Rahul Gandhi is the only leader of this era speaking for ecological balance, sustainability, and a future that doesn't come at nature's cost.
#GreenOverGreed
एक कंपनी 15.5 लाख करोड़ रुपए का काम कर रही है और छोटे-छोटे ऑडिटर्स को बार-बार बदल रही है।
क्या ये रेड फ्लैग नहीं है?
• कंपनी ने इतने बड़े काम के लिए बड़े ऑडिटर्स क्यों नहीं रखे?
• एक ही ऑडिटर से लंबे वक्त तक काम क्यों नहीं करवाया?
इस बीच एक शेयरहोल्डर ने शिकायत की, जिसमें सामान बेचने के बाद दो साल तक 2,914 करोड़ मार्केट से उठाए ही नहीं गए।
इसके बाद अक्टूबर 2024 में SEBI ने रिपोर्ट बनानी शुरू की और एक विदेशी ऑडिटर को ये काम दिया।
लेकिन नरेंद्र मोदी के खास राजेश भाई ने जांच में सहयोग देने से इंकार कर दिया। इसका बहाना दिया गया कि उनका काम विदेशों में भी चलता है और विदेश के कानून उन्हें SEBI द्वारा करवाई जा रही जांच में डाटा देने की इजाजत नहीं देते।
ये बहाना मान लिया गया और इन्वेस्टर्स का पैसा डूब गया।
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के अध्यक्ष @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
बिहार के मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में हुए अग्निकांड में 4 लोग ज़िंदा जलकर मर गए,
लेकिन बिहार के काबिल स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के मुँह से 4 शब्द भी न बोले गए 💔
𝐑𝐀𝐉𝐄𝐒𝐇 𝐄𝐗𝐏𝐎𝐑𝐓 𝐒𝐂𝐀𝐌 & 𝐓𝐇𝐄 𝐌𝐎𝐃𝐈 𝐆𝐎𝐕𝐓
▪️Rajesh Exports, an Indian jewellery company reported fake revenue of ₹15.15 lakh crore for 5 years between FY21 to FY25. Simply put, 99% of its revenue was fake!
▪️It reported massive revenues from overseas subsidiaries like the Swiss entity Valcambi SA. There were no invoices, no customer details, no inventory, no confirmations.
▪️Funds diverted to promoter-linked entities without proper approvals or disclosures.
▪️June 3, 2026 SEBI’s 109-page order banned Promoter & Executive Chairman Rajesh Mehta and the company from the markets.
▪️Stock crashed 80% - Shareholder wealth worth ₹12,726 crore was eroded in a single session. As always it is the small investor who pays the price for these massive frauds.
▪️LIC invested over ₹2,000 crore in the company and when the stock crashed, LIC lost almost ₹1,600 crores - which is money that belongs to common Indians.
▪️This fraud went on for 5 years - right under the nose of the Modi govt, with the Prime Minister clicking photographs with Rajesh Mehta.
👉That tells the extent of crony capitalism in India, the conflict of interest and the track record of the Modi govt and of the Prime Minister in checking corrupt practices.
👉Swindlers and fugitives from the law continue to flee overseas from right under Mr Modi’s nose - and none of them have been brought back to India in the last 12 years.
👉Other than being photographed with Rajesh Mehta - what steps has the PM taken to protect and restore hard earned savings of the large numbers of small investors who have lost their lives savings in this scam.
👉👉His hollow and fake words “ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा” ring aloud, yet again!
दबंगों की बेल्ट और हाथों में तमंचा, क्या यही है आपका भयमुक्त सूबा?
उत्तर प्रदेश के अमरोहा से कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक और खौफनाक वारदात सामने आई है। जहाँ घर लौट रहे एक बेकसूर युवक को रास्ते में रोककर बेखौफ दबंगों ने बेल्टों से बेरहमी से पीटा और तमंचा लहराकर जान से मारने की धमकी दी। सवाल यह है कि उत्तर प्रदेश में इन अपराधियों और दबंगों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं? क्या इन्हें अब पुलिस और कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है?
सड़कों पर खुलेआम तमंचा लहराना और गुंडई करना इस बात का सबूत है कि कागजों पर कानून का राज चाहे जो हो, जमीन पर आज भी 'जंगलराज' हावी है। मुख्यमंत्री जी, इन बेखौफ घूम रहे गुंडों पर आपका बुलडोज़र और सख्त कार्रवाई कब देखने को मिलेगी? जनता को सुरक्षित माहौल चाहिए, खोखले दावे नहीं!
