@Adv_Anil_Mishra@RakeshKishore_l#BiharElections#gwalior#anilmishra
नयी टूलकिट -
वैसे ग्वालियर के वकील मिश्राजी ने अंबेडकर जी के बारे में जिस प्रकार की टिप्पणियां की है और जानबूझकर अपने बयानों में बार बार यह कहकर उकसाना कि अंबेडकर अंग्रेजों के एजेंट थे। (जबकि सोचने वाली बात यह है कि अंबेडकर जी जिन्ना के साथ भी जा सकते थे परंतु वह नहीं गए ) और फिर एकाएक इन मिश्रा जी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन होने लगना और उन मिश्रा जी पर कई सारे मुकदमे होना
और इनके समर्थन में भी जबरदस्त प्रदर्शन होना।
आज से 3-4 महीने पहले इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई रीच नहीं थी।
और एकाएक ही सोशल मीडिया के स्टार बन जाना।
(इसी दौरान CJI पर हुए हमले को दलित पर हमला बताना। जिसने इतना कार्य नही किया)।
और फिर तुरंत अजीत भारती जैसे पचासों हैंडल आदि पर SC/ST मे केस दर्ज होना यह सब कुछ इतना एक साथ हो रहा है तो कही न कही शक जाता है कि यह सारी टूलकिट लग रही है। जिसका एकमात्र टारगेट बिहार इलेक्शन में स्वर्ण और दलितों के वोट को तोड़ना है।
क्योंकि मिश्रा जी आदि पर अगर कार्रवाई होती है तो स्वर्ण वोट नाराज होगा और अगर इस कार्रवाई को रोका जाए तो दलित वोट नाराज होगा
बिहार इलेक्शन के बाद इनमें से कोई भी मुद्दा नहीं दिखेगा
@BikanerDm
बीकानेर के रानी बाजार मे शर्मा कॉलोनी गुरुद्वारा स्कूल के सामने वाली गली में एक कुत्ते के रेबीज फैला हुआ है और वह आते जाते लोगों को काट रहा है और उसी गली में एक परिवार में बारहवीं की पगड़ी रस्म का काम हो रहा है और वहां काफी लोग आ रहे हैं कृपया शीघ्र कार्रवाई करें।
🚨 बड़ा बयान | CDS जनरल 🇮🇳
"उद्योग जगत से हमारी अपेक्षाएँ बहुत स्पष्ट हैं — लाभ के साथ-साथ थोड़ा राष्ट्रवाद और देशभक्ति भी दिखाएँ।
अपनी क्षमताओं के बारे में ईमानदार रहें… हमें बीच रास्ते में न छोड़ें।"
"अगर आप किसी अनुबंध पर हस्ताक्षर करते हैं और समय पर उसे पूरा नहीं करते, तो यह हमारी नहीं… आपकी क्षमता की कमी है।"
हम शुरू से ही कह रहे थे।बिहार चुनाव के लिये ही इन्होंने दलित वोट को काटने के लिए ही इतनी नौटंकी की थी।अब मिश्रा जी कंही भी नही दिखेंगे। #Bihar#biharelection2025
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#बिहार#biharelection2025#BiharPolitics#BiharNews
वैसे ग्वालियर के वकील मिश्राजी ने अंबेडकर जी के बारे में जिस प्रकार की टिप्पणियां की है और जानबूझकर अपने बयानों में बार बार यह कहकर उकसाना कि अंबेडकर अंग्रेजों के एजेंट थे। (जबकि सोचने वाली बात यह है कि अंबेडकर जी जिन्ना के साथ भी जा सकते थे परंतु वह नहीं गए ) और फिर एकाएक इन मिश्रा जी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन होने लगना और उन मिश्रा जी पर कई सारे मुकदमे होना
और इनके समर्थन में भी जबरदस्त प्रदर्शन होना।
आज से 3-4 महीने पहले इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई रीच नहीं थी।
और एकाएक ही सोशल मीडिया के स्टार बन जाना।
(इसी दौरान CJI पर हुए हमले को दलित पर हमला बताना। जिसने इतना कार्य नही किया)।
