जिस भाजपा सरकार के अस्पताल ‘पीडीए’ को जन्म नहीं लेने दे रहे हैं, वो ‘पीडीए’ को कितने बड़े दुश्मन हैं कहने की ज़रूरत नहीं है।
ये बेहद गंभीर और अमानवीय मामला है कि मुसहर जाति की एक गर्भवती महिला का जाति के आधार पर अस्पताल में प्रसव करवाने से मना कर दिया गया और वो खुले में अस्वास्थकारी माहौल में बच्चे को जन्म देने पर मजबूर हुई।
भाजपाई सोच की संकीर्णता और पीडीए समाज के विरुध्द प्रभुत्ववादियों की नफ़रत जिस हद तक बढ़ गई है, वो बेहद निंदनीय है और दंडनीय भी।
स्वास्थ्य मंत्री को काजू खाने से फ़ुरसत मिल जाए तो देखें कि उनका विभाग किस स्तर तक भेदभाव के ज़हर से भर गया है। भाजपाई तो जिस सीमा तक गिर सकते थे गिर गएं हैं, अब बस भाजपा सरकार गिरनी बाक़ी है।
"टीचर अलग लाइन में बैठाते हैं, ऊंची जाति के बच्चे साथ नहीं खेलते"
- बिहार में जातिगत भेदभाव का दंश झेल रहे डोम समाज के छात्र
@RahulGandhi | @yadavtejashwi | @NitishKumar
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र में 16 वर्षीय दलित बेटी के साथ हुआ सामूहिक बलात्कार न केवल अत्यंत शर्मनाक अपराध है, बल्कि उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न भी खड़ा करता है।
पीड़िता को रास्ते में सुनसान जगह पर दो युवकों ने जबरन पकड़कर उसका मुंह दबाया और बाइक पर बैठाकर जंगल ले गए। वहां दो अन्य युवकों को बुलाया और चारों ने मिलकर किशोरी के साथ साम���हिक बलात्कार किया। विरोध करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई की ,गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की और फिर दूसरी जगह ले जाने लगे। किसी तरह पीड़िता ने अपनी जान बचाई।
दुखद और चिंताजनक यह है कि परिजनों के आरोप के अनुसार पुलिस ने शुरुआत में कार्रवाई में हीलाहवाली की। यह रवैया अस्वीकार्य और पीड़िता के साथ अन्याय है। पुलिस की यह लापरवाही भी अपराधियों को संरक्षण देने जैसी है।
हम @UPGovt माँग करते हैं कि—
1. सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए।
2. संबंधित पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए, जिन्होंने शिकायत पर हीलाहवाली की।
3. मुकदमा SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम और POCSO की कठोर धाराओं में दर्ज हो।
4. पीड़िता को सुरक्षा, मुआवजा और न्यायपूर्ण पुनर्वास मिले।
5. फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर दोषियों को कठोरतम सज़ा दी जाए।
@CMOfficeUP
@myogiadityanath
बरेली की एक खबर इंसानियत से भरोसा उठाती। कल रात में एक पिता अपनी 15 साल की बेटी के साथ ट्रेन के जरिए जा रहे थे। बरेली सिटी स्टेशन पर वह पानी लेने के लिए उतरे। ट्रेन चल दी तो वह चढ़ नहीं पाए। बेटी परेशान हुई। वह किसी तरह से ट्रेन से कूद गई। रात हो गई थी। उसने वहीं एक व्यक्ति को अपनी समस्या बताई।
व्यक्ति ने मदद करने के बजाय उसके साथ रेप किया। बच्ची बदहवाश हो गई। खून से लथपथ। किसी तरह से सिटी स्टेशन पहुंची। जीआरपीएफ के होश उड़ गए। किसी तरह से हॉस्पिटल लेकर गए। वहां एक ऑपरेशन हो चुका है, दूसरा होना बाकी है। हालत खराब है। पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह सब लिखते वक्त मन उस व्यक्ति के प्रति इतना क्रूर हो जाता है कि अगर उसे पत्थर से मारकर मार देने की भी सजा दी जाए तो लगेगा कि कम ही सजा मिली।
BHU में पढ़ने वाले शिवम सोनकर का कहना है प्रोफेसर कहते हैं "तू दलित है जूता साफ कर". आज भी द्रोणाचार्य सक्रिय हैं जो नही चाहते हैं शिवम सोनकर पढ़ लीखकर आगे जाए.
शिवम सोनकर का जनरल कैटेगरी में दूसरा रैंक आया. वो एक शोध डिपार्टमेंट में एडमिशन के लिए आवेदन किया है, जहां 7 सीट में से 4 भरी गयी है और 3 सीट खाली है.