• पत्रकार: पेपर लीक के लिए धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ?
• यूपी के शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय: मंत्री जी (धमेंद्र प्रधान) का इस्तीफा क्यों हो? पेपर लीक के लिए मंत्री जी जिम्मेदार नहीं हैं.
ये नहीं चलेगा कि - दाढ़ी वाला मर्डर करे और मूंछ वाला पकड़ा जाए.
इतनी ऊँची ऊँची इमारतें तो बन जाती हैं लेकिन सुरक्षा के नाम पर शून्य है,
अधिकारी घूस लेकर बिल्डिंग को पास कर देते हैं, अग्निशमन की व्यवस्था है या नहीं, इससे कोई मतलब नहीं है,
नोएडा के सेक्टर 75 में आग लगी है, आग बुझाने के लिए गाड़ी आई है,
आग लगी है सबसे ऊपर वाले फ्लोर पर जहाँ पानी पहुंच ही नही पा रहा है 🙄
प्रधानमंत्री मोदी ने दमन की सभा में देश की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन विडंबना देखिए कि वही वीडियो जारी करते समय PTI ने नीचे साफ़ लिख दिया — “Source: Third Party”. यानि भारत के प्रधानमंत्री के भाषण तक की प्रमाणिकता की जिम्मेदारी लेने से भी परहेज़.
जिस देश का प्रधानमंत्री मंच से 7.7% और 7.8% जैसी चमकदार विकास दरों का ढोल पीट रहा हो, वहाँ देश की सबसे बड़ी न्यूज़ एजेंसियों में से एक यह कहकर हाथ झाड़ ले कि “सोर्स थर्ड पार्टी है”, लेकिन उस थर्ड पार्टी का नाम तक न बताए — तो सवाल उठना स्वाभाविक है.
यही कारण है कि ऐसे दावे अक्सर उन जगहों पर किए जाते हैं जहाँ जनता के पास न डेटा की वास्तविक पड़ताल का साधन होता है, न आर्थिक आँकड़ों की परतें खोलकर देखने का अवसर. मंच से तालियाँ मिल जाती हैं, क्योंकि जनता का वह हिस्सा बसों में भर कर इसीलिए बुलवाया ही जाता है!
अगर सब कुछ इतना ही पारदर्शी और विश्वसनीय है, तो फिर “थर्ड पार्टी” के पीछे छिपने की ज़रूरत क्यों पड़ी?
नाम बताइए. स्रोत बताइए. जिम्मेदारी लीजिए. वरना यह संदेश तो खुद PTI ने दे दिया कि अब प्रधानमंत्री के (झूठे) दावों को भी डिस्क्लेमर के साथ परोसा जा रहा है.
"If we fight here right now & then go to a Police station
The police will ask us our names, and the moment you say Kuldeep & I say, Aziz Khan
The police will let you go & will thrash me & might even slap me more for this beard."
This is the pain of Every Muslims in New India
सवाल : अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि पहले भारत अमेरिका से बहुत टैक्स लेता था, अब अमेरिका भारत
से बहुत पैसे कमाएगा। सवाल है कि भारत
और अमेरिका के बीच जो ट्रेड डील होने जा रही है क्या ट्रंप उसे सही तौर पर define कर रहे हैं या किसी तरह से distort कर रहे हैं?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल अभी भारत में था। वाणिज्य मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति देकर बताया है कि बातचीत सकारात्मक रही। दोनों पक्ष ट्रेड डील को लेकर प्रतिबद्ध हैं और इसे जल्द पूरा करने के लिए। वाणिज्य मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में और भी जानकारी है जिसकी तरफ़ आपका ध्यान दिलाना चाहूँगा
It’s not about swimming skill or scuba expertise.
𝐈𝐓’𝐒 𝐅𝐄𝐀𝐑 𝐕𝐒 𝐅𝐄𝐀𝐑𝐋𝐄𝐒𝐒𝐍𝐄𝐒𝐒
That’s the difference between the two videos.
That’s the difference between these two men.
This man-made tragedy struck in Karawal Nagar (Delhi), bordering Ghaziabad.
The JCB was not meant to bring down the building. It was digging a drain.
Cracks appeared in the building. It was vacated and fell soon after.
Note: Mainstream media underplayed the reason for this collapse, for obvious reasons.