Dear @CareerinIAF
Jai Hind🇮🇳
A lot of aspirants are unhappy with the AFCAT results. Even those who have cleared are also not satisfied with their marks. We believe that releasing answer key will bring transparency and will definitely resolve this matter.
#wewantafcatanswerkey
Dear @cdacindia@IAF_MCC sir application fee was 650 atleast we deserve a better selection process and a fair result… pls release answer key of every shift @CareerinIAF@PMOIndia 🙏🏻🙏🏻
मैंने बच्चे की पहचान उजागर न हो, इसलिए पहले का ट्वीट हटा दिया है। टीचर तृप्ति त्यागी के कहने पर जो छोटा सा बच्चा उठ कर आता है और अपनी ही उम्र के मुस्लिम बच्चे को मारता है, उसके माता-पिता को आगे आकर केस करना चाहिए कि तृप्ति त्यागी उनके मासूम बच्चे को हिन्दू के नाम पर दंगाई बना रही हैं। सांप्रदायिकता बच्चे को मानव बम में बदल देती है। जिस बच्चे को मारा गया है, वह इस सदमे के साथ कैसे अपना जीवन काटेगा यह सोचने की बात है। उसे हम सभी का प्यार पहुँचे। जिस बच्चे के मन में टीचर ने नफ़रत का ज़हर भर दिया है, उस तक भी हम सभी का प्यार पहुँचे ताकि वह इस नफ़रत से बाहर आए। और दंगाई न बने। सभी मां-बाप को सचेत हो जाना चाहिए कि एंटी मुस्लिम नफ़रत के नाम पर उनके बच्चों को दंगाई बनाने का कितने स्तर पर प्रयास चल रहा है।
ये ज़हर कहाँ तक पहुँचा है, हर दिन इसका एक शर्मनाक सैंपल सामने आता है। गोदी मीडिया और व्हाट्स एप अंकिलों ने अपने ही बच्चों को दंगाई बनाने का जाल बिछा दिया है। दुखद यह भी है कि जिस बच्चे को धर्म के नाम पर मारा गया, उसके पिता को भरोसा नहीं है कि न्याय मिलेगा। चीफ़ जस्टिस बार-बार न्यायपालिका में भरोसे की बात करते हैं। क्या न्यायपालिका इस पिता में अपना भरोसा बना सकती है?