देश में न्यायप्रिय, धर्मनिर्पेक्ष एवं लोक कल्याणकारी महान शासक के रूप में प्रसिद्ध अहिल्याबाई होलकर जी की जयन्ती पर शत्-शत् नमन एवं अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित।
भारतीय इतिहास की महान शासक अहिल्याबाई होलकर जी ने अपने आदर्शों, सेवा-भाव और जनहित���ारी कार्यों से समाज को नई दिशा प्रदान की। उनका जीवन नारी शक्ति, सुशासन, सामाजिक समरसता एवं जनसेवा का प्रेरणा स्त्रोत है। आज उनकी जयन्ती के पावन अवसर पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं उनके अनुयायियों को शुभकामनाए।
आप सभी को ईद-उल-अज़हा की दिली मुबारकबाद।
कुर्बानी का ये पाक त्योहार हमें त्याग, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम देता है।
आदरणीय बहन कु. मायावती जी के चार बार के शासनकाल में हर खास ओ आम के घर में बरकत, हर दिल में अमन और हर बस्ती में खुशहाली थी। हमें एक बार फिर वैसा ही प्रदेश बनाना है।
बीएसपी, अपनी सर्वसमाज-हितैषी सरकार के लिए आज भी प्रतिबद्ध है।
आज जब देश में नफरत की राजनीति हो रही है, भाई को भाई से लड़ाया जा रहा है ईद का यह पैगाम और भी ज़रूरी हो जाता है।
परमपूज्य बाबा साहब का संविधान हमें सिखाता है कि इस देश में हर नागरिक बराबर है, चाहे उसका मज़हब कोई भी हो, जाति कोई भी हो।
हम उस राजनीति के खिलाफ हैं जो मंदिर-मस्जिद में बाँटकर वोट माँगती है।
हम उस भारत के साथ हैं जहाँ ईद, दिवाली और होली, सब मिलकर मनाए जाते हैं।
भारत एक रहे, मज़बूत रहे।
ईद मुबारक।
ईद अल अज़हा, अर्थात् आम बोलचाल की ज़ुबान में बक़रीद पर्व की दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय मुस्लिम भाई-बहनों व उनके परिवार वालों को दिली मुबारकबाद तथा उनके साथ-साथ समस्त देशवासियों के ख़ुश व ख़ुशहाल ज़िन्दगी ��ी शुभकामनायें।
सभी पर्व व त्योहार आदि पूरी शान्ति, आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ गुज़रे तो यह देश व जनहित में हमेशा बेहतर, ताकि देश-प्रदेश के विकास व यहाँ के लोगों की तरक़्क़ी पर पूरी ऊर्जा, शक्ति व संसाधन लग सके, जैसाकि बी.एस.पी. की यहाँ यूपी में रही चारों सरकारों में हमेशा से सभी सरकारों में दुर्लभ रही ’’क़ानून द्वारा क़ानून का राज’’ के तहत् पूरी तरह से सर्वसमाज-हितैषी ’सर्वजन हिताय व सर्व���व सुखाय’ की बेहतरीन सरकार रही।
बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की चार बार रहीं मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद (लोकसभा एवं राज्यसभा) बहन कु. म���यावती जी जी ने आज 24 मई को बी.एस.पी. उत्तर प्रदेश स्टेट के सभी स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों तथा जिला अध्यक्षों आदि की एक बड़ी व विशेष बैठक को सम्बोधित किया, जिसमें पार्टी संगठन की ज़मीनी एवं आर्थिक मज़बूती तथा पार्टी के जनाधार को सर्वसमाज में बढ़ाने आदि के लिए पिछली बैठक में दिये गये दिशा-निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की तथा आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारियों व पार्टी प्रत्याशियों के चयन आदि के सम्बन्ध में गहन समीक्षा उपरान्त आगे के लिए ज़रूरी दिशा-निर्देश भी दिये।
जय भीम ,,
@Mayawati
@AnandAkash_BSP
@bspindia
