X पर हम ने जिसे फालों किया है अपनी स्वेच्छा से किया या उनके लेखों व विचारों से प्रभावित होकर फालो कर रहां हूं।
लेकिन प्रश्न उन लोगों से है खासकर ब्लू टिक वालों से जो पहले तो हमें फालो करते हैं जैसे हम उन्हें फालोबैक करते हैं तो वो हमें अनफालों कर देते हैं।
ऐसा क्यों???
-देश के छात्रों व युवाओं केे आन्दोलन के चलते आज केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिये जाने का फैसला उचित, जो यह पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता। साथ ही, हमारी पार्टी केन्द्र सरकार से यह भी अपेक्षा करती है कि जिन पुलिसकर्मियों ने जन्तर-मन्तर पर शान्तिमय ढंग से प्रदर्शन कर रहे निहत्ते लड़के व लड़कियों पर बरबर्तापूर्वक लाठी, डन्डों आदि से चोट पहुँचायी है जिससे ये बड़ी संख्या में गम्भीर रूप से घायल हुए, उनपर सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिये।
-और ख़ास तौर से जिन पुरूष पुलिसकर्मियों ने लड़कियों के साथ बेहूदा व शर्मनाक बदसलूकी की और बल प्रयाग किया, उनको चिन्हित करके, उनके खिलाफ अनुशासनिक एवं क्रिमनल केस चला कर सख़्त से सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की जानी चाहिये, जिससे कि भविष्य में इस तरह की घिनौनी हरकत करने की कोई हिम्मत ना कर सके।
- इसके साथ-साथ, सरकार को आन्दोलन कर रहे छात्रों व युवाओं के ख़िलाफ जो भी FIR या complaint दायर की गई है, उन सभी को वापस ले लिया जाये, जिससे इनको आगे चलकर थानों व कोर्ट कचहरी के चक्कर ना काटने पड़े और इस वजह से उनका भविष्य भी ख़राब ना हो, जिससे फिर देश में सौहार्दपूर्ण वातावरण बन सके।
- साथ ही मेरा सभी आन्दोलनकारियों से यह कहना है कि वो इस मामले में किसी भी पार्टी को उनके इस संघर्ष का राजनीतिकरण ना करने दें तथा अपने भविष्य को भी ख़राब ना होने दें।
आज सुबह जब मैं उठा, तो देखा कि मेरे पास लखीमपुर खीरी में दलित नाबालिग बेटियों के साथ दुष्कर्म के दो मामले आए हैं, जिनमें शाकिब, महबूब एवं लाखन आरोपी हैं।
खबर पढ़ते ही मन द्रवित हो गया। मैंने अपने प्रयास से
इसकी पुष्टि की तो सूचना सच निकली। इसके बाद मैं इन पर कार्रवाई करवाने के प्रयास में लग गया, और दरिंदों पर शासन एवं प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील करते हुए दो लंबे-लंबे पोस्ट किए। फिर समाज के कई युवा साथी इस घटना पर आवाज उठाने लगे।
थोड़ी ही देर में बसपा के सांसद रामजी गौतम सर का फ़ोन आया और उन्होंने मामले का पूरा विवरण पूछा। चूँकि मामला दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) का था, इसलिए पीड़िता की निजता के चलते पुलिस ने अधिक जानकारी साझा नहीं की थी। मेरे पास सिर्फ दोनों घटनाओं के थाना क्षेत्र, आरोपियों के नाम और कुछ खबरों के लिंक्स थे। मैंने वे सभी सांसद जी को भेज दिए और उन्हें बताया कि मैं अभी तक इतनी ही जानकारी जुटा पाया हूँ।
