मिलिए उस मोहम्मद इरफ़ान से, जो जंतर-मंतर के उस वायरल वीडियो से पूरे देश में पहचाना जा रहा है, जिसमें वह संविधान की प्रस्तावना को जिस आत्मविश्वास, लय और भाव के साथ सुनाता है, वह आसपास खड़े हर व्यक्ति को कुछ पल के लिए ठहरकर सुनने पर मजबूर कर देता है।
एक टूटे-फूटे घर में रहने वाला यह युवा लोकतांत्रिक मूल्यों को केवल पढ़ता नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन में जीने की कोशिश करता है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसने अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ा है।
इरफ़ान को केवल उसकी प्रतिभा के अनुरूप सही अवसर, उचित मार्गदर्शन और मंच मिलने की देर है। उसके भीतर सीखने की भूख, बोलने की क्षमता और आगे बढ़ने का जज़्बा है। यक़ीन मानिए, एक बार उसे अवसर मिल गया तो वह अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर अपनी मंज़िल खुद बना लेगा।
देश की असली ताकत ऐसे ही युवाओं में छिपी है। ज़रूरत सिर्फ़ उन्हें पहचानने, उन पर भरोसा करने और उनका हाथ थामने की है।
IT'S A VICTORY OF DEMOCRACY
direct democracy... straight from the streets.
It's a victory of peace, patience & persévérance.
Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.
FROM ACCOUNTABILITY, NOW TO REFORMS
20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 19 साल के साहिल के चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से हमला किया।
साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है मगर परिवार को सहारा देने के लिए वो पार्ट-टाइम कार भी चलाता है। वो खुद 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार है। अब उसे डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दिया है और फिर से पेपर लीक हो जाएगा।
इंसाफ़ और बेहतर भविष्य की मांग के साथ वह प्रदर्शन में शामिल हुआ था। आज हालत ये है कि उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा है।
ये सज़ा मिलती है हमारे छात्रों को सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने की।
हम साहिल के साथ हैं। हम जवाबदेही मांग रहे हर छात्र के साथ हैं।
मोदी जी, देश के बच्चों से अपने इस गुनाह की माफ़ी मांगिए, इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कीजिए और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त कीजिए।
RAF में अस्सिटेंट कमांडेंट सोनिया सेहरावत 5 दिन पहले तक मस्त रील बनाते हुए सरकार से सेलरी ले रही थी ज़्यादा काम का लोड नहीं था. AC में बैठ कर दिल्ली की गर्मी का आनंद ले रही थी.
लेकिन जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों की वज़ह से चिलचिलाती गर्मी में ड्यूटी पर आना पड़ा. इसका रील बनाने का काम भी रुक गया, इसलिए इसने पूरे गुस्से में छात्रों पर लाठियां बरसाई और दूसरे जवानों से लाठियां बरसवाई.
अब तो आंदोलकारी इसकी नज़र में देशद्रोही नज़र आ रहे हैं, इन्स्टाग्राम पर स्टोरी के माध्यम से ख़ूब ज्ञान बांट रही है. उन्हें नैतिकता का ज्ञान दे रही है. आंदोलकारियों को काकरोच बोलते हुए मुंह चिढ़ा रही है.
"छात्र आंदोलन" लड़की के साथ अश्लील हरकत करने वाला एक ओर पुलिस वाला आया सामने 👇 देखना वीडियो जरा #संसद_मार्च#RahulGandhi NEET "दिल्ली पुलिस" #cjp_पार्टी "श्री गणेश" #JantarMantar "Dharmendra Pradhan" Parliament "मोदी सरकार"
ये वीडियो देखिए, आपकी आँखों में आँसू आ जायेंगे। अगर इस जज़्बे के साथ देश भर से युवा दिल्ली पहुँच रहे हों, तो इस आंदोलन को दुनिया की कोई ताक़त नहीं रोक सकती।
सबसे खतरनाक होता है सपनों का मर जाना!
और यहां सपनो की लूट चल रही है!
यह व्यक्ति उन बच्चों का चप्पल-जूते सड़क से उठा रहे है, जिन बच्चों को दिल्ली पुलिस ने बर्बरता से पीटा और खदेड़ा!
सैल्यूट है भाई को!
सब याद रखा जाएगा...