"सत्ता डंडों से नहीं,वोटों से बदलती है" आजकल कुछ लोग गले में नीला गमछा डालकर खुद को बहुत बड़ा क्रांतिकारी साबित करने में लगे हैं। उनकी पूरी राजनीति सोशल मीडिया की ललकार, सौ दोषों लोगों की भीड़ में जोशीले भाषण और "झंडा-डंडा मजबूत करो, सत्ता पलट दो" जैसे नारों तक सीमित है। लेकिन सवाल यह है कि क्या भारत में सत्ता डंडों से बदलती है या वोटों से.? वर्ष 2001 में पंजाब के बटाला में कबीर जयंती कार्यक्रम के दौरान मान्यवर साहब कांशीराम जी ने ऐसे ही लोगों को जवाब देते हुए कहा था "यदि जूतों से राज कायम होता तो मैं चमारों से कहता कि आप जूते बनाते जाओ और वाल्मीकि समाज से कहता कि आप जूते मारते चलो। लेकिन हमारे देश में राजपाट जूतों से नहीं, वोटों से मिलता है। यही अंतर है महापुरुषों की दूरदर्शिता और नौसिखियों की नारेबाजी में।
मान्यवर साहब कांशीराम जी ने बहुजन समाज को सिखाया कि सत्ता की चाबी वोट है, संगठन है और राजनीतिक समझ है। उन्होंने कभी युवाओं को भावनाओं में बहाकर सड़क की लड़ाई को सत्ता की लड़ाई नहीं बताया। उन्होंने समाज को बूथ तक पहुँचने, वोट को एकजुट करने और लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता हासिल करने का रास्ता दिखाया। दुर्भाग्य की बात है कि आज कुछ लोग बहुजन युवाओं को यह सपना दिखा रहे हैं कि डंडा उठाकर, गाली देकर या उग्र भाषण देकर सत्ता हासिल की जा सकती है। जबकि हकीकत यह है कि जिनके पास वोट नहीं, उनका डंडा भी बेकार है; और जिनके पास संगठित वोट है, उन्हें डंडे की जरूरत नहीं पड़ती। बाबा साहेब डॉ.आंबेडकर जी ने हमें संविधान और वोट का अधिकार दिया। मान्यवर साहब कांशीराम जी ने उस वोट को सत्ता में बदलकर दिखाया। लेकिन कुछ लोग बहुजन समाज को फिर से भावनात्मक नारों और खोखली क्रांति के रास्ते पर ले जाना चाहते हैं। बहुजन युवाओं को समझना होगा कि फेसबुक की क्रांति से सरकारें नहीं बदलतीं, वोटों की क्रांति से बदलती हैं। डंडे से डर पैदा किया जा सकता है, लेकिन सत्ता हासिल नहीं की जा सकती। सत्ता वही पाता है जिसके पीछे जागरूक, संगठित और प्रतिबद्ध वोट बैंक खड़ा होता है।
इसलिए नारे नहीं, वोट मजबूत करो। भावनाएं नहीं, राजनीतिक समझ मजबूत करो। डंडा नहीं, लोकतंत्र का हथियार मजबूत करो।
क्योंकि सत्ता परिवर्तन का रास्ता संविधान, संगठन और वोट से होकर जाता है, न कि शोर-शराबे और उन्माद से।
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@NTA_Exams NTA की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लग गया है इस कलंक को एनटीए के पास ही जिम्मेदारी है धोने की हम अभिभावक होने के नाते उम्मीद करते हैं भविष्य में आगे पुनरावृति ना हो राष्ट्र गौरव को बचाने की जिम्मेदारी हम जनमानस के साथ आपकी भी है
*सर्वे के अनुसार 5 करोड़ से अधिक लोग बसपा का सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार अपनी मर्जी से कर रहे हैं उनमें से एक मैं भी हूं और आप..? मैं हूं बसपा का समर्थक..बीएसपी जिंदाबाद
#बसपा_हमारे_महापुरुषों_का_मिशन_है
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ जी को आज उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं उनके स्वस्थ्य जीवन व दीर्घायु होने की भी शुभकामनायें।
देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में आज हुआ भीषण अग्निकाण्ड अति-दुर्भाग्यपूर्ण तथा इसमें काफी लोगों की हुई मौत तथा कई लोगों के घायल होने की भी घटना अत्यन्त ही दुखद। सभी पीड़ित परिवार वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना।
ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम पर केन्द्र व दिल्ली सरकार को ज़रूर विशेष ध्यान देना चाहिये ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो सके।
मैं उपचुनाव 2024 हारने के बाद माननीया बहन जी से मुलाकात में मैंने कहा कि अब मेरे पास पैसे नहीं आगे चुनाव लड़ने के लिए तब मा.बहन जी ने कहा चुनाव आप लड़ो व्यवस्था हम करेंगे।
और राज्यसभा चुनाव में बीजेपी को रोकने के लिए हमने महागठबंधन को वोट किया।
बसपा को तोड़ने के लिए सिर्फ बदनाम किया जाता है। भाजपा कि B टीम है।
~सतीश यादव उर्फ पिंटू "BSP विधायक बिहार" की कलम से ✍️