गौतम सर ने कहा कि आप चिंता मत कीजिए। हम वहाँ लोकल यूनिट से बात करके पूरा अपडेट निकलवाते हैं और त्वरित कार्रवाई करवाते हैं। थोड़ी ही देर में बसपा के ज़िम्मेदार पदाधिकारियों ने मुझे कॉल करके अपडेट दिया। फिर उन्होंने स्वयं मामले की पूरी जानकारी ली, प्रशासन से संपर्क करके सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराई और मुझे इससे अवगत कराया। दोनों मामलों में FIR दर्ज हो गई है, और एक आरोपी मोहम्मद महबूब को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। दूसरे मामले में भी कार्रवाई लगातार जारी है।
आपका बहुत-बहुत साधुवाद सर! आपके सहयोग से समाज की इन बच्चियों को जल्दी न्याय मिल सकेगा। बसपा के अन्य सभी पदाधिकारी अगर इसी तरह सक्रिय रहें और अपने कार्यों का सोशल मीडिया पर भी अपडेट देते रहें, तो मुझे पूर्ण विश्वास है कि पार्टी के खिलाफ जो झूठा नैरेटिव गढ़ा गया है, उसे आसानी से तोड़ा जा सकता है। बसपा का संगठन गाँव-गाँव में मौजूद है। हमें बस उनके इन सराहनीय कार्यों का प्रचार-प्रसार करना है, ताकि समाज में कहीं भी हमारी बहन-बेटियों पर अन्याय या अत्याचार हो, तो बिना कोई हुड़दंगई किए पार्टी इसी तरह क़ानूनी व कागज़ी कार्रवाई को अमल में लाकर न्याय सुनिश्चित कर सके।
लफंगों द्वारा संचालित चंदू भीड़ आर्मी का नाम लेना छोड़ दे तो ये सभी सोशल मीडिया से एक हफ्ते में खत्म हो जाएंगे
ग्राउंड पर इनका कोई वजूद नहीं सिवाए लोगो से पीटने छीतने के अलावा इनका कोई वीडियो ना मिले !
इन कीड़ों को ऑनलाइन जिंदा ही #BSP समर्थकों ने गालियां दे दे कर रखा हुआ है !
सहारनपुर की धरती से उठी इंकलाब की यह गूंज निश्चित ही सपा और भाजपा की जुगलबंदी को धूल चटा देगी. साथ ही इस गूंज से मूंछों पर ताव देकर युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वाले चमचों का नशा तो हमेशा के लिए उतर जायेगा.
#AkhileshYadav
समाजवादी पार्टी मीटिंग अगर शांति से निपटानी हो तो 3T फॉर्मूला लागू होगा 2 नचनिया,1 नट, व नागिन डांस अनिवार्य है !
अगर सपाई ऐसी बैठा दिए तब कोई अब्दुल्ला पिटेगा जरूर 3 यादवों पर FIR होगी, सपाई नेत्री अगवा मिलेगी !
इनकी पार्टी मीटिंग कोई और खबर तो आती हो तो बताओ ?
प्रश्न : कोंग्रेस का अध्यक्ष कौन है?
उत्तर : Mallikarjun Kharge
प्रश्न : राहुल गाँधी क्या है?
उत्तर : नेता प्रतिपक्ष
प्रश्न : दोनो में कौन बड़ा है जो सैद्धान्तिक रूप से गठबंधन करने का निर्णय लेगा?
उत्तर : Mallikarjun Kharge अध्यक्ष के तौर पर
प्रश्न : श्री अखिलेश यादव को Birthday की बधाई खड़के जी व राहुल ने दी। केवल राहुल के लिए विशेष लेख लिखा और पीडीए फलाना ढिलकाना, साथ आएंगे, हराएंगे जैसी कथा लिख दी। लेकिन साथ आएंगे या नही के लिए खड़के जी को क्यो नही लिखा?
उत्तर : यह ही तो हमारा आंदोलन है। एससी को पद पर बैठा एओ। power न दो। एग्जीक्यूटिव पावर न दो। केवल दिखाने के लिए। इससे समाज का क्या लाभ होगा?