आदरणीय बहन कु मायावती जी ने किया स्व-गणना अभियान में भाग लेते हुए स्व-गणना अभियान के तहत राष्ट्रीय जनगणना में खु��� की गणना की ,,
आदरणीय बहन जी देश हित के कार्यों से सबसे आगे रहती हैं।
शायद आपको पता ना हो, उत्तरप्रदेश में सबसे पहले माननीय बहन जी ने ही SIR में भाग लिया था,,
यह बात शायद कम ही लोगों को पता है,,
@Mayawati
@AnandAkash_BSP
@bspindia
देखिए बहन जी का कद, उनका ओहदा, उनका रुतबा,
एक तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष, लोकसभा में विपक्ष के नेता और एक तत्कालीन मुख्यमंत्री
कैसे बहन जी के इर्द - गिर्द खड़े होकर बहन जी को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
फोटो 2018 कर्नाटक के बंगलौर के हैं, तत्कालीन मुख्यमंत्री के शपथ समारोह के दौरान,
मैं भी वहीं मौजूद था,
बहन जी का रुतबा देखने लायक था, बहन जी की एंट्री होते ही वहां बहन जी की सिक्योरिटी ने तमाम नेताओं को अलग-थलग कर दिया, मंच के सामने तालिया की गड़गड़ाहट गूंज रही थी।
सारे वरिष्ठ नेता बहन जी के साथ एक फोटो ख��ंचाने
के लिए बेताब थे, तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष आदरणीय सोनिया गांधी जी अधिकतर समय बहन जी का हाथ पकड़े खड़ी रही।
उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक के अधिकतर विपक्षी नेता बहन जी के इर्द-गिर्द थे।
और आज - कल के हरिजन चले हैं बहन जी से मिलने।
मीडिया फैला रही है राहुल गांधी का संदेश लेकर गए थे, जबकि खुद कांग्रेस इन हरिजनो के मुंह पर कारण बताओं नोटिस छाप कर चली गई।
कि क्यों गए बिना अनुमति बसपा अध्यक्ष मायावती जी के गेट के सामने भी।
तुम जानते नहीं हो उनका कद कितना बड़ा है?
@Mayawati
@AnandAkash_BSP
@bspindia
लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती जी ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने तथागत भगवान बुद्ध जयंती पर श्रद्धा व्यक्त करते हुए शत-शत नमन किया और सभी को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक बधाई दी.
#Lucknow#Mayawati ji #BuddhaPurnima#GautamBuddha#BSP#Rajdharma#BSPJetpur
1. ख़ासकर उत्तर प्रदेश स्टेट के बी.एस.पी. के सभी ज़िला अध्यक्ष एवं छोटे-बड़े पदाधिकारी व कार्यकर्तागण, आज मैं पार्टी के कार्यों से दिल्ली जा रही हूँ और कार्य पूरा होते ही जल्दी वापिस भी आ जाऊँगी। और इस दौरान् पार्टी की पिछले महीने दिनांक 31 म��र्च सन् 2026 को लखनऊ में हुई यू.पी. प्रदेश-स्तरीय बड़ी बैठक में पार्टी संगठन को तैयार करने व कैडर आदि के ज़रिये पार्टी का जनाधार बढ़ाने एवं आर्थिक मज़बूती देने तथा यू.पी. विधानसभा आमचुनाव की तैयारी से सम्बन्धित जो भी ज़रुरी दिशा-निर्देश दिये गये थे, उस पर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अमल करते रहना है।
2. साथ ही, बैठकों में यू.पी. में बी.एस.पी. के नेतृत्व में रही सरकार में प्रदेश के विकास व जनहित आदि में ���िये गये कार्यों के बारे में ज़रूर बताना है। बैठकों में यह भी बताना है कि यू.पी. में अब तक जितने भी एक्सप्रेस-वे आदि बने हैं तथा नोएडा में एयरपोर्ट भी बना है ऐसे अनेकों और भी जनहित के कार्य किये गये हैं जिनकी योजना व रुपरेखा बी.एस.पी. की रही सरकार में ही बनाई गयी थी और ये सभी कार्य काफी हद तक ज़रूर पूरे हो जाते यदि उस समय केन्द्र की रही कांग्रेसी सरकार बी.एस.पी. के प्रति अपनी जातिवादी मानसिकता के चलते इनमें रुकावटें पैदा नहीं करती।
