प्रिय दिल्ली पुलिस कुछ पता चला इनका। वर्ना लोग प्रदर्शनों में इनकी तरह कपड़े में जाने लगेंगे और लाठी लेकर भी। आपको लगेगा कि पुलिस ही पुलिस आई है। जनता तो आई नहीं। सोशल मीडिया में इस तरह के पोस्टर चल रहे हैं।
⚠️बेहद जरूरी वीडियो
अगर तुम लोग इधर वापस मिला तो जेब में 50 50 ग्राम पाउडर जेब में डाल दूँगा। फिर तुम लोग जिंदगी भर के लिए गया।
बच्चों को गैरकानूनी कामों में फंसाने की धमकियाँ दी जा रही है।
हेलो @MumbaiPolice आपका ये कर्मचारी कौनसा पाउडर सप्लाई करता है ? जाँच करेंगे ?
#CJP #MUMBAI #GenZProtest
मंत्री का इस्तीफ़ा हो ना हो लेकिन पत्रकारो को जरूर धमकिया आ जायेंगी .
मित्रों ये एक ओवरब्रिज है
ये ओवरब्रिज 858 करोड़ रुपए में बना है
858 करोड़ से बने इस ओवरब्रिज की पोल एक ही बारिश ने खोल दी है ग्रेटर नोएडा के इस रेलवे ओवरब्रिज को कुछ दिन पहले खोला गया है क्या अमेरिका जापान चाइना में ऐसा होता देखा है .
राजस्थान में सैकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती एग्जाम आज हो रहा है। इस अभ्यर्थी की कहानी सुनिए। इसे एडमिट कार्ड में जो सेंटर अलॉट किया गया, वहां जब यह पहुंचा तो उसे स्कूल ही बंद मिला। स्कूल भी दूसरी थी। वहां युवक क्रिकेट खेल रहे थे। एडमिट कार्ड में लिखे स्कूल के मोबाइल नंबर पर फोन किया तो वह गलत थे।
"कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन करो या ना करो, फर्क नहीं पड़ता, लेकिन सोनम वांगचुक का समर्थन बहुत जरूरी है वरना तुम्हारे लिये आगे कोई नहीं लड़ेगा।"
पहली बार इस चोटी वाले स्वर्ण ने सही बोला है 👇👇👇
ट्रेन में नमाज़ पढ़ने पर भावनाएं आहत हो जाती हैं...
ट्रेन के केबिन में हनीमून का सरप्राइज देने पर संस्कृति खतरे में आ जाती है और TTE सस्पेंड हो जाता है...
लेकिन जब भारतीय रेलवे के एक वीआईपी सैलून कोच (Saloon Coach) के अंदर बकायदा पंडितों को बुलाकर, चलती ट्रेन में पूरा तामझाम फैलाकर रुद्राभिषेक और पूजा-पाठ किया जाता है, तब सारे नियम-कायदे और सर्व समाज का विरोध कहां चला जाता है?
दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के अधिकारियों और स्टाफ का है, जो सरकारी या वीआईपी यात्रा के दौरान ट्रेन के भीतर यह धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं।।।
सवाल किसी धर्म या पूजा-पद्धति से नहीं है, सवाल नियमों के दोहरे मापदंड से है।।।
क्या चलती ट्रेन में इस तरह तरल पदार्थ, धातु के बड़े बर्तन और अनुष्ठान की सामग्री रखना सह-यात्रियों या ट्रेन की सुरक्षा के लिहाज से सही है???
सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) या सरकारी सैलून कोच का इस्तेमाल क्या व्यक्तिगत धार्मिक अनुष्ठानों के लिए इस तरह खुलेआम किया जा सकता है???
कानून सबके लिए बराबर क्यों नहीं???अगर आम जनता के किसी कृत्य पर रेलवे तुरंत एक्शन लेता है, तो वीआईपी या उनके स्टाफ के लिए रेलवे के मैनुअल बदल क्यों जाते हैं???
संविधान और कानून की नजर में हर नागरिक और हर मजहब बराबर होना चाहिए। अगर एक जगह नियम सख्त हैं, तो दूसरी जगह भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।।।
इस दोहरेपन पर आपकी क्या राय है? क्या वीआईपी कोचेस में ऐसे आयोजनों की छूट होनी चाहिए???
"मैं स्कूलों में राजनीतिक पार्टियों के आने और वहाँ कार्यक्रम करने पर रोक लगा रहा हूँ। स्कूल पढ़ाई के लिए हैं, राजनीति के लिए नहीं।"
— थलापति विजय, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री
“कुछ साल पहले तक मेरे मन में बहुत था - हम ‘विश्वगुरु’ बनेंगे पर अब लगता है विश्वगुरु को Contradict करने वाली बातें ज्यादा हो रही हैं !
या तो विश्वगुरु-विश्वगुरु करना बंद करो या ये सब Nonsense बंद करो !”
अनुराधा पौडवाल जी ने ‘मोदी जी’ को आड़े हाथों लिया🔥
भूख हड़ताल का 15वां दिन! सोनम वांगचुक सर की तबीयत बेहद नाज़ुक है BP काफ़ी गिर चुका है 104/66 पर!
15 दिनों में 7.8 किलो वजन घट चुका है... शरीर टूट रहा है, लेकिन देश के युवाओं के भविष्य के लिए इरादा आज भी फौलादी है।
इस सच्चे देशभक्त की गिरती सेहत देखकर भी क्या सिस्टम सोया रहेगा?
वाह रे रेलवे विभाग,
मैने शिकायत की कि, ट्रेन 3 घंटे 15 मिनट लेट है, उसके लिए भी रेलसेवा वालों ने मेरा मोबाइल नंबर , यात्रा विवरण मांग लिया।
ऐसा लग रहा है जैसे, ट्रेन को 3 घंटे 15 मिनट पहले कर देंगे।
Day 16 of @Wangchuk66’s hunger-strike
I request the Govt not to turn this into a battle of egos as human lives are at stake here.
Acknowledging a mistake is not a sign of weakness. It is a sign of maturity, accountability, and the willingness to correct course.
All we are asking for is accountability.
इसको ये नहीं समझ आ रहा है कि ट्विटर पे पूरी दुनिया है,
और दिल्ली की यमुना पे सबकी नज़र रहती है।
बेज्जती होती है यार! मत बनाया करो वीडियो!! https://t.co/Tuw2SfCPb9
हेलो @RailMinIndia ,@RailwaySeva@AshwiniVaishnaw जी,
गोरखधाम एक्सप्रेस 3 घंटे 15 मिनट लेट है, दिल्ली पहुंचने का टाइम 5:15 था, इस टाइम के बाद मैं आसानी से अपने ऑफिस जा सकता था।
लेकिन अब आज का ऑफिस छूट गया,
हर्जाना कौन भरेगा? आपकी ट्रेन 3 घंटे 15 लेट होने से मेरा एक दिन का नुकसान हो गया है।