अखिलेश सहित सभी को पता है कि भारत मे एससी को प्रतिनिधित्व दिखाने के लिए पद पर बैठा जरूर दिया लेकिन उनके पास ऐसी कोई एग्जीक्यूटिव निर्णय लेने को क्षमता नही है।
इसलिए अखिलेश ने चुनाव के दौर में पार्टी के अध्यक्ष की जगह उनके नेता प्रतिपक्ष को महत्व दिया।
हम जब तक एग्जीक्यूटिव पावर नही लेंगे। समाज का कोई लाभ नही है। बाबा साहब को भूख हड़ताल रूप से विवश करके गाँधीजी ने पूणा पैक्ट में हमसे यह ही छीना है, बाबा साहब की माँग पर हमें भी दो मत का अधिकार मिल रहा था, जिसमे एक मत से एग्जीक्यूटिव पावर रखने वाले सांसद संसद में जाते। जो गाँधीजी की कृपा दृष्टि से नही हो सका।
आज रिजर्व शीट पर एससी का हाल देख लीजिए। कोंग्रेस, भाजपा, सपा के एससी सांसदों का मुंह बंद रहता है।
इसलिए मान्यवर कांशीराम साहब कहते थे कि हमे;
"इस देश का शासक बनकर लेने वाला नही बल्कि देने वाला समाज बनना है"
विकास कुमार जाटव
@BhimArmyChief तुम अपने इन सुवरों को अपने बाड़े में बांधकर रखों जो कि चारो तरफ इतना गंध मचाये हुए है, यदि ये तुम्हारे पालतु सुवर गंध मचाना बंद नहीं किये तो अंजाम बुरा हो सकता है।
बसपा का जितना प्रचार एससी बहुजन युवा अपना नेट खर्च करके कर रहे है, उतने के लिए भाजपा कोंग्रेस सपा कम से के सैकड़ो करोड़ रुपया खर्च कर देते।
इसमे एससी समाज के लेखक, वीडीओ बनने वाले, यूटूबर्स का भी काफी योगदान है। जो अपने दम पर यह सभी कर रहे है।
बसपा व बहुजन मिशन के प्रति समर्पित इन सभी युवाओ को धन्यवाद।
लेकिन देखा जा रहा है कि बसपा के प्रत्याशी इन दलित युवाओ को प्रोत्साहन देने की जगह उन्हें प्रोत्साहन दे रहे है जिनकी रिच न तो एससी समाज मे है ओर न ही उन्हें बहुजन मिशन से कुछ लेना देना है।
इसलिए प्रत्याशियो को या तो किसी को प्रोत्साहन न दे, अगर दे रहे है तो उन एससी समाज के युवाओ को प्रोत्साहन दे जो बेचारे रैली के लिए 500 किलोमीटर से आकर एक होटल के कमरे में 5 से 7 रुकते है। इसलिए कम से कम इनके रहने और खाने की व्यवस्था जरुर करे।
इन्ही की बात एससी वर्गों में सुनी जाती है। किसी अन्य की नही।
जय भीम। जय भारत। जय बसपा।
विकास कुमार जाटव
@Mayawati@AnandAkash_BSP
अयोध्या में श्रीराम मन्दिर से चढ़ावे की हुई चोरी, ग़बन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आएदिन क़िस्म-क़िस्म की आ रही ख़बरें अति-गम्भीर व चिन्तनीय। ऐसे लोग क़तई भी बख़्शे नहीं जाने चाहिये, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं।
साथ ही, अब यहाँ मन्दिर में श्रद्धा के चढ़ावे आदि में आगे कोई भी शिकायत ना आये, इसके लिए देश के दूसरे विख्यात व प्रसिद्ध मन्दिरों में चढ़ावे आदि के हिसाब-किताब के लिए जो वहाँ व्यवस्था है तो उनका यहाँ अयोध्या में भी अनुशरण करके इस प्रकरण को जल्दी ही सुलझाना चाहिये तो यह उचित होगा।
इतना ही नहीं बल्कि देश में राजनीति का अपराधीकरण व अपराध का राजनीतिकरण तथा धर्म का राजनीतिकरण एवं राजनीति का अंध धर्मीकरण ना किया जाये तो यह सही व संवैधानिक होगा, ऐसी बी.एस.पी. की राजनीतिक पार्टियों को देश व जनहित में सलाह और साथ ही देशवासियों से भी यह अपील।
