जब भी कोई "चोटी" और "जनेऊ" को देखता है तो उनके मन में एक धारणा होती है कि ये ब्राह्मण है, और कई तो पूछ भी लेते है कि आप ब्राह्मण हो क्या?
लेकिन उन्हें जब पता चलता है कि ये जाट, गुर्जर, यदुवंशी, सैनी, बनिया, क्षत्रिय, वाल्मीकि, वनवासी तो वो पूछते है दूसरे कास्ट होकर "चोटी" क्यों रखते हो?
अब यहाँ एक सवाल खड़ा होता है!
क्या आप कभी किसी सरदार जी से पूछते हो कि "पगड़ी" क्यो बांधते हो?
किसी मौलाना से पूछते हो "टोपी" क्यों पहनते हो?
किसी ईसाई से पूछते हो यीशु का लोकेट क्यों पहनते हो?
सोच विचार कर देखिए आज कितने हिन्दू चोटी रखते है? कितने जनेऊ पहनते है?
कितने वेद, शास्त्र, उपनिषद, दर्शन, रामायण, महाभारत, सत्यार्थ प्रकाश, गीता आदि ग्रन्थ पढ़ते है?
हमारे पतन का कारण हम स्वयं है!
समाज में मुश्किल से कुछ प्रतिशत लोग है जो अपनी पहचान बनाए हुए है! उन्हें भी लोग अलग ही नजरिए से देखते है!
किसी अन्य को दोष देने से बेहतर है अपने आप मे सुधार करें, अपनी आने वाली पीढ़ी को संस्कारित करें। उन्हें मानवता का पाठ पढ़ाए अपने धर्म और संस्कृति को और ज्यादा गहराई से जानने के लिए अपने आस-पास के मंदिरों में जाएं वहां होने वाली गतिविधियों में भाग ले और अपने श्रेष्ठ ऋषियों-महर्षियों की विद्या यानी वेद विद्या को जानकर अपनी महान सनातन संस्कृति को अपनाएं
जयश्रीराम..!..🙏🏻❤️🚩
एक सवाल मन में है की मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM को किन युवाओं ने कॉल पर 2016 वाली नियोजन नीति पर सहमति दी थी। क्योंकि झारखंडी युवा इस नीति के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं।
तेलपीयाल पैनवा कहां है रे छुटवा
#60_40_नाय_चलतो@ExamsFighters
हेमंत सरकार सउब ले बगरा सोसन युवा मन कर संगे कइर हय।
पहिले 5 लाख नउकरी कर वादा कइर के सत्ता पालय आउर नियुक्ति कर बरिस वाला झूठो बोललय।
जब हियाँ ले इकर मन नि भरलक तब जान- बुइझ के असंवैधानिक नियोजन नीति बनालय आउर हियाँ कर पढुवइया युवा मन कर तीन बछर बरबादो करलय।
#60_40_नाय_चलतो
कोयला चोर, पत्थर चोर, बालू चोर, दारू चोर, ट्रांसफ़र चोर, जल, जंगल, ज़मीन चोर!
#60_40_नाय_चलतो की आवाज़ के साथ बेरोज़गारों का ये सब स्लोगन आपको भले अच्छा लगता हो हेमंत सोरेन जी, देश-दुनियाँ के लोग आपके और झारखंड के बारे में क्या सोचते-कहते होंगे? कभी अकेले में बैठ कर सोचियेगा।