कभी सोचा है?
हमारी फिल्मों ने हमें दिल टूटना, दीवाना होना और नशे को "कूल" बनाना सिखाया।
और उधर हॉलीवुड बच्चों को दिखाता है—टाइम ट्रैवल, मल्टीवर्स, साइंस, AI, स्पेस!
जो बच्चा जो देखता है, वही बनता है।
हमने हीरो का प्यार दिखाया, साइंटिस्ट की लैब नहीं।
आज बच्चे किताबों से ज़्यादा स्क्रीन से जुड़े हैं… और हम कहते हैं “सीरियस नहीं हैं।”
सोच बदलो।
जो तुम आज देख रहे हो, वही कल तुम्हारा करियर और देश बनाएगा।
सेनाओं में जब किसी को अपराध सिद्ध होने पर असम्मानजनक तरीके से बाहर निकाला जाता है, तब उसकी रैंक और बेल्ट पहनने का अधिकार छिन जाता है — इसे ही कोर्ट मार्शल कहते हैं.
प्रधानमंत्री जब बिना रैंक और बेल्ट की ‘वर्दी’ पहनकर रक्षा ठिकानों पर पहुँचते हैं, तो वह दृश्य कुछ-कुछ वैसा ही प्रतीत होता है!
सेनाओं से इतना ही प्यार है, तो गुजरात के लोगों को सेना में जाने के लिए प्रोत्साहित क्यों नहीं करते?
#Avoid_Ridiculing_Armed_Forces
ये है पूर्व सैनिकों का दर्द।कल का दिन राजस्थान के इतिहास में काले दिन के रूप में याद किया जाएगा जब जातिवादी ताकतों ने देश के सैनिकों का हक मारा।मूल obc का हक खाने के बाद अब इस फैसले से सामान्य वर्ग के पूर्व सैनिक का कोटा भी यही खाएंगे।
ये भूख है बड़ी...
जोधियासी गांव में सूरजमल जी की मूर्ति को लेकर हुए विवाद को इस वीडियो से समझिए
चोरी छुपे रात को मूर्ति लगाने के बाद हुए विवाद के बाद एक जाट समाज का व्यक्ति भरी भीड़ में कह रहा है कि
मैने ये काम दयाल जी को 6 महीने पहले करने को कहा था।
(मैने सरपंच दयालराम मुंड को पहले कहा था अगर प्रशासन अनुमति दे तो ठीक नही तो रात में मूर्ति रख दो राख्या पचे किसी के बाप कि हिम्मत कोनी मूर्ति हटा दे)
अब समझिए इनकी पहले से ही प्री प्लानिंग थी।
रात्रि अंधेरा में मूर्ति लगानी ओर सुबह भीड़ बुलानी।
अगर ऐसा ही होता रहा तो पूरे राजस्थान का माहौल क्या होगा आज जोधीयासी में जाट सरपंच द्वारा जमीन कब्ज़ा करने कि नियत से सूरजमल मूर्ति लगी है कल किसी ओर गांव में भी मूर्ति लगा सकते है। इन जाटो नें जमीन कब्ज़ाने कि नियत से हनुमान साईं जैसे शराबी तस्कर कि मूर्तिया लगा दी सूरजमल, तेजाजी कि मूर्ति कोई बड़ी बात नहीं...... सबको पता है सरपंच नें मनमानी करी है गांव का माहौल खराब किया है सभी गांव के लोग अन्य 35 बिरादरी मूर्ति वाली जगह का विरोध कर रहे है इसके बावजूद प्रशासन नें एक तरफा कार्रवाई करते हुए गांव के लोगों पर लाठीचार्ज किया पूरे गांव कि आवाज को लाठी के दम पर दबाया गया।
1. कहा गया सविधान कहा है क़ानून - जो बिना अनुमति रातों रात विवादित जगह पर मूर्ति लगा दी?
2. कहा गई सरकारें - जो पूरे कि गांव बात को अनदेखा कर राजनीती दबाब में आकर पुलिस उन पर लाठिया बरसा रहीं है??
3. कहा मर गई इंसानियत - जो गांव कि अन्य 35 बिरादरी पर हुई लाठीचार्ज पर एक जाति एक वर्ग तालियां बजा रहा है???
