@TheTribhuvan हमारे बीकानेर संभाग के लिए वाकई गर्व का विषय है। RBI गर्वनर बनने पर हमारे बीकानेर के संजय मल्होत्रा जी को असीम बधाइयां। गर्वित है बीकानेर।
@tribhuvun बाड़मेर के पूरे राजनीतिक परिदृश्य को बारीकी से रखा है। कहनपन गजब का है। जैसे नेता पहले थे, वैसे अब कहां। हां, मायड़ भाषा प्रेमी निर्दलीय उम्मीदवार भाटी पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।
@tribhuvun पूरी शोध - खोज के साथ आप लिखते हैं। गंगनहर के बारे में नवीन जानकारियां हैं। इसमें अंग्रेज शासकों के योगदान को भी सामने रखा है। पता चला कि महाराजा डूंगर सिंह ने इसकी शुरुआत की। स्वामी केशवानंद जी के बारे में इतने विस्तार से पहली बार जाना। कृपया सभी आलेखों को पुस्तक रूप में लाइएगा
@tribhuvun हमारे बीकानेर पर अद्भुत जानकारियां। मेरे जैसे बीकानेर में जाए जन्मे को भी कई बातें पहली बार मालूम पड़ी है। महाराजा गंगा सिंह और महात्मा गांधी के मध्य के आत्मीय संबंध��ं को पहली बार जाना। वाम विचार धारा के युवा सुमेर सिंह, युवा एडवोकेट अक्षय चंद्र गोदारा पर गर्व होता है। अद्भुत।
@tribhuvun चूरू के साहित्यिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक परिदृश्य का शानदार विश्लेषण। देखते हैं, युद्ध में चांदी के गोले दागने से नहीं चूकने वाला चूरू इस चुनाव में क्या फैसला करता है।
@tribhuvun झुंझनू के पूरे इतिहास की जानकारी मिल गई। पन्नालाल बारूपाल को मैं गंगानगर के सांसद के रूप में ही जानता था किंतु आपसे मालूम पड़ा कि वे झुंझनू के सांसद भी रहे। ... बिड़ला जी ने चुनाव लडा तब लोगों ने देसाई बीड़ी के बंडलों से अपने कमरे भर लिए...! रोचक जानकारियों से परिपूर्ण।
@tribhuvun करोड़ों लोगों की मातृभाषा राजस्थानी का यह अपमान है। संवैधानिक मान्यता के बिना छत्तीसगढ़ी भाषा में वहां के विधायक शपथ ले सकते हैं, तब राजस्थानी भाषा में लेने पर बंदिश क्यों लगाई गई?दो विधायकों ने राजस्थानी भाषा में शपथ ली तो उन्हें पुनः हिंदी में शपथ दिलाई गई, ऐसा क्यों?