बहुजन समाज पार्टी दलितों की हत्याओं पर राजनीति नहीं करती, बल्कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ती है।
बहुजन समाज पार्टी कभी भी हुड़दंग नहीं मचाती और न ही युवाओं को किसी भी हुड़दंग के लिए उकसाती है।
बहुजन समाज पार्टी के अम्बेडकरनगर में काफी बड़ी रैली हुई। यह जिला स्तर की रैली थी, लेकिन इतनी भारी भीड़ थी कि सड़के जाम हो गयी।। अब इससे नींद उड़ना लाजमी था। सपा व अन्य ने भाई चन्द्रशेखर के पदाधिकारियो को पुश किया जिससे वो दो दिन से;
"मंच पर ब्राह्मण द्वारा शंख बजाने पर हाय हाय कर रहे है"
अरे भाई। मान्यवर कांशीराम साहब कहते थे कि;
"हम लेने वाला नही बल्कि देने वाला समाज बनाएंगे"
यह केवल एक नारा नही बल्कि पुरी परिभाषा को प्रदर्शित कर रहा है। जिसमे;
"ब्राह्मण नेता अब चाहे कॉग्रेस हो या भाजपा का वो हाथ जोड़कर जय भीम आपके मंच से वोट लेने के उद्देश्य से कह सकता है। बसपा वोट के लिए मंच से ब्राह्मण से शँख काहे नही बजवा सकती"
प्रश्न : क्या बसपा दलित नेता स्वयं बजा रहे है?
उत्तर : नही। बसपा वैसे भी "मानवतावादी" सिद्धान्त पर चलती है। जिसमे दूसरे की भावनाओ की कद्र करती है। इसलिए दुसरो को बजाने देते है। उनकी भावनाओं की कद्र कर रहे हैं । क्या बसपा को वोटो के लिए इसे नही करना चाहिए?
जबकिं चन्द्रशेखर स्वयं मुस्लिम टोपी पहनकर व झंडी लेकर निकल पड़ते है।
अब चन्देशखर की पार्टी न तो राज्य स्तर पर रजिस्टर्ड है क्योंकि वोट कंही 200, कंही 500 मिले थे। लेकिन उनका पूरे दिन में एकमात्र टारगेट;
"बसपा, बसपा और केवल बसपा रहती है"
बसपा ने जितना अचीव किया, वो भाई चन्द्रशेखर का है। उन्हें इससे बढ़कर सपा व कोंग्रेस, भाजपा पर हमले करना चाहिए।
विकास कुमार जाटव
यूपी की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेन्टर में आज दोपहर बाद हुई अग्निकाण्ड में अनेक लोगों की मौत तथा और भी कई लोगों के घायल हो जाने की घटना अति-दुखद। इस प्रकार की जानलेवा घटनायें दिल को दहलाने वाली होती हैं तथा कितने ही परिवार की उम्मीदों को बिखेर देती हैं। ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिये सबको मिलकर सही से काम करने की ज़रूरत है। सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा।
एक बेटी को उंसके पिता AC ट्रैन स समझा रहे है कि सामने की ट्रेन में बैठे यात्री से आप कितना different है। आप पढाई करेंगे, आगे बढ़ेंगे तो ऐसी जिंदगी ही जी सकते है जैसे अब जी रहे है।।।
ठीक है। यह तरीका अपने बच्चे को समझने का हो सकता है।।
लेकिन यह सरकार-रेलवे की नाकामी है कि यह बेचारे जो चढ़ने की जगह बैठे है इन लोगो ने भी टिकट लिया है। टिकट में शीट पर बैठने का इसके पास अधिकार है। लेकिन रेलवे इन्हें भेड़ बकरी बनाने के लिए टिकट तो दे रही है लेकिन शीट नही। रेलवे उतने टिकट क्यो जांरी नही करती जितनी समान्य डब्बे में शीट होती है।
भारत मे जनता भेड़ बकरी समझी जाती है। रेलवे ट्रैन व डिब्बो की सँख्या क्यो नही बढ़ाती?
