जय श्री राम
। वंदे मातरम ।
🚩 राष्ट्र सेवा हेतु 🚩
अब हमे व्यक्ति परिवर्तन नहीं व्यवस्था परिवर्तन करना है।
हे वीर युवाओं अब तुम्हे इस व्यवस्था का अंग बनाना है।
कुछ महीनों पहले मुझे बुखार आया तो मैं डॉक्टर के पास गया। डॉक्टर ने कुछ चेकअप लिखे और बताया कि
फलानी जगह जाकर ये सारे चेकअप करवा लेना, मगर
मैंने वो चेकअप डॉक्टर की बताई जगह से न करवाकर अपने परिचित की लैब से करवा लिए,
जब मैंने वो चेकअप डॉक्टर को दिखाए तो डॉक्टर साहब भड़क गए, और कहने लगे कि आपने ये चेकअप बाहर से क्यों करवाए?
डॉक्टर्स का यही सब खेल चलता है, लोग कहाँ तक बचे, @raghav_chadha जी ने शानदार मुद्दा उठाया है, इस चीज़ को सुना जाना चाहिए और अमल में लाना चाहिए।
लंबे समय के बाद संसद में एक बार फिर भाजपा सांसद राघव चड्ढा का पुराना अंदाज देखने को मिला। इस बार राघव चड्ढा ने राज्यसभा में डॉक्टरों और डायग्नोस्टिक सेंटर्स (जांच केंद्रों) के बीच चल रहे छुपे हुए कमीशन के खेल पर गंभीर चिंता जताई है।
उन्होंने इसे एक समानांतर अर्थव्यवस्था बताया है। सदन में इस विषय को उठाते हुए चड्ढा ने कहा कि मरीजों को इस बात की भनक तक नहीं होती कि वे जो पैसे जांच के लिए दे रहे हैं, उसका एक हिस्सा मार्केटिंग खर्च के नाम पर कमीशन के तौर पर बांटा जा रहा है।
'इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल एथिक्स'का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि इन अनैतिक तरीकों से मरीजों का मेडिकल बिल 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ जाता है, जिससे लोगों को ऐसी जांचें भी करानी पड़ती हैं जिनकी कोई जरूरत नहीं होती। सांसद ने आगे कहा कि मरीज अस्पताल अपना इलाज कराने आते हैं, न कि किसी का कमीशन चुकाने। लेकिन अंत में इस कमीशन का पूरा बोझ मरीज के ही बिल पर डाला जाता है।
कानून का हवाला देते हुए चड्ढा ने बताया कि यह कमीशनखोरी पहले से ही गैरकानूनी है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) नियम, 2002 में इसे 'फी-स्पिटिंग' बताकर प्रतिबंधित किया गया था। इसके अलावा नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के 2023 के नियम भी साफ तौर पर इसकी मनाही करते हैं।
चड्ढा ने आगे इस बात पर जोर दिया कि नियम तोड़ने वाले डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन 1 से 3 महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है और फिर गंभीर मामलों में धोखाधड़ी और उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के तहत भी कार्रवाई हो सकती है।
इस मामले में सांसद ने साफ किया कि उनकी यह बात किसी भी तरह से पूरे मेडिकल पेशे के खिलाफ नहीं है। उन्होंने माना कि देश के ज्यादातर डॉक्टर पूरी ईमानदारी, सेवाभाव और लगन से मरीजों की सेवा कर रहे हैं। समस्या डॉक्टरों से नहीं, बल्कि इस गलत 'कट-मनी' वाले सिस्टम से है।
संसद में बोलते हुए भाजपा राज्यसभा सांसद ने आम जनता को सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि मरीजों को सलाह देते हुए कहा कि अगर उन पर किसी खास जांच केंद्र पर जाने का दबाव बनाया जाए, तो वे सावधान हो जाएं।
चड्ढा ने आगे जोर दिया कि हर मरीज को यह पूरी आजादी होनी चाहिए कि वह अपनी पसंद के किसी भी भरोसेमंद और मान्यता प्राप्त जांच केंद्र से अपनी जांच करवा सके। इसके साथ ही उन्होंने देश में स्वास्थ्य सेवाओं के भीतर पारदर्शिता बढ़ाने और मरीजों को इस अनैतिक लूट से बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।
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ये नकल माफिया, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की विरासत हैं...
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की अध्यक्षता में कल केंद्रीय कैबिनेट ने निर्णय लिया है। सोमवार को संसद में बिल आने वाला है।
नकल माफिया मिट्टी में मिलेंगे...
सभी देशवासियों को हनुमान जन्मोत्सव की अनंत शुभकामनाएं। यह पावन अवसर हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा और स्फूर्ति लेकर आए। मेरी कामना है कि पवनपुत्र हनुमान जी सभी को बल, बुद्धि और विद्या का भरपूर आशीर्वाद दें, जिससे देश का सामर्थ्य और बढ़े। जय बजरंगबली!
#sankalpdiwas#संकल्पदिवस#हमारा_संकल्प_pojk
भारतीय संसद ने 22 फरवरी 1994 को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर अनाधिकृत कब्जे वाला जम्मू कश्मीर, पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराने का संकल्प लिया है। उस संकल्प को याद कराने के लिए ही आज संकल्प दिवस मनाया गया।