आज जितना पत्रकारिता का पेशा गिरा है,शायद ही कोई और गिरा ह��गा।और इसमें सबसे बड़ा योगदान पुराने खलीफाओं और गिद्धों का है,जो अपनी पुरानी सड़ी गली खाल ओढ़ के जम के बैठे हुए हैं।इन दलालों ने पत्रकारिता को वैश्यावृत्ति मे बदल दिया है।
2013 में मोदी ने देश के हर गाँव से लोहा मांगा था बहुत मजाक उड़ा था पर पूरा देश उस बहाने एक सूत्र में बंध गया था, आज भाजपा बंगाल में हर घर से एक मुट्ठी चावल मांग रही है और विपक्ष फिर मजाक उड़ा रहा है, देखते हैं जादू दोबारा.
संस्कृत भाषा आध्यात्मिक भारत की आत्मा है ...
गूगल ट्रांसलेट प्लेटफॉर्म पर संस्कृत विकल्प नहीं है ।
#Google को भारत की प्राचीन वैदिक
संस्कृत भाषा का भी विकल्प बनाना चाहिए ...
@AdvRameshT निवेदन💝 🙏🏾नए साल पर नई डायरी तो लेते ह�� होंगे, आप सभी से अनुरोध है इस साल गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित डायरी गीता दैनंदिनी ही लें। मात्र 80 रुपए की है, ताकि सनातन वेदों को संजोने वाले गीता प्रेस को आर्थिक मजबूती मिले 🙏#गीता_प्रेस, #वैदिक_ग्रंथ
निवेदन💝 🙏🏾नए साल पर नई डायरी तो लेते ही होंगे, आप सभी से अनुरोध है इस साल गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित डायरी गीता दैनंदिनी ही लें। मात्र 80 रुपए की है, ताकि सनातन वेदों को संजोने वाले गीता प्रेस को आर्थिक मजबूती मिले 🙏#गीता_प्रेस, #वैदिक_ग्रंथ