विकास कुमार जाटव
बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारियों के मद्देनज़र जब से अपरकास्ट समाज और उसमें से ख़ासकर ब्राह्मण समाज को, उनके बी.एस.पी. में जुड़ने को ध्यान में रखकर, पार्टी का उम्मीदवार बनाना शुरू कर दिया है, तब से सभी विरोधी पार्टियों में व ख़ासकर समाजवादी पार्टी में उनकी नींद उड़ा देने वाली बेचैनी देखने को मिल रही है, जो कि सन् 2007 की तरह ब्राह्मण समाज के योगदान से बी.एस.पी को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जैसा ही इस बार के आगामी चुनाव परिणाम के रिपीट होने की संभावना के तहत् स्वाभाविक ही प्रतीत होता है।
वैसे भी यह सर्वविदित है कि यूपी जैसे विशाल आबादी वाले प्रदेश में अपरकास्ट में से ख़ासकर ’ब्राह्मण समाज का हित बी.एस.पी. में ही सुरक्षित है’, जिस अपनी इस ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त, नीयत व नीति को बहुजन समाज पार्टी ने पहले पार्टी स्तर पर अमल करके और फिर सरकार बनने पर भी उन्हें भरपूर आदर-सम्मान के साथ-साथ उन्हें हर स्तर पर पूरी-पूरी भागीदारी देकर यह साबित भी कर दिया है, जबकि दूसरी पार्टियों की सरकारों में इस वर्ग के लोग पिछले काफी समय से अपने आपको काफी उपेक्षित, असुरक्षित व ठगा हुआ भी महसूस कर रहे हैं।
इतना ही नहीं बल्कि ’ब्राह्मण समाज द्वारा सामाजिक भाईचारा के आधार पर बी.एस.पी. से जुड़ने की इनकी तैयारियों को ध्यान में रखकर इन्हें पार्टी उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया जारी है तथा इन्हें बी.एस.पी. की आयरन लेडी नेतृत्व पर पूरा यह यक़ीन भी है कि बी.एस.पी. की सरकार बनने पर उन्हें पहले की तरह ही हर स्तर पर भरपूर आदर-सम्मान ज़रूर दिया जायेगा, जो कि इनकी वास्तविक चिन्ता व दूसरी पार्टियों से मुँह मोड़ने का कारण है।
इसके साथ ही, अपरकास्ट में से क्षत्रिय, वैश्य आदि व अन्य समाज के लोगों को भी उनकी बी.एस.पी. से जुड़ने की तैयारी अर्थात् ’जिसकी जितनी तैयारी उसकी उतनी भागीदारी’ के आधार पर चुनाव में उम्मीदवार भी ज़रूर बनाया जायेगा, जिसकी तैयारी हर स्तर पर लगातार जारी है।
बी.एस.पी., दूसरी पार्टियों की तरह कुछ लोगों को ’लॉलीपाप’ थमाने की संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति नहीं करती है बल्कि पूरे समाज के हित व कल्याण की चिन्ता करना अपना संवैधानिक कर्तव्य समझती है और इसीलिये बी.एस.पी. की नीति व कार्यक्रम जनहित व जनकल्याण तथा अपराध नियंत्रण व क़ानून व्यवस्था के मामले में भी देश व जनहित में बेहतरीन होते हैं।
यह निशु आजाद है। मेने कई बार कहा है कि विवाद से बचकर हमे अपने कार्य करने है।
आज इनके पिताजी को जंतर मंतर पर कई लोगो ने शायद पिट दिया है जैसा पता लग रहा है।
पहले भी हम लोगो ने पुलिस को टैग करके शिकायत करी थी जब इन्हें कुछ फ्रिंज एलिमेंट गालिया दे रहे थे।
अम्बेडकरवादी समाज के लोग इसका साथ दे। बाकी इनके पिता को अपनी इन बच्च्ची को सकारात्मक तौर से आगे बढ़ाना चाहिए।।
विकास कुमार जाटव
भीम आर्मी की कार्यकर्ता इस बच्ची के बाप को किसी ने पीट दिया तीन जगह से सिर फाड़ दिया कोई मदद कर सकता हो तो कर दियो प्राथमिक मदद पहुंच गई !
