कंपनी की लापरवाही से सैणीदान जो परिवार का एकमात्र सहारा तो उनको छीन लिया स्थानीय जन प्रतिनिधि को इस दुख की घड़ी में परिवार को उचित मुआवजा दिला कर न्याय दिलाए @RavindraBhati__@SSKharaBJP#सैणीदान_को_न्याय_दो
कंपनी की एक लापरवाही ने उस परिवार के एकमात्र सहारे को हमेशा के लिए छीन लिया। कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे मानव संसाधन को इंसान नहीं, मशीन समझकर केवल “मजदूर” की तरह देखा जाता है, और दुर्घटना के पल भर बाद ही कंपनी अपनी जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर देती है।
जिन मानव संसाधनों की मेहनत और भरोसे पर करोड़ों के प्रोजेक्ट खड़े होते हैं, क्या उन्हीं की घर-आंगन में गूंजती यह बिलखती चीखें तुम्हारे कानों तक नहीं पहुँचतीं?
#सैणीदान_को_न्याय_दो
How degen are you on-chain? Pull your @Housebets card, find out — and there's something in it for you. @HousebetsWhale@housebetsintern drop my card. Use my code: MoltenPriory354 🃏
यह एक क्लियर पैटर्न बनता जा रहा है।
चाहे फर्स्ट ग्रेड हो या फिर सेकंड ग्रेड टीचर की भर्ती हो या फिर SI भर्ती का पेपर हो, हर एग्जाम को जानबूझ कर इतना मुश्किल बनाया जा रहा है ताकि बच्चे एग्जाम क्लियर ही ना कर पाये।
फिर वही होगा जो टीचर भर्ती में हुआ। विद्या संबल योजना लाकर गेस्ट टीचर लगाए गए।
सरकार धीरे धीरे सरकारी नौकरियां खत्म करने की ओर अग्रसर है। लेकिन हम यह होने नहीं देंगे।
@mukallrounder
"1686 घरों की ख़ुशियाँ छिनने में अब तक सफ़ल रहा आरपीएससी" @RPSC1
▪️पंजाबी विषय - 12 पद ; पास हुए 00000
▪️होम साइंस - 100 पद ; पास हुए मात्र 6
वास्तविकता यही कि इस भर्ती का उद्देश्य ही यही था कि अभ्यर्थियों का मनोबल तोड़ा जाए। उसमें काफ़ी हद तक RPSC सफ़ल भी रही है।
28 विषयों में से 20 के परिणाम जारी हुए है; 13 विषयों में 1686 पद रिक्त रहना तय है; संख्या अधिक भी हो सकती है क्योंकि आरक्षित वर्गों में पर्याप्त अभ्यर्थी नहीं मिले होंगे तो उससे भी ज्यादा रिक्तियाँ हो सकती है।
अभी 8 विषयों के परिणाम आने है; उनमें भी हालात इतने ही बुरे और भयावह है। @RajCMO@BhajanlalBjp@madandilawar@rajeduofficial
📍 जैसलमेर
आगे कुछ भी कहना मानवता के लिए शर्मसार करने वाला है। आदित्य और बवाल की पूरी टीम ने इसे एक्सपोज़ किया, गिरती पत्रकारिता के दौर में स्थानीय पत्रकारो ने ही मूल्यों व संवेदनाओं को संभाला हुआ है।
एक अभ्यर्थी की चिठ्ठी...