3. कहने का तात्पर्य यह है कि यूपी के समुचित विकास व सर्वसमाज की उन्नति/तरक़्क़ी व बेहतर कानून व्यवस्था हेतु ’कानून द्वारा कानून का राज’ के ज़रिये बी.एस.पी. के ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ शासन में ही यह संभव हो सकता है, जिस पर भी ध्���ान देने की अपील।
4. इतना ही नहीं बल्कि लखनऊ में दिनांक 22 फरवरी सन् 2026 की यू.पी. को छोड़कर आल-इण्डिया की हुई बड़ी बैठक में, पार्टी व मूवमेन्ट के हित में जो भी ज़रुरी दिशा-निर्देश दिये गये थे, तो उन्हें भी समय से ज़रूर पूरा करना है।
5. इसके इलावा, यू.पी. सहित पूरे देश में, पार्टी द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों को लेकर स्थानीय स्तर पर पार्टी की बुलाई जा रही सभी इन बैठकों में महिला आरक्षण को लेकर अभी हाल ही में, मेरे द्वारा दिनांक 15 अप्रैल 2026 को मीडिया में पार्टी का जो स्टैण्ड र��ा गया है तथा उसके बाद एक्स पर पोस्ट भी किया गया है और ज़रुरत पड़ने पर आगे भी बयान दिये जायेंगे।
6. अर्थात् महिला आरक्षण के समर्थन के मामले में अभी भी पार्टी का स्टैण्ड दिनांक 15 अप्रैल वाला ही है, इसमें कोई भी बदलाव नहीं किया गया है, उसके बारे में भी इन बैठकों में ज़रूर बताना है ताकि महिला आरक्षण के इस ख़ास मुद्दे पर पार्टी के लोग गुमराह ना हो सकें, लेकिन इसके लिए पार्टी के अनुशासन के मुताबिक़ कोई ���ी धरना-प्रदर्शन आदि नहीं करना है।
1. देश के SC, ST व OBC समाज के संवैधानिक/क़ानूनी अधिकारों आदि के मामले में, कांग्रेस भी गिरगिट की तरह अपना रंग बदलने वाली यह पार्टी भी, महिला आरक्षण में, जो अब इन वर्गों की बात कर रही है, तो यही कांग्रेस पार्टी है जिसने अपनी केन्द्र की सरकार के रहते हु��े किसी भी क्षेत्र में इनके आरक्षण के कोटे को पूरा कराने की कभी पहल नहीं की है।
2. तथा ना ही OBC समाज हेतु मण्डल कमीशन की रिपोर्ट के हिसाब से उन्हें सरकारी नौकरी व शिक्षा के क्षेत्र में 27 प्रतिशत आरक्षण को भी लागू किया, जिसे फिर BSP के अथक प्रयासों से पूर्व प्रधानमंत्री श्री वी.पी. सिंह की सरकार में अनततः लागू किया गया था, जो सर्वविदित है।
3. इसी प्रकार, यू.पी. में पिछड़े मुस्लिमों को OBC का लाभ देने के लि��, पिछड़ा वर्ग आयोग की जुलाई 1994 में ही आई रिपोर्ट को भी सपा सरकार ने ठण्डे बस्ते में डालकर इसे लागू नहीं किया था, जिसे फिर यहाँ बी.एस.पी. की दिनांक 3 जून सन् 1995 में पहली बनी सरकार ने इसे तुरन्त लागू किया, जो कि अब यही सपा अपना रंग बदलकर अपने राजनैतिक स्वार्थ में इनकी महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की बात कर रही है।
4. इस प्रकार, अन्य मामलों की तरह इस मामले में भी सपा जब सरकार में नहीं है तो अलग रवैया अपना ��ही है, किन्तु जब सरकार में होती है तो अलग संकीर्ण जातिवादी व तिरस्कारी रवैया अपनाती है। अतः इन सभी वर्गों को ऐसी सभी छलावा एवं दोहरे चरित्र वाली पार्टियों से हमेशा सावधान रहना होगा, तभी कुछ बेहतर संभव हो पायेगा।
