Traditional Mithila Jhaap — a sacred paper and bamboo canopy (Chhatra) offered to family deity (Kuldevta), village deity (Gramdevta), and other folk deities (Lokdevta). Considered by many folk scholars and practitioners as an ancestral form that predates the Manjusha tradition.
मिथिला की लोक-सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले श्री महेंद्र राम भट्टसिमरी व सभी कलाकारों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
#जय_मिथिला
#बिहार#मधुबनी: जिले के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फुलहर ग्राम स्थित बागतड़ाग पोखर की उड़ाही के दौरान प्राप्त मिथिलाक्षर अभिलेखयुक्त खंडित बौद्ध देवी तारा की प्रतिमा तथा कैथी लिपि में अभिलेख उत्कीर्ण एक धातु निर्मित पुरावशेष को शोध एवं संरक्षण के लिए मिथिला ललित संग्रहालय, सौराठ को सौंप दिया गया।
रिपोर्ट: आकील हुसैन
@airnewsalerts@ddnewsBihar@AIRNewsHindi
बिहार और मिथिला की समृद्ध ज्ञान परंपरा पर हम सभी को गर्व है!
आज छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत हुए महासर्वेक्षण में बिहार देशभर में अव्वल रहा है। राज्य के 38 जिलों में कुल 8,13,720 पुरानी पांडुलिपियों को सत्यापित किया गया है, जिनमें अकेले मधुबनी जिले में 3, 97,852 पांडुलिपियां मिली हैं। वहीं दरभंगा स्थित मिथिला शोध संस्थान में 12,500 से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियां मौजूद हैं।
हमारा शुरू से मानना रहा है कि मिथिला कभी ज्ञान का एक बड़ा वैश्विक केंद्र रहा था। इसके प्रमाण सैकड़ों वर्ष पुरानी पांडुलिपियों के रूप में मौजूद हैं, जिनका संरक्षण, डिजिटलीकरण और पुनर्जीवन आवश्यक है। मिथिला के महान विद्वानों द्वारा रचित इन पांडुलिपियों में निहित ज्ञान सामने आने पर न केवल वर्तमान पीढ़ी को अपनी समृद्ध बौद्धिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर गर्व होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका व्यापक लाभ मिलेगा।
मिथिला की इस अनमोल धरोहर को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवंत बनाने की दिशा में हमारा प्रयास निरंतर जारी है। इसी क्रम में गत 19 मई को नई दिल्ल��� में माननीय केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री
@gssjodhpur जी से भी मुलाकात कर चर्चा की थी। इस दौरान उन्हें एक पत्र सौंपकर दरभंगा स्थित ‘मिथिला शोध संस्थान’ को राष्ट्रीय स्तर के ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ में शामिल करने का आग्रह किया, ताकि वहां संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों को राष्ट्रीय पहचान मिल सके। इस पहल से मिथिला में बिखरी ऐतिहासिक पांडुलिपियों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और डिजिटलीकर��� हो सकेगा। इससे भारतीय ज्ञान परंपरा, इतिहास, संस्कृति, ज्योतिष, गणित, चिकित्सा एवं दर्शन जैसे विषयों पर शोध को नई गति और दिशा मिलेगी।
मिथिला शोध संस्थान के बुनियादी ढांचे को राज्य सरकार द्वारा निरंतर सशक्त किया जा रहा है। मुझे विश्वास है कि ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ से जुड़ने के बाद यह संस्थान पांडुलिपि संरक्षण और उन्नत अनुसंधान के एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
#GyanBharatamMission #Madhubani #Darbhanga #Mithila #Bihar
मुख्यमंत्री जी के एहि पोस्ट के अलोक में सब मैथिली प्रेमी स आग्रह पुर्वक निवेदन जे अपन अपन नेना भुटका के CBSE school में एडमिशन के क्रम में मैथिली भाषा के विकल्प जरूर राखी. अगर स्कूल मना करय त मुख्यमंत्री जी के ट्वीट के कतरन संलग्न करी. आ ज कोनो आनाकानी करय त ओकरा पर केस करी🙏
नमस्कार🙏 मिथिला में एही वर्ष आम क उत्पादन अत्यंत अल्प हेबाक संभावना प्रतीत भ रहल अछी। आम किसान सब बहुत दुःखी छैठ । दस प्रतिशत से कम आम क उत्पादन क संभावना छै। ताही परिस्थिति में “आम उत्सव” क आयोजन उचित नईं प्रतीत भ रहल अछी अतः एही वर्ष आम महोत्सव क आयोजन उचित नई। अगिला बेर🙏
दरभंगा हवाई अड्डे से शाही लीची को मिली नई उड़ान
बिहार की मिठास पहुंचेगी देशभर के बाजारों तक
मुजफ्फरपुर की GI टैग प्राप्त शाही लीची को दरभंगा हवाई अड्डे @aaidarairport से देश के बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई अहमदाबाद और हैदराबाद पहुंचेगी। @flyspicejet के माध्यम से 200 Kg शाही लीची की यह खेप रवाना की गई। बिहार की प्रसिद्ध शाही लीची को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लाभ किसानों और व्यापारियों को मिलेगा। इस सफल कार्गो संचालन के साथ दरभंगा हवाई अड्डा उत्तर बिहार के उभरते कृषि कार्गो केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है।
Mithila calling … Now only a month away to celebrate 5th edition of “Mithila Mango Festival” at Sarisab Pahi ,Madhubani. Looking forward welcoming Mango 🥭 lovers on June 14-15, 2026. #BACKtoROOTS . #MithilaMangoFest
जय जानकी 🙏
हकार 💐
मिथिलावासी के बड़की दीदी जगत जननी माँ जानकी के प्राकट्य भूमि सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में 26 अप्रैल के अपन प्रस्तुत��� देबय लेल आबि रहल छी. जानकी नवमी-2026 आ सीतामढ़ी महोत्सव-2026 मे हमरा आमंत्रित करबाक लेल सीतामढ़ी जिला प्रशासन आ सीतामढ़ी के जिला दण्डाधिकारी श्री रिची पाण्डेय जी के विशेष आभार व्यक्त करय चाहब।
अपने सब स आग्रह जे 26 अप्रैल के अपन प���िवार के संग आबि आयोजन के सफल बनाबी। अहां कें धन्यवाद।