और फिर तुरंत अजीत भारती जैसे पचासों हैंडल आदि पर SC/ST मे केस दर्ज होना यह सब कुछ इतना एक साथ हो रहा है तो कही न कही शक जाता है कि यह सारी टूलकिट लग रही है। जिसका एकमात्र टारगेट बिहार इलेक्शन में स्वर्ण और दलितों के वोट को तोड़ना है।
क्योंकि मिश्रा जी आदि पर अगर कार्रवाई होती है तो स्वर्ण वोट नाराज होगा और अगर इस कार्रवाई को रोका जाए तो दलित वोट नाराज होगा
बिहार इलेक्शन के बाद इनमें से कोई भी मुद्दा नहीं दिखेगा
वर्तमान मे अमेरिकी नौटंकी को देखते हुए भारत रूस और चीन को और साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। और पश्चिमी वर्चस्व को हमेशा के लिए उखाड देना चाहिए। 100 सालो मे इससे बेहतर मौका कभी नही मिला।
(वास्तव मे भारत और चीन में आपसी विश्वास की कमी है )
#chinaindia#IndiaUSTradeTalks#Trump
@RajCMO@DMBIKANER
बीकानेर जो संभाग है। वहाँ पर 2 दिन से पानी नही आ रहा।और वह भी दीपावली जैसे साल के सबसे बडे त्योहार पर।
उधर सडके 4-5 महीनो से अलग से टूटी हुई । लापरवाही की हद है।
ऐसे लगता है जनता को परेशान करने की सुपारी ले रखी है।
#rajasthan#bikaner#CMORajasthan #BhajanLalSarkar
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#बिहार#biharelection2025#BiharPolitics#BiharNews
वैसे ग्वालियर के वकील मिश्राजी ने अंबेडकर जी के बारे में जिस प्रकार की टिप्पणियां की है और जानबूझकर अपने बयानों में बार बार यह कहकर उकसाना कि अंबेडकर अंग्रेजों के एजेंट थे। (जबकि सोचने वाली बात यह है कि अंबेडकर जी जिन्ना के साथ भी जा सकते थे परंतु वह नहीं गए ) और फिर एकाएक इन मिश्रा जी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन होने लगना और उन मिश्रा जी पर कई सारे मुकदमे होना
और इनके समर्थन में भी जबरदस्त प्रदर्शन होना।
आज से 3-4 महीने पहले इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई रीच नहीं थी।
और एकाएक ही सोशल मीडिया के स्टार बन जाना।
(इसी दौरान CJI पर हुए हमले को दलित पर हमला बताना। जिसने इतना कार्य नही किया)।
और फिर तुरंत अजीत भारती जैसे पचासों हैंडल आदि पर SC/ST मे केस दर्ज होना यह सब कुछ इतना एक साथ हो रहा है तो कही न कही शक जाता है कि यह सारी टूलकिट लग रही है। जिसका एकमात्र टारगेट बिहार इलेक्शन में स्वर्ण और दलितों के वोट को तोड़ना है।
क्योंकि मिश्रा जी आदि पर अगर कार्रवाई होती है तो स्वर्ण वोट नाराज होगा और अगर इस कार्रवाई को रोका जाए तो दलित वोट नाराज होगा
बिहार इलेक्शन के बाद इनमें से कोई भी मुद्दा नहीं दिखेगा
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वैसे ग्वालियर के वकील मिश्राजी ने अंबेडकर जी के बारे में जिस प्रकार की टिप्पणियां की है और जानबूझकर अपने बयानों में बार बार यह कहकर उकसाना कि अंबेडकर अंग्रेजों के एजेंट थे। (जबकि सोचने वाली बात यह है कि अंबेडकर जी जिन्ना के साथ भी जा सकते थे परंतु वह नहीं गए ) और फिर एकाएक इन मिश्रा जी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन होने लगना और उन मिश्रा जी पर कई सारे मुकदमे होना
और इनके समर्थन में भी जबरदस्त प्रदर्शन होना।
आज से 3-4 महीने पहले इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई रीच नहीं थी।
और एकाएक ही सोशल मीडिया के स्टार बन जाना।
