आदरणीय @PMOIndia जी,
सच कहूं तो हमारे देश में आरक्षण और अन्य विकासकारी योजनाओं का पहला हक इन जैसे परिवारों का होना चाहिए, जिन्हें आज भी दो जून की रोटी, बुनियादी सुविधाओं और अवसरों के लिए संघर्ष करना पड़ता है न कि उन लोगों का, जिनकी पत्नियां लाखों का बैग लेकर करोड़ों की गाड़ियों में घूमती हैं।
@AmitShah@rajnathsingh
टीचर - बेटा पेंट क्यों फटी हे
स्टूडेंट- पेंशन के पैसे आने तब लाने
टीचर - पापा क्या करते हे
स्टूडेंट - पापा मर गए 😞
टीचर - उदास होते हुवे, बेटा मम्मी क्या लेती
स्टूडेंट - मम्मी भी मर गई 😢
जिंदगी सबके लिए समान नहीं होती, सबको अपनी पीड़ा दुखदाई लगती लेकिन आपसे भी कठिन जीवन कोई जी रहा
याद रखें हतास होने से कुछ नहीं होना जिंदगी का नाम चलना हे और ये प्यारा नन्हा बच्चा एक उधारण ✍️
इस देश में बेरोजगारी की हालत देखनी हो तो कल का KBC एपिसोड जरूर देखिए। यह आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।
हॉट सीट पर पहुंचा विवेक दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसके पिता और मां भी मजदूरी करते हैं। विवेक के ₹1 लाख जीतने पर अमिताभ बच्चन ने उसके पिता से पूछा—“अब तो खुश हैं?”
पिता ने हाथ जोड़कर कहा—“अगर यहां बैठे किसी व्यक्ति के पास मेरे बेटे के लिए छोटी-सी भी नौकरी हो, तो दे दीजिए। जिंदगी भर दुआ करेंगे।”
यह अपील सुनकर अमिताभ बच्चन ने भी दर्शकों से विवेक को नौकरी देने की अपील की।
पूरे संवाद के दौरान विवेक सिर झुकाए बैठा रहा।
सोचिए, जो युवा अपने ज्ञान के दम पर KBC की हॉट सीट तक पहुंच सकता है, उसे इस देश में एक छोटी-सी नौकरी के लिए भी अपील करनी पड़ रही है। यही तस्वीर हमारी बेरोजगारी की हकीकत दिखाती है।
अगर संवेदनाएं शेष है तो इस वीडियो को देखने के बाद आपको गुस्सा आना चाहिए।
देहरादून में दृष्टि दिव्यांग छात्राओं को पर्सनल दिक्कतों के लिए कई कई दिन तक दवाई नहीं मिलती, अच्छा खाना नहीं मिलता और पर्सनल टारगेट करके टॉर्चर किया जाता है। देहरादून में ये वही राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान है जिसमें विगत 20 जून को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू अपना जन्म दिन मनाते हुए भावुक होकर रो पड़ी थी।
यहाँ इन छात्र छात्राओं के लिए न किताबों के लिए आर्थिक मदद, न स्वास्थ्य सुविधाएं, न ट्रेंड इंस्ट्रक्टर और न स्थाई निदेशक। लड़कियों ने शिकायत की है कि डिस्पेंसरी में बदसुलकी भी की जाती है,, हॉस्टल में मिलने वाले खाने से लेकर किताबों के दाम बढ़ने पर भी स्टूडेंट्स ने नाराजगी जताई है, इनका कहना है कि कोई सुनने वाला नहीं कई बार लिखित शिकायत की लेकिन नतीजा शून्य।
@DraupdiMurm@PMOIndia@pushkardhami@priyankagandhi
बीमार होने पर क्या खाएं?
जुकाम → चिकन सूप, लहसुन, अदरक, गरम काढ़ा
खांसी → शहद, नींबू, गरम चाय, हल्दी वाला दूध
गले में खराश → अदरक, लौंग, शहद, गुनगुना पानी
पेट दर्द/दस्त → केला, सफेद चावल, टोस्ट, दही
कमज़ोरी/थकान → संतरा, जामुन (बेरीज़), खजूर, शहद
नोट: यदि लक्षण गंभीर हों, तेज़ बुखार हो या लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
विटामिन B1 (थायमिन): थकान और सामान्य कमज़ोरी, घबराहट के कारण नींद न आना, मांसपेशियों में कमज़ोरी
विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन): होंठ फटना, जीभ में जलन, आँखों पर ज़ोर पड़ना
विटामिन B3 (नियासिन): याददाश्त कमज़ोर होना, त्वचा पर चकत्ते, पाचन संबंधी विकार
विटामिन B5: सिरदर्द, थकान, पेट में ऐंठन
विटामिन B6: अवसाद, चिंता, मासिक धर्म से पहले के लक्षण
विटामिन B7 (बायोटिन): बालों का झड़ना, त्वचा पर चकत्ते, नाज़ुक नाखून
विटामिन B9 (फोलिक एसिड): एनीमिया, एकाग्रता की कमी, भ्रूण में न्यूरल ट्यूब दोष
विटामिन B12: याददाश्त कमज़ोर होना, जीभ में जलन, हाथ-पैरों में झनझनाहट
विटामिन A: रतौंधी, त्वचा का रूखापन, कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
विटामिन C: मसूड़ों से खून आना, बार-बार संक्रमण होना, अत्यधिक थकान
विटामिन D: हड्डियों में दर्द, उदास मन, कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
विटामिन E: मांसपेशियों में कमज़ोरी, आँखों की रोशनी संबंधी समस्याएँ, त्वचा का रूखापन
विटामिन K: आसानी से नील पड़ना, लंबे समय तक खून बहना...load text