जनरल कैटेगरी में दूसरा रैंक लाने के बावजूद एक दलित स्टूडेंट को एडमिशन नही दिया गया कारण शिवम, पांडेय या शुक्ला या तिवारी नही, दलित है.
BHU में कुल 670 प्रोफेसर हैं, नियम से 135 OBC प्रोफेसर होने चाहिए लेकिन हैं शून्य. BHU में अगड़ी जातियों के प्रोफेसर का वर्चस्व है, हर डिपार्टमेंट का हेड ब्राह्मण ठाकुर और बनिया प्रोफेसर हैं.
"मैं दलित हूं... रो रहा हूं
रोते-बिलखते दलित छात्र शिवम सोनकर को सुनिए। इन्होंने PhD प्रवेश परीक्षा में Gen. केटेगरी में 2nd Rank लाया लेकिन उसके बाद भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
शिवम के हिसाब से उनके विभाग में RET EXEMPTED श्रेणी में 3 सीटें खाली हैं, लेकिन 2 लोगों को ही लिया जा रहा।
इनका कहना है की इन्हें जूता साफ करने के लिए कहा गया है, माने की जातिगत काम करो। उससे ऊपर नहीं।
ना ये पहला मामला है, ना आखिरी। जब तक एकेडमिया में डाइवर्सिटी नहीं होगी, ना रोहित वेमुला की हत्या रुकेगी ना ही सोनकर जैसे छात्रों को न्याय मिलेगा।
ये बदलाव ज़रूर हो सकता है की हम इनके लिए आवाज़ उठायें ताकि विश्विद्यालय दलित -पिछड़े और आदिवा���ियों की कब्रगाह ना बनते जाए।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रानीगं��� थाना क्षेत्र के दुर्गागंज बाजार में दलित युवती कोमल सरोज की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या अत्यंत दुखद, शर्मनाक और दण्डनीय है।
मेरी संवेदनाएं परिजनों के साथ है,प्रकृति उन्हें इस असीम दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
कोमल सरोज अपने परिवार क�� एकमात्र कमाने वाली थी। पिता हैं नहीं, माँ विकलांग हैं और दो छोटी बहनें पूरी तरह मृतका पर निर्भर थीं। यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि एक दलित परिवार की रोजी-रोटी और भविष्य को कुचलने की साजिश है।
यह प्रदेश में दलित बेटियों पर हो रहे हिंसक अत्याचारों, जातिवादी मानसिकता और दलित बच्चियों की असुरक्षा का संयुक्त प्रमाण हैं।
@UPGovt से हमारी मांगें:-
दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी और फांसी की सजा हो!
SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज हो!
पीड़ित परिवार को सरकारी सुरक्षा और आर्थिक मदद दी जाए।
मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो!
भीम आर्मी ,आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की प्रतापगढ़ की टीम मौका-ए-वारदात पर पीड़ित परिजनों के साथ है।
@CMOfficeUP
@myogiadityanath
पेड़ पर केवल युवती का शव नहीं , उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस��था भी लटकी हुई है!
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सरया गुलाब राय गांव में 20 वर्षीय पूजा चौहान का शव पेड़ से लटका मिला।
शव जमीन से 6 फीट ऊपर और दोनों हाथ पीछे से बंधे हुए थे। पूजा चौहान की अगले महीने शादी होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही वह इस निर्मम हत्या का शिकार हो गई।अत्यंत दुखद और दण्डनीय।
उत्तर प्रदेश में अपराधी बेलगाम हैं, महिलाएँ असुरक्षित हैं, और पुलिस-प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है।
@UPGovt से मांग करता हूँ —
1. पूजा चौहान की मौत की निष्पक्ष व हाई-लेवल जांच कराई जाए।
2. दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में कड़ी सजा दी जाए।
3. पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मुआवजा दिया जाए।
4. प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर गंभीर कार्रवाई हो।
@CMOfficeUP
@myogiadityanath
#UP_LawAndOrder_Failed
#StopCrimesAgainstWomen
मेरठ के कालिंदी गांव में दलित दूल्हे संजीव की बारात पर दबंगों ने हमला किया, जातिसूचक गालियां दीं, महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, दूल्हे के भाई का सिर फोड़ दिया और लाखों की लूटपाट भी की।यह सिर्फ एक शादी पर हमला नहीं, बल्कि जातिवादी सोच का वीभत्स चेहरा है, जो बहुजन समाज की खुशियों व सम्मान के जीवन को भी ��र्दाश्त नहीं कर सकता।
हमलावर खुलेआम धमकी दे रहे थे— "DJ सिर्फ हमारे यहां बजेगा!" क्या बहुजन समाज को शादी तक की आजादी नहीं है? क्या इस प्रदेश में दलित समाज को अपनी खुशियों को मनाने का हक नहीं?