राजनीति विज्ञान विषय के अभ्यर्थियों का भविष्य गंभीर संकट में है।
▪️ स्कूल व्याख्याता 2024: 225 पद, मात्र 6 चयन, 219 खाली
▪️ सहायक आचार्य 2025: 83 पद, मात्र 40 चयन, 43 खाली
▪️ स्कूल व्याख्याता 2025: 645 पद, मात्र 67 चयन, 578 खाली
वर्षों से मेहनत कर रहे योग्य अभ्यर्थी अत्यधिक कठिन एवं तथ्यात्मक प्रश्नपत्रों के कारण लगातार बाहर होते जा रहे हैं।
RPSC अध्यक्ष मूल पुस्तकों पर जोर देते हैं, लेकिन सवाल है—वे कौन-सी मूल पुस्तकें हैं, जिनसे प्रश्नपत्र तैयार किए गए? हमारे पास उपलब्ध अधिकांश मूल पुस्तकें पढ़ने के बावजूद यदि इतने बड़े स्तर पर पद खाली रह जाते हैं, तो प्रश्नपत्र की कठिनाई और पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
RPSC का काम महान विद्वानों या विशेषज्ञों का चयन करना नहीं, बल्कि निर्धारित पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन कर रिक्त पदों को भरना है।
हमारे 3–4 वर्ष का समय, मेहनत और धन इस प्रक्रिया में लगा है। अब सवाल है—इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
प्रमुख मांगें
1. सरकार उच्च स्तरीय समिति गठित कर पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच करवाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो और पद रिक्त न रहें। प्रश्नपत्र निर्माण में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
2. पाठ्यक्रम आधारित मानक पुस्तकों/संदर्भ पुस्तकों की सूची जारी की जाए, ताकि अभ्यर्थियों को स्पष्ट दिशा मिल सके।
3. RPSC सबसे पहले निर्धारित पाठ्यक्रम एवं परीक्षा के स्तर के अनुसार प्रश्नपत्र तैयार करे, ताकि प्रश्नपत्र अनावश्यक रूप से कठिन एवं अप्रासंगिक न हो।
हम किसी की मेहरबानी नहीं मांग रहे हैं। हम अपनी मेहनत, समय और भविष्य के साथ न्याय मांग रहे हैं।
@RPSC1@RajCMO
"एक और तबाही... सपनों का क़त्ल करती आई।"🥹
पॉलिटिकल साइंस (स्कूल व्याख्याता) 2025 में 645 पदों पर मात्र 67 अभ्यर्थी पास , 578 पद खाली
▪️स्कूल व्याख्याता 2024 - 225 पदों पर 6
▪️सहायक आचार्य 2025 - 83 पदों पर 40
▪️स्कूल व्याख्याता 2025 - 645 पदों पर 67
यह 40% का खेल नहीं है , यह राजस्थान के सैंकड़ों पॉलिटिकल साइंस के अभ्यर्थियों के साथ की जारी सुनियोजित हत्या का स्वरूप है।
यदि आप यह सब देख कर हँस रहे है तो मेरा सलाम आपको 🙏
@educationnagari@Kunal_Alwar@DrRamSinghSamot@DrSajjanSaini@sharatjpr@ManishYadavIn@vinodmittal9@VinodJakharIN@RajCMO@rpsc1
@HINGLAJDAN95@HINGLAJDAN95 सरकार अगर अपने देश के लोगों की भीड़ से डरकर दबाव में usa से ट्रेड डील करती है तो इस से अच्छा धर्मेंद्र प्रधान का ही इस्तीफा दिलाना चाहिए
@ashokgehlot51 मुख्यमंत्री जी यही अगर आप इन बच्चों की और इनके परिवार के लिए अगर किसी उदयपुर के धनी इंसान को बोलकर आप इनकी जिम्मेदारी दे सकते थे और वो धनी इंसान पूर्व मुख्यमंत्री की बात नहीं टालता......... इन सब से परे आपका जनता से यू मिलना आपको हमेशा अलग बनाता है @ashokgehlot51
"3-4 सप्ताह” से आखिर क्या मतलब है?
क्या डॉक्टर इच्छामृत्यु दे रहे हैं,
या प्रताड़ना के जरिए जीवन समाप्त होने दिया जा रहा है, या फिर कोई और प्रक्रिया अपनाई जा रही है?
विकसित देशों में इच्छामृत्यु आमतौर पर दवाओं के माध्यम से दी जाती है, जिसमें व्यक्ति 1–2 दिनों के भीतर, अपेक्षाकृत कम पीड़ा के साथ मृत्यु को प्राप्त होता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि –
अगर यहां 3–4 सप्ताह की बात हो रही है, तो यह वास्तव में कौन-सी प्रक्रिया है?
श्रीमान @India_NHRC जी –
कृपया इस मामले में संज्ञान लें। इस विषय पर स्पष्टता और पारदर्शिता बेहद ज़रूरी है।
सिस्टम के अधिकारी सरकार को लेकर डूबेंगे ??
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी समय रहते संज्ञान लो आपको सभी ग़लत डाटा और रिपोर्ट पेश कर रहे है धरातल पर कुछ भी कार्य नहीं हो रहा है
@RPSC1 की कार्यशैली आपके सामने है
पंचायत चुनाव में यही युवा वोट की चोट करने को तैयार है ?