(इसी दौरान CJI पर हुए हमले को दलित पर हमला बताना। जिसने इतना कार्य नही किया)।
और फिर तुरंत अजीत भारती जैसे पचासों हैंडल आदि पर SC/ST मे केस दर्ज होना यह सब कुछ इतना एक साथ हो रहा है तो कही न कही शक जाता है कि यह सारी टूलकिट लग रही है। जिसका एकमात्र टारगेट बिहार इलेक्शन में स्वर्ण और दलितों के वोट को तोड़ना है।
क्योंकि मिश्रा जी आदि पर अगर कार्रवाई होती है तो स्वर्ण वोट नाराज होगा और अगर इस कार्रवाई को रोका जाए तो दलित वोट नाराज होगा
बिहार इलेक्शन के बाद इनमें से कोई भी मुद्दा नहीं दिखेगा
Legend अनिल मिश्रा जी ने सभी सवर्णों के नाम एक संदेश भेजा है,और एकजुटता का आह्वान किया है।
मैं अनिल मिश्रा जी के साथ डटकर खड़ा हूँ, हर स्तर पर कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का वादा करता हूँ।क्या आप भी अनिल मिश्रा जी के साथ हो,,??
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#बिहार#biharelection2025#BiharPolitics#BiharNews
वैसे ग्वालियर के वकील मिश्राजी ने अंबेडकर जी के बारे में जिस प्रकार की टिप्पणियां की है और जानबूझकर अपने बयानों में बार बार यह कहकर उकसाना कि अंबेडकर अंग्रेजों के एजेंट थे। (जबकि सोचने वाली बात यह है कि अंबेडकर जी जिन्ना के साथ भी जा सकते थे परंतु वह नहीं गए ) और फिर एकाएक इन मिश्रा जी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन होने लगना और उन मिश्रा जी पर कई सारे मुकदमे होना
और इनके समर्थन में भी जबरदस्त प्रदर्शन होना।
आज से 3-4 महीने पहले इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई रीच नहीं थी।
और एकाएक ही सोशल मीडिया के स्टार बन जाना।
(इसी दौरान CJI पर हुए हमले को दलित पर हमला बताना। जिसने इतना कार्य नही किया)।
और फिर तुरंत अजीत भारती जैसे पचासों हैंडल आदि पर SC/ST मे केस दर्ज होना यह सब कुछ इतना एक साथ हो रहा है तो कही न कही शक जाता है कि यह सारी टूलकिट लग रही है। जिसका एकमात्र टारगेट बिहार इलेक्शन में स्वर्ण और दलितों के वोट को तोड़ना है।
क्योंकि मिश्रा जी आदि पर अगर कार्रवाई होती है तो स्वर्ण वोट नाराज होगा और अगर इस कार्रवाई को रोका जाए तो दलित वोट नाराज होगा
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वैसे ग्वालियर के वकील मिश्राजी ने अंबेडकर जी के बारे में जिस प्रकार की टिप्पणियां की है और जानबूझकर अपने बयानों में बार बार यह कहकर उकसाना कि अंबेडकर अंग्रेजों के एजेंट थे। (जबकि सोचने वाली बात यह है कि अंबेडकर जी जिन्ना के साथ भी जा सकते थे परंतु वह नहीं गए ) और फिर एकाएक इन मिश्रा जी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन होने लगना और उन मिश्रा जी पर कई सारे मुकदमे होना
और इनके समर्थन में भी जबरदस्त प्रदर्शन होना।
आज से 3-4 महीने पहले इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई रीच नहीं थी।
और एकाएक ही सोशल मीडिया के स्टार बन जाना।
(इसी दौरान CJI पर हुए हमले को दलित पर हमला बताना। जिसने इतना कार्य नही किया)।
और फिर तुरंत अजीत भारती जैसे पचासों हैंडल आदि पर SC/ST मे केस दर्ज होना यह सब कुछ इतना एक साथ हो रहा है तो कही न कही शक जाता है कि यह सारी टूलकिट लग रही है। जिसका एकमात्र टारगेट बिहार इलेक्शन में स्वर्ण और दलितों के वोट को तोड़ना है।