भाई मेरे पास फोन आया अर्थिक और मेडिकल हेल्प मैने तुरंत करवाई बाकी लीगल हेल्प जो संभव हो में बाद में कर दूंगा !
उम्मीद करता हूं मेरे से पहले चंद्रशेखर खुद इसकी मदद करने पहुंचेगा!!
किसी दलित का कॉन्टेंट क्रिएटर बनने में और कुछ भी बकवास करने में फर्क है, आपकी बकवास अक्षमीय होगी इतना भूल से भी भूल मत जाना ,
बसपा के खिलाफ कुछ बोलोगे तब भी बसपाई आगे बढ़ के मदद करते है पर हर कोई बसपाई जैसा तो नहीं होता कुछ भी बोलो सब बर्दाश्त कर लेंगे !
मैने 10 सामाजिक लोगो को फोन फोन किया सभी इस लड़की की मदद के लिए सोचा भी नहीं सीधा निकल गए, आप किसी भी दल के समर्थक सही अगर आपके साथ हिंसा हुई तो में आपके साथ हूं, नमस्ते !
#Baba_Manish
चन्द्रशेखर संघर्षशील है। लेकिन इस संघर्ष में समाज किस दिशा में जा रहा है। यह काफी महत्वपूर्ण है। उन्हें समझना चाहिए कि उनके कारण समाज मे परिपक्व युवाओ की फौज की जगह नौशिखिया युवाओ की फौज खड़ी हो रही है। जबकिं बाबा साहब, मान्यवर व बहनजी, बाबू जगजीवन राम जी व रामविलास पासवान जी जैसे महापुरुषों के कारण समाज मे बुद्धिजीवी, परिवक्व, युवा वर्ग पैदा हुआ, जिसके कारण उनमे बहस व समस्या से लड़ने की योग्यता विकसित हुई। जिससे समाज मे सामान्य से लेकर हर पक्ष से बराबर का बहस करने वाले वाला बुद्धिजीवी वर्ग पैदा हुआ। इसलिए ही कभी अछूत जातीयो को अब महत्व मिल रहा है।।
1.नए नवेले लड़के इस बात से खुश हो जाते है कि चन्द्रशेखर ने फलाना अधिकारी को हड़का दिया।।अरे भाई प्रशासन ही भारत मे वो जरिया है जिसके कारण शोषित, वंचित समाज को सुरक्षा मिल सकती है।
बहनजी ने प्रशासन को कभी धमकियां नही दी। लेकिन जब पावर हाथ मे आई उसी प्रशासन को उनके कर्तव्य याद दिलवाए। डीएम को हड़काकर वीडीओ नही बनवाई, बल्कि उंसि डीएम को उस शोषित, वंचित एरिया में समस्या पूछने के लिए भेजा, जिस समाज मे डीएम को राजा माना जाता था।
2.अब यह कोई संचित जाटव है। चन्द्रशेखर का खाश व कट्टर अनुयाई। जबसे चन्द्रशेखर के सम्पर्क में आया यह शोषित समाज की समस्याओं को उजागर करने से ज्यादा इस्लाम का प्रचार कर रहा है। चन्द्रशेखर को मुस्लिम ने वोट देकर जितवा दिया, इसलिए इसके अंदर मुस्लिम बनने के लिए गुण विकसित हो रहे है, ठीक है स्वयं बन जाओ, लेकिन जो सँघर्ष करने वाले एससी युवा है उनको भी भृमित कर रहा है।
3.बहुजन आंदोलन में अल्पसंख्यक से लेकर सभी वर्गों धर्मो के हित सुरक्षित रखने का मूल लक्ष्य निर्धारित है। मुस्लिम की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना, उन्हें इसे मानने के लिए स्वतंत्र होना व आसानी से इसे निभाने के लिए सुविधाएं देने के हक में है।
4.लेकिन अनुसुचित जाति वर्ग के लिए इस्लाम में कन्वर्ट होना, उंसके मूल व्यवहार के विपरीत है। आप इससे समझिए कि;
संचित जाटव के पूर्वज को "मुगलों तक ने" इस्लाम अपनाने नही दिया जबकिं आसानी से कन्वर्ट हो सकते थे।
कारण?