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी दलित सम्मान और सुरक्षा की कितनी भी बातें कर ले, लेकिन जमीनी सच्चाई यही है कि यूपी में बहुजन समाज पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है, इसलिए वे बेखौफ होकर हमारे समाज की खुशियों पर हमला कर रहे हैं।
हम चेतावनी देते हैं—अगर सरकार ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन होगा!
@UPGovt से हमारी मांगें:-
1. सभी आरोपियों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी हो और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।
2. मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो और कठोरतम दंड दिया जाए।
अगर बहुजन समाज की बारातें सुरक्षित नहीं हैं, तो हम सरकार की सियासत को भी सुरक्षित नहीं रहने देंगे!
उत्तर ���्रदेश के कासगंज जिले में दलित समाज की दो नाबालिग बच्चियों (12 और 14 वर्ष) का 12 फरवरी को जातिवादी गुंडों ने अपहरण कर बंधक बना लिया। गाँव के कुछ लोगों ने पंचायत कर जबरन सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे आज दिनदहाड़े अवैध हथियारों से लैस होकर पीड़ित परिवार के घर में घुसे। उन्होंने ब��़ी बच्ची को जबरन उठाने की कोशिश की, और जब छोटी बच्ची ने विरोध किया, तो उसकी निर्दयता से हत्या कर दी गई, और बड़ी बच्ची को अपराधी जबरन उठा ले गए। यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि जातिगत बर्बरता की पराकाष्ठा है।
इस नृशंस घटना के बाद परिवार व क्षेत्र में भय का माहौल है।
यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि दलित समाज पर खुला हमला है! उत्तर प्रदेश में दबंगों और जातिवादी अपराधियों के हौसले कानून से बड़े हो चुके हैं। प्रशासन न्याय देने में विफल है, अपराधियों के सामने घुटने टेक चुका है।
@UPGovt से हमारी मांगें:-
1. आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, POCSO अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
2. मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
3. पीड़ित परिवार को राज्य सरकार सुरक्षा और उचित मुआवजा दे।
यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा!
कासगंज की भीम आर्म���, आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की टीम न्याय के लिए इस जातिवादी बर्बरता के खिलाफ पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।
राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय चौरा, जिला सांचौर में दिनांक 02/09/2024 को विधालय में चलती क्लास में गांव के दंबग एवं असामाजिक तत्व द्वारा कक्षा -9 के दलित विद्यार्थी को मारा-पीटा गया पर��्तु उसके बावजूद प्रधानाचार्य सहित पूरा स्कूल प्रशासन मूक दर्शक बना रहा एवं किसी भी कानूनी कार्रवाई की सूचना संबंधित पुलिस थाना को नहीं दी गई। क्लास से घसीटकर बच्चे को बाहर लाया और मारा, दलित परिवार दबंगों के दबाव और गाँव की लोक लाज से चुप है, दलित परिवार पर दबाव हो सकता है लेकिन राजकीय कार्य में बाधा डालने की कोशिश के हिसाब से स्कूल के प्रिंसिपल की ज़िम्मेदारी नहीं बनती कि वो पुलिस को सूचित करे🥹
ये घटना स्कूल प्रशासन की प्रत्यक्ष संवेदनहीनता एवं स्कूल प्रशासन का गैर जिम्मेदाराना रवैया दर्शाता है। इस संबंध में कृपया त्वरित उचित कार्रवाई करे !
#चौरा #YODHHA_S
@PoliceRajasthan @RajPoliceHelp @PoliceSanchore
@HansrajMeena @BhimArmyChief
"देश के विश्वविद्यालयों में अब SC, ST और OBC के पदों पर आरक्षण ख़त्म करने के रास्ते खोजे जा रहे हैं। केंद्र सरकार के निर्देश पर UGC ने एक ड्राफ़्ट बनाया है कि कैसे आरक्षण ख़त्म करें..."
- प्रो. लक्ष्मण यादव | @DrLaxman_Yadav
"UGC द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में SC, ST, OBC उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रिक्तियों को सामान्य श्रेणी के तहत भरने का यह फरमान संविधान विरोधी कदम है, जिसका मैं विरोध करता हूं..."
- हंसराज मीना, फाउंडर- ट्राइबल आर्मी | @HansrajMeena@TribalArmy
केंद्र का राजस्थान के साथ सौतेला व्यवहार क्यों ?
आज देश में 16 राष्ट्रीय परियोजनाएं चल रही हैं, ऐसे में राजस्थानवासियों के हित में सिर्फ 1 परियोजना को राष्ट्रीय घोषित करने में क्या समस्या है?