क्योंकि मिश्रा जी आदि पर अगर कार्रवाई होती है तो स्वर्ण वोट नाराज होगा और अगर इस कार्रवाई को रोका जाए तो दलित वोट नाराज होगा
बिहार इलेक्शन के बाद इनमें से कोई भी मुद्दा नहीं दिखेगा
यूपी में योगी सरकार के 6 से अधिक मंत्रियों ने बिहार में डेरा जमाया: नेताओं को मिली जिम्मेदारी, बिहार चुनाव में CM योगी की ज्यादा डिमांड
#UttarPradesh#CMYogi
https://t.co/0gUzbYeR0O
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#बिहार#biharelection2025#BiharPolitics#BiharNews
वैसे ग्वालियर के वकील मिश्राजी ने अंबेडकर जी के बारे में जिस प्रकार की टिप्पणियां की है और जानबूझकर अपने बयानों में बार बार यह कहकर उकसाना कि अंबेडकर अंग्रेजों के एजेंट थे। (जबकि सोचने वाली बात यह है कि अंबेडकर जी जिन्ना के साथ भी जा सकते थे परंतु वह नहीं गए ) और फिर एकाएक इन मिश्रा जी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन होने लगना और उन मिश्रा जी पर कई सारे मुकदमे होना
और इनके समर्थन में भी जबरदस्त प्रदर्शन होना।
आज से 3-4 महीने पहले इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई रीच नहीं थी।
और एकाएक ही सोशल मीडिया के स्टार बन जाना।
(इसी दौरान CJI पर हुए हमले को दलित पर हमला बताना। जिसने इतना कार्य नही किया)।
और फिर तुरंत अजीत भारती जैसे पचासों हैंडल आदि पर SC/ST मे केस दर्ज होना यह सब कुछ इतना एक साथ हो रहा है तो कही न कही शक जाता है कि यह सारी टूलकिट लग रही है। जिसका एकमात्र टारगेट बिहार इलेक्शन में स्वर्ण और दलितों के वोट को तोड़ना है।
क्योंकि मिश्रा जी आदि पर अगर कार्रवाई होती है तो स्वर्ण वोट नाराज होगा और अगर इस कार्रवाई को रोका जाए तो दलित वोट नाराज होगा
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वैसे ग्वालियर के वकील मिश्राजी ने अंबेडकर जी के बारे में जिस प्रकार की टिप्पणियां की है और जानबूझकर अपने बयानों में बार बार यह कहकर उकसाना कि अंबेडकर अंग्रेजों के एजेंट थे। (जबकि सोचने वाली बात यह है कि अंबेडकर जी जिन्ना के साथ भी जा सकते थे परंतु वह नहीं गए ) और फिर एकाएक इन मिश्रा जी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन होने लगना और उन मिश्रा जी पर कई सारे मुकदमे होना
और इनके समर्थन में भी जबरदस्त प्रदर्शन होना।
आज से 3-4 महीने पहले इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई रीच नहीं थी।
और एकाएक ही सोशल मीडिया के स्टार बन जाना।
(इसी दौरान CJI पर हुए हमले को दलित पर हमला बताना। जिसने इतना कार्य नही किया)।
और फिर तुरंत अजीत भारती जैसे पचासों हैंडल आदि पर SC/ST मे केस दर्ज होना यह सब कुछ इतना एक साथ हो रहा है तो कही न कही शक जाता है कि यह सारी टूलकिट लग रही है। जिसका एकमात्र टारगेट बिहार इलेक्शन में स्वर्ण और दलितों के वोट को तोड़ना है।
क्योंकि मिश्रा जी आदि पर अगर कार्रवाई होती है तो स्वर्ण वोट नाराज होगा और अगर इस कार्रवाई को रोका जाए तो दलित वोट नाराज होगा
बिहार इलेक्शन के बाद इनमें से कोई भी मुद्दा नहीं दिखेगा
