~राम रहीम को बेल मिल गई,
~प्रशासन रेप पीड़िता पर हंस रहा है,
~नेता लोग बेटियों पर नजर गड़ाए बैठे हैं,
~जिम्मेदार लोग मेलोडी खाने में व्यस्त हैं,
~मीडिया झालमुड़ी में व्यस्त है।
बस इसी तरह हमारा देश विश्वगुरु बन रहा है।
"मुख्यमंत्री साहब; क्या आप इस पानी का एक बूंद भी पी सकते हो?"
अजमेर के बड़ली गांव के इस युवक को समझना पड़ेगा कि कॉकरोच की बात करो। कहां पेयजल का मुद्दा ला रहे हो? इस पानी को उबालो। छानकर पी लो। क्यों बेमतल सरकार को कोसना?
तीन चार दिन भर्ती रहने के बाद अच्छा इलाज न मिलने से जौनपुर के सरकारी अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत हो गई,
सरकारी अस्पतालों में रसूखदार, सोर्स वाले लोगों को बढ़िया इलाज मिलता है,लेकिन गरीब व्यक्तियों को जानवरों की तरह ट्रीट किया जाता है
आपका नाम सम्राट चौधरी है।
आप पहले RJD में थे, फिर NDA में आए और आज BJP से बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं।
आपकी सरकार EV सब्सिडी में भी कैटेगरी का गणित चला रही है।
• महिलाओं को इलेक्ट्रिक 4-व्हीलर पर ₹1 लाख
• 2-व्हीलर पर महिलाओं को ₹12,000
• जनरल को ₹10,000
• SC/ST को ₹12,000
• कार्गो 3-व्हीलर पर जनरल को ₹50,000
• SC/ST को ₹60,000
ऊपर से आपके खिलाफ आरोपों की लिस्ट अलग लंबी बताई जाती है।
प्रशांत किशोर आपको “7वीं फेल” कहते हैं और आपकी डिग्री तक को फर्जी बताते हैं।
जनता पूछ रही है कि ये EV पॉलिसी है या चुनावी कैलकुलेटर?
We’re partnering with the Gates Foundation, committing $200 million in grants, Claude credits, and technical support to programs in global health, life sciences, education, agriculture, and economic mobility.
Read more: https://t.co/eqCrLKtNCq
यूपी : जौनपुर के मडियाहूं थाना क्षेत्र के बारीगांव नेवादा चौहान बस्ती में जमीन विवाद के कारण कुछ दबंग महिलाओं लातों और डंडों से डंडों से दरिंदो की तरह पिट रहे है।
जबकि UP की कानून व्यवस्था सबसे उत्तम बताई जाती है
आधे घंटे से तड़प रहे थे.."कई नर्सों से बोला किसी ने नहीं सुना..एक आए थे घूम फिर के चले गए"..अब
मेरे Papa चले गए"...!
UP की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर है..."पिता के शव के पास रोती बिलखती बिटिया स्वास्थ्य महकमे को कोस रही है"...!
जौनपुर में Satish Gupta चार दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती हुए थे इलाज के नाम पर 2 बोतल Glucose लगा कर किस्मत पर छोड़ दिया गया..!
दवाइयां इंजेक्शन सब बाहर से मंगवाए गए...हालात बिगड़ने कर बच्ची नर्स को बुलाती रही लेकिन कोई मरीज को देखने नहीं आया..अंततः Satish Gupta की मौत हो गई...!
बेचारी मासूम बच्ची अब System को कोस रही है..बिटिया को सुनिए..👇👇👇
SUCH A SAD STATE IN INDIAN FOOTBALL 💔
Women footballers from Suruchi Sangha Club (IWL 2) suffered throughout their journey
- No food & water provided
- Manage in ₹125 for 2 days
- No manager with the team
- Multiple players without confirmed tickets
आपका नाम धर्मेंद्र प्रधान है।
आप देश के शिक्षा मंत्री हैं।
आपके कार्यकाल में NEET-UG 2024 paper leak ने छात्रों का भरोसा तोड़ा, और अब NEET-UG 2026 भी paper leak allegations के बाद cancelled हो गया। सरकार ने CBI जांच का आदेश दिया है और re-exam की बात कही गई है।
लाखों छात्र सालों तक तैयारी करते हैं। परिवार लाखों रुपये coaching पर खर्च करता है। फिर एक दिन खबर आती है.. paper leak, exam cancelled, re-exam होगा।
UGC Regulations पर विवाद हुआ।
कैंपस पढ़ाई की जगह politics और ideological battleground बनते गए।
NEET-PG cutoff decisions ने medical education की credibility पर सवाल खड़े किए।
IITs में caste-related conferences और campus debates विवाद बनते गए।
और अब NEET paper leaks ने पूरी exam system की साख हिला दी।
सीधी बात है कि
छात्र पढ़ाई कर रहे हैं ,
parents कर्ज लेकर coaching करा रहे हैं,
exam agencies fail हो रही हैं,
और accountability कहीं दिखती नहीं।
NEET 2024 leak.