आज जरुरत हैं सभी लोंग जोधीयासी गांववासियों पर हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाए।
नोट : विरोध किसी मूर्ति या प्रतिमा का कही नहीं है विरोध है मूर्ति वाली जगह का उस जगह को छोड़ कही भी मूर्ति लगें किसी को आपन्ति नहीं है मूर्ति के विरोध का जाट सरपंच नें माहौल बनाया है..जो कि गलत है।
~ साभार EWS सरलीकरण
या तो नागौर पुलिस सो रही है या फिर कोई राजनीतिक दबाव है
क्या कानून और प्रशासन से ऊपर है कुछ लोग
जब पूरा गांव मूर्ति की जगह को लेकर विरोध में है तो क्या पूरे गांव से ऊपर है ये लोग
वोट सर्वसमाज के लेकिन मनमानी खुद की
यह लोग खुद की गाथा ही बता रहे हैं...
सूरजमल मरने के बाद लाश छोड़कर यूँही भागे थे ये...
बाकी सूरजमल से इनका क्या सम्बंध... ?
करौली के जादौन राजपूतों से निकास,रोटी बेटी का व्यवहार इनसे वैसे भी हुआ नही..
जयपुर से कृपा लेते थे... मुगलों के आदेश पर लड़ते थे.. (1753)
इनका क्या सम्बन्ध?
आज जालोर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर स्वर्गीय श्री गणपत सिंह जी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे 80 वर्षीय दादीसा व परिजनों के बीच पहुंचकर उनकी पीड़ा को करीब से महसूस किया, उनके दर्द को सुना तो मन बेहद व्यथित हो उठा….
15 माह पूर्व हुए इस जघन्य हत्याकांड के दोषियों पर अब तक कार्रवाई न होना सच में अत्यंत पीड़ादायक है।
दादीसा व परिजनों से मिलकर उनको पूर्ण विश्वास दिलाया कि न्याय की इस लड़ाई में वे अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ खड़े है।
@Banti_jat_btp जुम्मे जुम्मे चार दिन से सत्ता देखी है और जातिवाद को चरम पर पहुंचा दिया तुम जातिवादियों ने तब से तुम्हे भी इतिहास का ज्ञान हो गया है नही तो बापू ताऊ को पूछ तो बताएंगे कि दरबान बन कर घूमते थे सारे
सेवा का जुनून होना चाहिए
कोटा के घुमंतू बच्चो को ये ख़ुद और इनका स्टाफ रोजाना फ्री शिक्षा देते है
अंतिम जातियों को शिक्षा से जोड़कर मुख्यधारा में लाना उद्देश्य है
महेंद्र सिंह चौहान,वाइब्रेंट कोचिंग के मालिक जिनकी कोटा में 8 से 10 कोचिंग चलती हैं
आपकी भावना को सैल्यूट 🙏
राजस्थान में अगर आपको राजनेताओं में आदर्श बनना हो तो रविन्द्र सिंह भाटी को बना लो...!!!
रविन्द्र सिंह भाटी का भाटी का जोश काबलियत तारीफ है.....!!!
दशकों पुरानी पार्टियों के अंदर भय पैदा कर दिया....!!
भ्रष्ट सरकारों के खिलाफ लड़ता है...!!!
@RavindraBhati__
@Surendrabhadu21 उसने फिर क्या प्रयास किया??क्या उसने सतिया समाज को वह सम्मान दिलाया वो मूर्ति लगाकर?!दूसरा ये की बात तो पहले परसुराम जी की मूर्ति के लगने की थी।तो अब इसने परसुराम जी की जगह दूसरी मूर्ति क्यो लगाई वादा करके?और उसने कोनसा न्याय का तरीका अपनाया धार्मिक भावना के ओट में? #लैंड_जेहाद
@imharshchhikara गधा देशी हो या पूरब का , करेगा लीद ही😀🤣 हरयाणा वाले देखो,राजस्थान वाले देखो, राज्यपाल देखो, उपराष्ट्रपति देखो, नेता देखो, अभिनेता देखो सब के सब जातिवादी और बड़े गाड़े भरने वाले लिदर हैं लिदर😀🤣
सूरजमल जी की मूर्ति ग़लत जगह लगने का विरोध पूरा गाँव कर रहा है लेकिन जाट समाज केवल क्षत्रिय समाज को ग़लत बोल रहा है
देख रहे हो फिर कहते हो भाईचारा नहीं बिगाड़ो
नागौर में अपनी जाति के राजनैतिक नेताओ का दबाव बनाकर अन्य जातियों में भय का वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही है !!
शायद राजस्थान में नई योजना आई है कि
“मूर्ति लगाओ अतिक्रमण जमाओ “