"अछूत जातिया होने की वजह से"
सच्चर कमेटी की रिपोर्ट बताती है कि;
"केवल 16 लाख ऐसे मुस्लिम की पहचान हुई जिन्होंने इस्लाम कबूल किया। भारत मे 20 करोड़ मुस्लिम है। उसका 1 प्रतिशत से भी कम अनुसुचित जातिया है । यह भी वो है जो पिछले 150 साल में बने है। उससे पहले अछूत वर्गों के लिए इस्लाम मे दरवाजे बंद थे। बन्द थे इसलिए ही मुस्लिम में।मात्र 1 प्रतिशत से कम एससी है"
5.संचित जाटव को समझना चाहिए कि;
"भारत मे अनुसुचित जातीयो को पहला मानव अधिकार अंग्रेजी व्यवस्था ने तब दिया जब उन्हें सेना में शामिल किया। देश मे 800 साल मुस्लिम राज रहा है, उसमे एससी की स्तिथि क्यो नही सुधरी?"
बल्कि एससी की 60% जनसँख्या रखने वाली चमार जाति अछूत ही गुलाम वंश से मुगल काल के बीच मे बनी, उससे पहले गुरु रविदास जी जैसे महापुरुष ज्ञानी इस संसार को मिले। अनुसुचित जातीयो की जड़ बौद्ध सभ्यता के काफी नजदीक है।।
6.इसलिए बाबा साहब ने इसपर काफी विस्तार से अधयन्न करके लिखा है। बाबा साहब ने इसी कारण से बौद्ध धर्म स्वीकार किया।
चन्द्रशेखर को अपने समर्थको के व्यवहार पर नजर रखनी चाहिए। उन्हें कैडर देना चाहिए। उनमे मूर्खता के जो गुण विकसित हो रहे है, उंसके लिए वो जिम्मेदार है।
विकास कुमार जाटव।
मेरा जन्म जब हुआ। उससे पहले ही मान्यवर साहब मेरे घर आकर जा चुके थे। मेरा बड़ा भाई मान्यवर से जुड़ गया था। बचपन अम्बेडकरवादि माहौल में गुजरा। जब पिताजी बसपा के कार्यक्रम में उंगली पकड़कर ले जाते थे तब वँहा लगे स्टाल में बाबा साहब के फोटो के साथ साथ सँविधान की प्रतियां भी होती थी।।
बसपा भारत ही नही बल्कि दुनिया की एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसके कार्यक्रमो में उंसके देश के सँविधान की कॉपी मिलती है।।
2006 में बकायदा रवीश कुमार ने इसपर विशेष कार्यक्रम किया था यह कहकर की बसपा पहली ऐसी पार्टी है जिसके कार्यक्रम में आपको सँविधान मिलेगा। लोग खरीदते थे।
इस बन्धु ने पूछा कि सँविधान की कॉपी आम लोगो के हाथों में किसने दी।
मेने उत्तर दिया कि जब चन्द्रशेखर भाई प्राइमरी में थे तब बसपा ने अपने स्टाल में उसे उपलब्ध करवाकर आम लोगो के घरों तक पहुचाया।
क्या गलत कहा?
यह बेचारा इस बात से इतना दुःखी हुआ कि मुझे भाजपा आईटी सेल का सदस्य बता रहा है।
कोई लॉजिक है इस बात का।
☺️😊☺️😊😊😊