देश का कृषि और ग्रामीण क्षेत्र कल 11 अक्टूबर को एक नए इतिहास का साक्षी बनने वाला है। नई दिल्ली में सुबह करीब 10:30 बजे पीएम धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के शुभारंभ का सौभाग्य मिलेगा। इन योजनाओं से जहां कम उपज वाले 100 जिलों में पैदावार बढ़ाने के प्रयासों को बल मिलेगा, वहीं दालों के उत्पादन में भी तेजी आएगी। इस विशेष कार्यक्रम में कृषि और इससे जुड़े सेक्टर की 42,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का सुअवसर मिलेगा। इनसे ना केवल हमारे किसान भाई-बहनों के जीवन में नई खुशहाली आएगी, बल्कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प भी और मजबूत होगा।
https://t.co/QpGMgJVIQl
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वैसे ग्वालियर के वकील मिश्राजी ने अंबेडकर जी के बारे में जिस प्रकार की टिप्पणियां की है और जानबूझकर अपने बयानों में बार बार यह कहकर उकसाना कि अंबेडकर अंग्रेजों के एजेंट थे। (जबकि सोचने वाली बात यह है कि अंबेडकर जी जिन्ना के साथ भी जा सकते थे परंतु वह नहीं गए ) और फिर एकाएक इन मिश्रा जी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन होने लगना और उन मिश्रा जी पर कई सारे मुकदमे होना
और इनके समर्थन में भी जबरदस्त प्रदर्शन होना।
आज से 3-4 महीने पहले इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई रीच नहीं थी।
और एकाएक ही सोशल मीडिया के स्टार बन जाना।
(इसी दौरान CJI पर हुए हमले को दलित पर हमला बताना। जिसने इतना कार्य नही किया)।
और फिर तुरंत अजीत भारती जैसे पचासों हैंडल आदि पर SC/ST मे केस दर्ज होना यह सब कुछ इतना एक साथ हो रहा है तो कही न कही शक जाता है कि यह सारी टूलकिट लग रही है। जिसका एकमात्र टारगेट बिहार इलेक्शन में स्वर्ण और दलितों के वोट को तोड़ना है।
क्योंकि मिश्रा जी आदि पर अगर कार्रवाई होती है तो स्वर्ण वोट नाराज होगा और अगर इस कार्रवाई को रोका जाए तो दलित वोट नाराज होगा
बिहार इलेक्शन के बाद इनमें से कोई भी मुद्दा नहीं दिखेगा
कांतारा की सफलता के बाद ऋषभ शेट्टी मुंबई
में सिद्धिविनायक मंदिर दर्शन करने पहुंचे
बॉलीवुड भांड होता तो अजमेर में चादर चढ़ाता
अंतर साफ हे बॉलीवुड और टॉलीवुड
साऊथ सुपरस्टार हमेशा सनातन को बढ़ावा देते हैं
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वैसे ग्वालियर के वकील मिश्राजी ने अंबेडकर जी के बारे में जिस प्रकार की टिप्पणियां की है और जानबूझकर अपने बयानों में बार बार यह कहकर उकसाना कि अंबेडकर अंग्रेजों के एजेंट थे। (जबकि सोचने वाली बात यह है कि अंबेडकर जी जिन्ना के साथ भी जा सकते थे परंतु वह नहीं गए ) और फिर एकाएक इन मिश्रा जी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन होने लगना और उन मिश्रा जी पर कई सारे मुकदमे होना
और इनके समर्थन में भी जबरदस्त प्रदर्शन होना।
आज से 3-4 महीने पहले इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई रीच नहीं थी।
और एकाएक ही सोशल मीडिया के स्टार बन जाना।
(इसी दौरान CJI पर हुए हमले को दलित पर हमला बताना। जिसने इतना कार्य नही किया)।
और फिर तुरंत अजीत भारती जैसे पचासों हैंडल आदि पर SC/ST मे केस दर्ज होना यह सब कुछ इतना एक साथ हो रहा है तो कही न कही शक जाता है कि यह सारी टूलकिट लग रही है। जिसका एकमात्र टारगेट बिहार इलेक्शन में स्वर्ण और दलितों के वोट को तोड़ना है।
