें वोट दो। सच तो ये है कि भाजपा भी ग़लतफ़हमी में है क्योंकि अब ‘पीडीए समाज’ एकमुश्त रूप से पीडीए की जीत के लिए हमें ही वोट देगा।
भाजपा ने आज फिर साबित कर दिया है कि वो किसी की सगी नहीं है।
जो करते हैं अपने कबीले से दगा
उनका भला और कौन होगा सगा
तीनों की राजनीति ख़त्म, भविष्य भस्म!
कलाकारों के प्रति पूरे सम्मान के साथ ये बात ग़ौरतलब है कि… ग़ैरज़रूरी विदेश यात्रा से बचने की सलाह को ताक पर रख इन सबको विदेश भेजा गया है पीएम मोदी का पेरिस में स्वागत के लिए! क्या ये ग़ैरज़रूरी ख़र्च नहीं है? स्वागत तो वहाँ के बाशिंदे, या मेज़बान करते हैं… भारत से कलाकारों को भेज कर स्वागत कराने की क्या ज़रूरत है?