NEET 2026 cancellation.
UGC विवाद।
Campus tension.
Cutoff controversy.
लाखों students mentally और financially crushed.
फिर भी सिस्टम में कोई बड़ा आदमी जिम्मेदार नहीं होता।
छात्रों का भविष्य बर्बाद होता है,
लेकिन मंत्री जी की कुर्सी सुरक्षित रहती है।
कानपुर में 36 वर्षीय युवक की प्राइवेट अस्पताल में मौत हुई। परिजनों ने लापरवाही पर सवाल उठाए तो अस्पताल ने जवाब देने की जगह पुलिस बुला ली। फिर शोक में डूबे परिवार पर लाठियां बरसीं। सिस्टम कह रहा है कि महिलाओं ने पुलिस को पीटा।
मथुरा में गोवर्धन चौराहे के पास खुले नाले में माँ और बेटी गिर गए हालांकि उनको उनको सकुशल निकाल लिया गया।
अभी अगर ये नगर आयुक्त की बिटिया होती तो पूरे मंडल के नाले को कवर करने का रातों रात टेंडर निकाल दिया गया होता।
आपका नाम राजू नारायणस्वामी है।
1991 में आपने UPSC में AIR 1 हासिल की थी। पूरे देश में पहला स्थान।
आप IIT मद्रास से कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट थे। MIT ने स्कॉलरशिप ऑफर की। लेकिन आपने ठुकरा दी। आपने कहा — IIT की पढ़ाई गरीब भारतीयों के टैक्स से हुई है, अब देश को लौटाना मेरा कर्तव्य है।
फिर आपने IAS जॉइन किया।
पहली पोस्टिंग में एक बिल्डर धान के खेत को भरना चाहता था। 60 गरीब परिवारों ने कहा इससे उनका इलाका डूब जाएगा। आपने अनुमति नहीं दी। आपका ट्रांसफर हो गया।
केरल के PWD मंत्री के बच्चों के अवैध जमीन सौदे उजागर किए। मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। आपका ट्रांसफर हो गया।
Coconut Development Board में भ्रष्टाचार पकड़ा। अफसर सस्पेंड हुए। आपका ट्रांसफर हो गया।
सिविल सप्लाई विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। जांच पूरी होने से पहले हटा दिए गए।
34 साल की सेवा में 32 ट्रांसफर।
एक बार आपने सरकार को चिट्ठी लिखकर पूछा “जब मुझे कोई काम ही नहीं दिया जा रहा, तो मुझे वेतन क्यों दिया जा रहा है?”
2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी Chief Secretary पदोन्नति की याचिका खारिज कर दी।
AIR 1 होने के बावजूद।
30 साल की ईमानदार सेवा के बावजूद।
उन्होंने 34 किताबें भी लिखीं। साहित्य अकादमी पुरस्कार जीता। कानून में PhD की।
MIT उन्हें अमेरिका देना चाहता था।
उन्होंने भारत के लोगों को चुना।
लेकिन भारत की व्यवस्था ने उन्हें 34 साल तक सिर्फ एक संदेश दिया
“ईमानदारी की कीमत सब कुछ खोकर चुकानी पड़ती है।”
और उन्होंने हर बार वो कीमत चुकाई।
ऐसी कहानियों के लिए फॉलो करें, जिन्हें भारत की सुर्खियाँ कभी जगह नहीं देतीं।
Kindergartens in China are increasingly incorporating hands-on cooking, cleaning, and crafting into their curricula to foster independence, responsibility, and confidence in young children.
Kids as young as 3–4 years old use specialized mini stoves to prepare food, wash dishes, and perform tasks like sewing and farming.
लोकतंत्र का उतना लोड भी मत लो यारो,
जिनको लगता है कि नेता लोग जनता के हितों की रक्षा करेंगे वो सब ना समझ हैं।
1- मुलायम जी ने अपना बेटा सेटल किया
2- अमित शाह जी ने अपना बेटा सेटल किया
3- राजनाथ जी ने अपना बेटा सेटल किया
4- ममता बनर्जी ने अपना भतीजा सेटल किया
5- मायावती जी ने अपना भतीजा सेटल किया
6- ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपना बेटा सेटल किया
7- नितिन गडकरी जी ने अपना बेटा सेटल किया
बाकी लोगों के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं।
90 % विधायकों सांसदों के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं, या फिर सेटल हैं।
इसलिए भारत की रोड, बिजली व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था नागरिक अधिकार कभी सही होंगे, ऐसा सोचना बेईमानी है।
पहले गड़बड़ पुल बनाओ,
फिर जनता हंगामा करे तो धीरे से अफसरों को सस्पेंड करो और
जनता जब भूल जाए तो धीरे से बहाल कर दो।
साहेब, ये होती राजा वाली क्वालिटी ..
इंदौर, मध्य प्रदेश