क्योंकि मिश्रा जी आदि पर अगर कार्रवाई होती है तो स्वर्ण वोट नाराज होगा और अगर इस कार्रवाई को रोका जाए तो दलित वोट नाराज होगा
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वैसे ग्वालियर के वकील मिश्राजी ने अंबेडकर जी के बारे में जिस प्रकार की टिप्पणियां की है और जानबूझकर अपने बयानों में बार बार यह कहकर उकसाना कि अंबेडकर अंग्रेजों के एजेंट थे। (जबकि सोचने वाली बात यह है कि अंबेडकर जी जिन्ना के साथ भी जा सकते थे परंतु वह नहीं गए ) और फिर एकाएक इन मिश्रा जी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन होने लगना और उन मिश्रा जी पर कई सारे मुकदमे होना
और इनके समर्थन में भी जबरदस्त प्रदर्शन होना।
आज से 3-4 महीने पहले इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई रीच नहीं थी।
और एकाएक ही सोशल मीडिया के स्टार बन जाना।
(इसी दौरान CJI पर हुए हमले को दलित पर हमला बताना। जिसने इतना कार्य नही किया)।
और फिर तुरंत अजीत भारती जैसे पचासों हैंडल आदि पर SC/ST मे केस दर्ज होना यह सब कुछ इतना एक साथ हो रहा है तो कही न कही शक जाता है कि यह सारी टूलकिट लग रही है। जिसका एकमात्र टारगेट बिहार इलेक्शन में स्वर्ण और दलितों के वोट को तोड़ना है।
क्योंकि मिश्रा जी आदि पर अगर कार्रवाई होती है तो स्वर्ण वोट नाराज होगा और अगर इस कार्रवाई को रोका जाए तो दलित वोट नाराज होगा
बिहार इलेक्शन के बाद इनमें से कोई भी मुद्दा नहीं दिखेगा
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वैसे ग्वालियर के वकील मिश्राजी ने अंबेडकर जी के बारे में जिस प्रकार की टिप्पणियां की है और जानबूझकर अपने बयानों में बार बार यह कहकर उकसाना कि अंबेडकर अंग्रेजों के एजेंट थे। (जबकि सोचने वाली बात यह है कि अंबेडकर जी जिन्ना के साथ भी जा सकते थे परंतु वह नहीं गए ) और फिर एकाएक इन मिश्रा जी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन होने लगना और उन मिश्रा जी पर कई सारे मुकदमे होना
और इनके समर्थन में भी जबरदस्त प्रदर्शन होना।
आज से 3-4 महीने पहले इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई रीच नहीं थी।
और एकाएक ही सोशल मीडिया के स्टार बन जाना।
(इसी दौरान CJI पर हुए हमले को दलित पर हमला बताना। जिसने इतना कार्य नही किया)।
और फिर तुरंत अजीत भारती जैसे पचासों हैंडल आदि पर SC/ST मे केस दर्ज होना यह सब कुछ इतना एक साथ हो रहा है तो कही न कही शक जाता है कि यह सारी टूलकिट लग रही है। जिसका एकमात्र टारगेट बिहार इलेक्शन में स्वर्ण और दलितों के वोट को तोड़ना है।
क्योंकि मिश्रा जी आदि पर अगर कार्रवाई होती है तो स्वर्ण वोट नाराज होगा और अगर इस कार्रवाई को रोका जाए तो दलित वोट नाराज होगा
बिहार इलेक्शन के बाद इनमें से कोई भी मुद्दा नहीं दिखेगा
आज मैं 100 ऐसे राष्ट्रवादी भाई बहनों से जुड़ूँगा जो रात दिन शोसल मीडिया पर धर्म और राष्ट्र के प्रचार प्रसार व लड़ाई में लगे हैं …
नोट— कांग्रेसी, जिहादी, वामपंथी दूर रहे …
जिन राष्ट्रवादी भाई बहनो को फॉलो बैक नहीं मिला जय श्री राम लिख कर अपना हैंडल कमेंट करें ।।
जय श्री राम