5. जहाँ तक महिला आरक्षण के लिए पिछली (सन् 2011) जनगणना के आधार पर परिसीमन करने का सवाल है, तो इस बारे में यही कहना है कि यदि इसे जिन भी कारणों से जल्दी लागू करना है तो फिर इसी जनगणना के आधार पर करना है और यदि वर्तमान में कांग्रेस पार्टी केन्द्र की सत्ता में होती तो फिर यह पार्टी भी बीजेपी की तरह ही यही क़दम उठाती।
6. कुल मिलाकर, कहने का तात्पर्य यह है कि देश में SC, ST व OBC एवं मुस्लिम समाज के वास्तविक हित, कल्याण व उनके भविष्य संवारने आदि के किसी भी मामले में कोई भी पार्टी गम्भीर नहीं रही है।
7. इसीलिये महिला आरक्षण के मामले में इन वर्गों को अभी जो कुछ भी मिलने वाला है तो उसे इनको फिलहाल स्वीकार कर लेना चाहिये और इस मामले में आगे अच���छा वक्त आने पर इनके हितों का सही से पूरा ध्यान रखा जायेगा अर्थात् इन्हें क��सी के भी बहकावे में नहीं आना है क्योंकि इनको खुद अपने पैरों पर खड़े होकर अपने समाज को आत्मनिर्भर एवं मजबूत बनाना है। यही सलाह है।
"हमारी बहुजन समाज पार्टी महिला आरक्षण का स्वागत करती है साथ ही SC,ST व OBC की महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की पुरजोर मांग भी करती है एवं महिला आरक्षण को इनकी आबादी के हिसाब से 50% करने की मांग भी करती है"– आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी
#जयभीम
विशाल आबादी वाले अपने भारत देश में ’बहुजन समाज’ अर्थात् बहुजनों के मसीहा भारतरत्न बोधिसत्व परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को आज उनकी जयंती पर प्रातः मेरे द्वारा शत्-शत् नमन, पुष्पांजलि एवं अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के साथ ही बी.एस.पी. के लोगों द्वारा पूरे देश भर में ख़ुद व अपने परिवार सहित उन्हें पूरी मिशनरी भावना के साथ भावभीनी श्रद्धां���लि एवं श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिये सभी लोगों का तहेदिल से आभार, शुक्रिया एवं धन्यवाद।
सर्वविदित है कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का पूर��� जीवन देश के ग़रीबों उपेक्षितों, शोषितों तथा जातिवाद एवं सामंतवाद से पीड़ित महिलाओं आदि समेत ’बहुजन समाज’ की सुरक्षा, सम्मान व उत्थान के लिये अत्यन्त ही कड़े संघर्ष में बीता, और अन्ततः जिसकी गारण्टी उन्होंने संविधान में सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक कार्य किया और अमर हो गये और जिसके लिये देश हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा।
किन्तु काश, देश की केन्द्र व यहाँ राज्यों की सत्ता में रहने वाली पार्टियाँ बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अति-मानवतावादी, सर्वजन-हितैषी व बहुजन-कल्याणकारी संविधान के पवित्र उद्देश्यों को प्राप्त करने में सही से सफल हो पातीं तो भारत अभी तक स्वावलम्बी/आत्मनिर्भर व विकसित देश बनकर यहाँ के करोड़ों बहुजनों की अपार ग़रीबी, बेरोज़गारी, जातिवादी द्वेष, शोषण व जुल्म-ज़्यादती आदि से मुक्त समता एवं न्याय-युक्त जीवन लोगों को ज़रूर दे पाता।
अगर ऐसा नहीं हो पाया है तो क्यों? इसका जवाब ढूंढने पर देश में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ का कारवाँ चुनावी सफलता भी हासिल करके अपनी मंज़िल की ओर ज़रूर आगे बढ़ेगा। जय भीम, जय भारत